Responsive Scrollable Menu

Iran War पर घिरे Netanyahu, बोले- USA को 'आसान जीत' का भरोसा कभी नहीं दिलाया

ईरान युद्ध के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद, बार-बार युद्धविराम के प्रयास विफल होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव वैश्विक चिंताओं पर हावी रहने के बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका को यह विश्वास दिलाया था कि ईरान के साथ युद्ध आसान होगा और तेहरान में सत्ता परिवर्तन को गति दे सकता है। एक टेलीविज़न साक्षात्कार में नेतन्याहू ने ज़ोर देकर कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही जोखिमों के बारे में चेतावनी दी थी। मेजर गैरेट के साथ बातचीत के दौरान सीबीएस के '60 मिनट्स' कार्यक्रम में, नेतन्याहू से न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के बारे में पूछा गया, जिसमें ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों से कुछ दिन पहले, 11 फरवरी को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई चर्चाओं का वर्णन किया गया था। 

इसे भी पढ़ें: Iran के खतरे के बीच 'घोस्ट मोड' में तेल टैंकर! Strait of Hormuz पार करने के लिए अपनाई जा रही नई रणनीति

सिचुएशन रूम में हुई चर्चा पर नेतन्याहू का बयान

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने यह जताते हुए ज़ोरदार प्रचार किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन की अपार संभावना है और अमेरिका-इजरायल के समन्वित अभियान से अंततः इस्लामी गणराज्य का पतन हो सकता है। इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि नहीं। यह वास्तव में गलत है... यह इस मायने में गलत है कि मैंने कहा, ओह, ठीक है, यह निश्चित है कि हम ऐसा कर सकते हैं,' इत्यादि।  इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई चर्चा में अनिश्चितता हमेशा से एक अहम मुद्दा रही है। नेतन्याहू ने कहा कि मैंने तो इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया, बल्कि हम दोनों इस बात पर सहमत भी हुए कि इसमें अनिश्चितता और जोखिम दोनों शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई में खतरे तो होते हैं, लेकिन निष्क्रियता उससे भी बड़ा खतरा है। उन्होंने सीबीएस को बताया, “कार्रवाई करने में खतरा है, लेकिन कार्रवाई न करने में उससे भी बड़ा खतरा है।

इसे भी पढ़ें: किसी बड़े संकट के संकेत! PM Modi का 'राष्ट्रव्यापी अपील': एक साल तक सोना न खरीदें, वर्क-फ्रॉम-होम को फिर अपनाएं

होर्मुज रणनीति पर सवाल

संचालक ने फिर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के उस हिस्से का जिक्र किया जो होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित था, जो वैश्विक तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू और उनकी टीम ने निश्चित जीत” की ओर इशारा करते हुए तर्क दिया था कि ईरानी शासन इतना कमजोर हो जाएगा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने में सक्षम नहीं रहेगा। नेतन्याहू ने अधिक सतर्क लहजा अपनाते हुए कहा, मुझे नहीं लगता कि हम इसका सटीक आकलन कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि जैसे-जैसे लड़ाई आगे बढ़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य की समस्या समझ में आने लगी… यह समझ में आ गई। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक उपयोग को शुरुआत में गलत समझा गया था”, तो नेतन्याहू ने किसी भी खुफिया विफलता को स्वीकार करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन नहीं है कि इसे गलत समझा गया था। लेकिन आप जानते हैं, ईरान के लिए ऐसा करना बहुत बड़ा जोखिम है… मैं पूर्ण दूरदर्शिता का दावा नहीं करता, और किसी के पास भी पूर्ण दूरदर्शिता नहीं होती। न ही ईरानियों के पास थी।

Continue reading on the app

दक्षिण कोरिया- यूएस के शीर्ष रक्षा अधिकारियों की बैठक, 'युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल’ ट्रांसफर और होर्मुज पर होगी बात

वाशिंगटन, 11 मई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के शीर्ष रक्षा अधिकारी सोमवार को वाशिंगटन में महत्वपूर्ण वार्ता करने वाले हैं। इस बैठक में अमेरिका से दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल (ओपीसीओएन) सौंपने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और दक्षिण कोरिया की परमाणु-संचालित पनडुब्बियां हासिल करने की योजना पर चर्चा होगी।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आह्न ग्यु-बैक अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता पिछले वर्ष हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठकों और दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुए समझौतों के आधार पर ओपीसीओएन हस्तांतरण और परमाणु पनडुब्बियों से जुड़े अगले कदमों पर विचार करेंगे।

दक्षिण कोरिया ने हाल ही में जांच के आधार पर स्पष्ट किया कि 4 मई को होर्मुज में दक्षिण कोरिया संचालित मालवाहक जहाज में हुए धमाके और आग की वजह दो अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट से हमला था। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।

दक्षिण कोरिया की सरकार 2030 में समाप्त होने वाले राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के कार्यकाल से पहले ओपीसीओएन वापस लेने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ही 2028 तक यह हस्तांतरण पूरा करना चाहती है।

हालांकि, इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद के संकेत भी मिले हैं। अमेरिका फोर्सेज कोरिया के कमांडर जनरल जेवियर ब्रनसन ने हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस में कहा था कि दोनों देश 2029 की पहली तिमाही तक ओपीसीओएन हस्तांतरण की आवश्यक शर्तें पूरी करने का लक्ष्य रख रहे हैं।

दक्षिण कोरिया ने 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान अपने सैन्य बलों का ऑपरेशनल कंट्रोल अमेरिका के नेतृत्व वाले संयुक्त राष्ट्र कमांड को सौंप दिया था। 1994 में उसने शांतिकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल वापस ले लिया, लेकिन युद्धकालीन नियंत्रण अब भी अमेरिका के पास है।

तीन चरणों वाली रूपरेखा के तहत ओपीसीओएन हस्तांतरण के लिए आवश्यक शर्तों में दक्षिण कोरिया के पास संयुक्त (कोरिया-अमेरिका) बलों का नेतृत्व करने की क्षमता, उसकी मिसाइल और वायु रक्षा क्षमता के साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण का अनुकूल होना शामिल है।

पिछले वर्ष हुई वार्षिक सिक्योरिटी कंसल्टेटिव मीटिंग में दोनों देशों ने ओपीसीओएन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज करने के लिए रोडमैप तैयार करने और तीन चरणों वाले कार्यक्रम के दूसरे हिस्से के प्रमाणीकरण पर सहमति जताई थी।

बैठक में होर्मुज में हुए जहाज हमले पर भी चर्चा की संभावना है। इस घटना के बाद दक्षिण कोरिया मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों में अपनी भूमिका पर पुनर्विचार कर सकता है।

अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने के लिए नौसैनिक सहायता देने का अनुरोध किया है। दक्षिण कोरिया फिलहाल “मैरीटाइम फ्रीडम कंस्ट्रक्ट” (एमएफसी) नामक अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन में शामिल होने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।

रविवार को सोल ने कहा कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए “हर संभव कदम” उठाएगा और एमएफसी में शामिल होने के प्रस्ताव की “गहन समीक्षा” कर रहा है।

इसके अलावा, बैठक में दक्षिण कोरिया की परमाणु-संचालित पनडुब्बियां बनाने की योजना पर भी चर्चा होगी। पिछले वर्ष अक्टूबर में राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ शिखर वार्ता में इस दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति दी थी, लेकिन अब तक ज्यादा प्रगति नहीं हुई है।

वाशिंगटन रवाना होने से पहले रक्षा मंत्री आह्न ने कहा कि उन्हें रणनीतिक पनडुब्बियों को लेकर बातचीत में प्रगति की उम्मीद है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परमाणु-संचालित पनडुब्बियों पर पहली औपचारिक बैठक इस वर्ष की पहली छमाही समाप्त होने से पहले हो सकती है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

वेल्डिंग करने वाले की बेटी का T20 वर्ल्डकप में हुआ सिलेक्शन, ताऊ ने कहा- पिता का सपना अब जाकर हुआ पूरा

saharanpur News: WPL में धमाल मचा चुकीं सहारनपुर की बेटी नंदिनी शर्मा का सिलेक्शन अब वर्ल्ड कप में हो गया है, जिसके बाद उनके गांव में खुशी की लहर है. गांव में रहने वाले उनके ताऊ ने बताया कि नंदिनी बचपन से ही काफी होनहार खिलाड़ी है और उसके सिलेक्शन के बाद से गांव में खुशी की लहर है. Mon, 11 May 2026 13:45:47 +0530

  Videos
See all

फिल्मी स्टाइल में मां- बेटी को घर से उठा ले गए बदमाश | MP | Shivpuri | Viral Video #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-11T08:17:22+00:00

Sanatan संस्कृति को पराजित नहीं किया जा सकता -CM योगी | #somnath #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-11T08:15:25+00:00

32 लाख वोटों का अंतर या चुनावी प्रयोग? बंगाल SIR पर उठे बड़े सवाल ! Bengal Elections Results |AajTak #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-11T08:11:46+00:00

बंगाल CM Suvendhu Adhikari का 17 सेंकेड का ये वीडियो क्यों है VIRAL? #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-11T08:11:58+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers