ईरानी अधिकारी का अमेरिका को चेतावनी, ‘ईरान का संयम खत्म, यूएस के खिलाफ जा रहा समय’
तेहरान, 10 मई (आईएएनएस)। एक तरफ होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिकी तेल टैंकरों-जहाजों पर हमले जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच धमकियों और चेतावनियों का सिलसिला भी चल रहा है। ताजा मामले में ईरानी संसद के विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा कि आज से तेहरान का संयम खत्म हो गया है।
प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हमारे जहाजों पर किसी भी हमले का ईरान अमेरिकी जहाजों और बेस पर भारी और निर्णायक जवाब देगा। समय अमेरिकियों के हितों के खिलाफ जा रहा है। उनके लिए यही अच्छा है कि वे बेवकूफी न करें और जिस दलदल में वे फंस गए हैं, उसमें और न डूबें। सबसे अच्छा तरीका है कि वे आत्मसमर्पण कर दें और रियायतें दे दें। आपको नए क्षेत्रीय ऑर्डर की आदत डालनी होगी।”
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सेना के प्रवक्ता अकरमी निया ने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी बैन लागू करने वाले किसी भी देश को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में जरूर मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। अकरमी निया ने यह भी कहा कि जंग में दुश्मन का कोई भी मकसद पूरा नहीं हुआ और ईरान का राजनीतिक सिस्टम नहीं बिगड़ा है।
उन्होंने आगे कहा, “बल्कि, देश के अंदर एकता और मेलजोल मजबूत हुआ, जिसे हम अभी भी सड़कों पर लोगों की मौजूदगी से देख सकते हैं। दुश्मन ने देखा कि वह सच में इस विरोध को तोड़ नहीं सकते और आखिरकार उसे सीजफायर मानने के लिए मजबूर होना पड़ा।”
निया ने आगे कहा कि चल रहे सीजफायर के दौरान, ईरान ने अपनी सेना और क्षमताओं को मजबूत किया, अपने टारगेट बैंक को अपडेट किया और अपनी डिफेंसिव और ऑफेंसिव स्थिति को ठीक किया।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जल्दी से समझौता करने की चेतावनी दी थी। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में मरीन वन में सवार होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा, मुझे आज रात एक लेटर मिलने वाला है। देखते हैं क्या होता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या तेहरान जानबूझकर प्रक्रिया को धीमा कर रहा है, तो उन्होंने कहा, हमें जल्द ही पता चल जाएगा।
राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अगर बातचीत में रुकावट आती है तो वाशिंगटन अपना रुख और सख्त कर सकता है। उन्होंने कहा, अगर सब कुछ ठीक नहीं हुआ, तो हम दूसरा रास्ता अपनाएंगे। अगर चीजें नहीं हुईं तो हम प्रोजेक्ट फ्रीडम पर वापस जा सकते हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस होगा। मतलब, प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस में दूसरी चीजें भी होंगी।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान के पीएम शहबाज और कतर के प्रधानमंत्री अल थानी की फोन पर बात, मिडिल ईस्ट की हालात पर चर्चा
इस्लामाबाद, 10 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कतर के पीएम और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट में सकारात्मक बातचीत का समर्थन करने के लिए साझा प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है।
पीएम शहबाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, आज सुबह मुझे अपने भाई, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी का फोन आया, जिससे मुझे बहुत खुशी हुई। हमने बदलते इलाके के हालात पर अपने विचार शेयर किए और पूरे इलाके में हमेशा शांति, स्थिरता और अच्छी बातचीत को बढ़ावा देने के लिए चल रही सभी कोशिशों को समर्थन करने का अपना वादा दोहराया।
उन्होंने आगे कहा, मैंने अपने प्यारे भाई, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को उनकी समझदारी भरे नेतृत्व, बातचीत और कूटनीति के जरिए इलाके में शांति और स्थिरता लाने की पाकिस्तान की सच्ची कोशिशों को कतर के लगातार समर्थन के लिए दिल से शुक्रिया कहा। मैं अपने प्यारे भाई, कतर के अमीर के बहुत जल्द पाकिस्तान आने का इंतजार कर रहा हूं।
इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ऑफिस की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने इलाके में चल रही शांति की कोशिशों की समीक्षा भी की।
पाकिस्तानी पीएम ऑफिस ने दोनों देशों के बीच भाईचारे के गहरे संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने चल रही शांति की कोशिशों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी पार्टियों के बीच कंस्ट्रक्टिव एंगेजमेंट की अहमियत पर जोर दिया।
इसमें आगे कहा गया कि कतर के अमीर के दौरे से दोनों पक्षों को पाकिस्तान-कतर की हमेशा से चली आ रही साझेदारी को मजबूत करने और बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कतर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शेख मोहम्मद ने कहा कि कतर शांतिपूर्ण तरीकों से संकट खत्म करने के लिए पाकिस्तानी मध्यस्थता की कोशिशों को पूरा समर्थन करता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत में तरक्की से जुड़े सही हालात बनाने के लिए सभी पार्टियों को इन कोशिशों पर जवाब देना होगा। इससे एक बड़ा समझौता हो सकेगा ताकि इलाके में लगातार शांति बनी रहे।
बता दें, पीएम शहबाज और शेख मोहम्मद के बीच यह इस हफ्ते में दूसरी टेलीफोनिक बातचीत है। पाकिस्तानी पीएम के साथ बातचीत से पहले कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिका का दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ के साथ हुई थी।
रुबियो ने कहा कि उन्होंने कतर के डिफेंस के लिए अमेरिकी समर्थन पर चर्चा की। वहीं, कतर के विदेश मंत्री ने बताया कि तनाव कम करने के मकसद से पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर भी चर्चा हुई।
--आईएएनएस
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