IPL 2026 RCB vs MI Live Score: आज रायपुर में होगी बेंगलुरु और मुंबई की भिड़ंत, थोड़ी देर में शुरू होगा मुकाबला
IPL 2026 RCB vs MI Live Score: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का 54वां मुकाबला आज डेबल हेडर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा. दोनों टीमें रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगी. बता दें कि इस सीजन आरसीबी 2 मैचों की मेजबानी रायपुर में करेगी. आरसीबी पहला मैच आज मुबंई के साथ खेलेगी. जबकि दूसरा मैच 15 मई को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ इस मैदान पर खेलेगी. आईपीएल 2026 में आरसीबी ने शुरुआत को अच्छा किया था, लेकिन RCB को पिछले 2 मैचों में लगातार हार मिली है. ऐसे में आज बेंगलुरु की टीम मुंबई को हराकर जीत की पटरी पर उतरना चाहेगी. वहीं मुंबई इंडियंस प्लेऑफ से लगभग बाहर है, मगर आज मुंबई इंडियंस की टीम इस सीजन आरसीबी से मिली अपनी हार का बदला लेने के इरादे से उतरेगी. दोनों टीमों के बीच आज कड़ी टक्कर देखने को मिलने वाली है.
छिंगहाई-शीत्सांग जैविक जर्मप्लाज्म संसाधन बैंक ने शुरू किया खुला डेटा साझाकरण
बीजिंग, 10 मई (आईएएनएस)। चीनी विज्ञान अकादमी के पश्चिमोत्तर पठार जीवविज्ञान संस्थान से प्राप्त जानकारी के अनुसार, छिंगहाई-शीत्सांग पठार जैविक जर्मप्लाज्म संसाधन बैंक, जो विश्व स्तर पर अद्वितीय उच्च-ऊंचाई और ठंडी जलवायु वाला विशिष्ट जर्मप्लाज्म मंच है, ने आधिकारिक तौर पर गैर-वर्गीकृत डेटा साझाकरण शुरू कर दिया है, जो अनुपालन करने वाले घरेलू संस्थानों को जर्मप्लाज्म संसाधन उपलब्ध कराता है और पठार की जैव विविधता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय पारिस्थितिक अनुसंधान सहयोग को लगातार बढ़ावा देता है।
छिंगहाई-शीत्सांग पठार को “पृथ्वी का तीसरा ध्रुव” भी कहा जाता है। यह क्षेत्र अनेक दुर्लभ और विविध प्रजातियों का प्राकृतिक भंडार है और पृथ्वी के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण जीन बैंक माना जाता है। अब तक छिंगहाई-शीत्सांग पठार जैविक जर्मप्लाज्म संसाधन बैंक में 1 लाख से अधिक जर्मप्लाज्म संसाधन, 7 लाख से अधिक जैविक नमूने और 100 टीबी से अधिक जीनोमिक डेटा संरक्षित किया जा चुका है। यह बैंक पठार क्षेत्र की दुर्लभ प्रजातियों के लिए एक महत्वपूर्ण “जीन भंडार” बन गया है।
संस्थान के शोधकर्ता चांग फाछी के अनुसार, इस जर्मप्लाज्म बैंक का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना, लुप्तप्राय पौधों का संरक्षण करना और पठार क्षेत्र की अनूठी आनुवंशिक सामग्री को सुरक्षित रखना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह संस्थान पाकिस्तान और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के साथ संयुक्त संरक्षण अनुसंधान कर रहा है। साथ ही, रूस, ब्राजील और अन्य देशों के अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से वैश्विक उच्च-ऊंचाई जर्मप्लाज्म संरक्षण नेटवर्क के निर्माण को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि संसाधनों और डेटा साझाकरण को और मजबूत किया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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