Kal Ka Mausam: दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट, IMD की चेतावनी जारी
कल का मौसम, 12 मई: भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम एक साथ कई रंग दिखा रहा है. एक तरफ जहां दक्षिण भारत और बंगाल की खाड़ी के आसपास चक्रवाती गतिविधियां तेज हो गई हैं, वहीं उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, आज 11 मई 2026 को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में, उत्तरी श्रीलंका तट के पास एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. अगले 48 घंटों में इस सिस्टम के और अधिक मजबूत होने की संभावना है, जिसका सीधा असर देश के तटीय और मैदानी इलाकों पर पड़ेगा.
दिल्ली और आसपास के इलाकों में आंधी-बारिश का अनुमान
राजधानी दिल्ली में कल मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा. सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और दोपहर के बाद आसमान पूरी तरह बादलों से ढक सकता है. दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है. इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा 33 से 35 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, जो सामान्य से थोड़ा कम होगा. हालांकि, नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है.
यूपी और बिहार में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, बिजनौर और अमरोहा जैसे पश्चिमी जिलों में अगले तीन दिनों तक तेज हवाओं और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 15 मई के बाद प्रदेश में गर्मी एक बार फिर प्रचंड रूप धारण करेगी और तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है. उधर बिहार में बारिश के कारण लोगों को तपती धूप से राहत मिली है. पटना सहित गया और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. बादलों की मौजूदगी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन को सुकून मिला है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में लू का खतरा
एक तरफ बारिश का दौर है, तो दूसरी तरफ राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोग भीषण लू का सामना करने के लिए तैयार रहें. राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 17 मई तक हीटवेव का असर रहेगा. यहां रात के समय भी तापमान अधिक रहने की संभावना है. इसी तरह, मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में अगले चार-पांच दिनों तक गर्म हवाएं चलेंगी. दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा.
दक्षिण भारत और ओडिशा में भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. 14 से 17 मई के बीच केरल में अत्यधिक वर्षा हो सकती है. वहीं, ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर दिखेगा. मयूरभंज समेत 21 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है. ओडिशा के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि आने वाले छह दिनों तक यहां मौसम खराब रहने वाला है.
पहाड़ों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि
पहाड़ी राज्यों का रुख करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम विभाग ने ओलावृष्टि की चेतावनी दी है. 12 और 13 मई को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश हो सकती है. खराब मौसम के चलते सैलानियों और स्थानीय लोगों को पहाड़ों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. पंजाब और हरियाणा में भी 15 मई तक धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का डर बना हुआ है.
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भारत के पास किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त उर्वरक भंडार है: शीर्ष अधिकारी
नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। उर्वरक विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को बताया कि मध्य पूर्व संकट के बीच भी भारत की उर्वरक सुरक्षा मजबूत और स्थिर बनी हुई है। सरकार ने घरेलू उत्पादन और आयात बढ़ाकर यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रमुख श्रेणियों में किसानों की जरूरतों से अधिक उर्वरक उपलब्ध रहे।
देश में वर्तमान में 199.65 लाख मीट्रिक टन का पर्याप्त भंडार है, जो मौसमी मांग के 51 प्रतिशत से अधिक को पूरा करता है। यह इस समय के सामान्य बफर स्तर (लगभग 33 प्रतिशत) से काफी अधिक है। उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह बेहतर अग्रिम भंडारण और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को दर्शाता है।
हाल ही में आए संकट के बाद, घरेलू उत्पादन और आयात में तेजी से वृद्धि की गई है, जिससे कुल उपलब्धता में लगभग 97 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि अकेले घरेलू उत्पादन का योगदान 76.78 एलएमटी था, जबकि भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने वाले आयात का हिस्सा 19.94 एलएमटी था।
उन्होंने कहा कि मांग चरम पर पहुंचने के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय उर्वरक कंपनियों ने 12 एलएमटी डीएपी, 4 एलएमटी टीएसपी और 3 एलएमटी अमोनियम सल्फेट के लिए संयुक्त वैश्विक निविदाएं शुरू की हैं। इसके अतिरिक्त, 5.36 एलएमटी अमोनिया और 5.94 एलएमटी सल्फर सहित कच्चे माल के लिए निविदाएं प्रक्रियाधीन हैं।
सरकार ने यह भी पुष्टि की कि एसओएच के बाहर से प्राप्त लगभग 7 एलएमटी एनपीके के मई और जून के दौरान भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।
किसानों के लिए बड़ी राहत की बात है कि सरकार ने प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में कोई बदलाव नहीं किया है। उर्वरक विभाग यूरिया और फास्फोरस एवं पोटेशियम उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता की नियमित रूप से समीक्षा कर रहा है और आपूर्ति श्रृंखला में तरलता बनाए रखने के लिए साप्ताहिक आधार पर सब्सिडी बिलों का भुगतान कर रहा है।
उपलब्धता संबंधी चुनौतियों से निपटने और किसानों को बिना किसी रुकावट के किफायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह ने अब तक आठ बैठकें की हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
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