Hantavirus Vs Norovirus: हंता वायरस या नोरोवायरस, कौन है सबसे ज्यादा खतरनाक? एक्सपर्ट्स से जानें दोनों के बीच का अंतर
Hantavirus Vs Norovirus: दुनिया भर में वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. हाल ही में नोरोवायरस और हंता वायरस को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है. दोनों ही वायरस तेजी से बीमारी फैलाने की क्षमता रखते हैं. हालांकि इनके लक्षण, फैलने का तरीका और शरीर पर असर बिल्कुल अलग होता है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर इन दोनों में से ज्यादा खतरनाक कौन है. WHO के अनुसार, नोरोवायरस ज्यादा तेजी से फैलता है, जबकि हंता वायरस कम मामलों में दिखता है लेकिन यह ज्यादा जानलेवा साबित हो सकता है. चलिए जानते हैं कि एक्सपर्ट्स के अनुसार कौन सा वायरस ज्यादा जानलेवा माना जाता है.
क्या है नोरोवायरस?
नोरोवायरस एक बेहद संक्रामक वायरस है. यह पेट और आंतों को प्रभावित करता है. इसे अक्सर “स्टमक फ्लू” भी कहा जाता है. यह वायरस संक्रमित भोजन, गंदे पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है. नोरोवायरस का संक्रमण स्कूल, होटल, क्रूज शिप और भीड़भाड़ वाली जगहों पर तेजी से फैल सकता है. इसके मामले अक्सर सर्दियों में ज्यादा देखने को मिलते हैं.
नोरोवायरस के लक्षण
- उल्टी आना
- दस्त लगना
- पेट दर्द
- मतली
- कमजोरी
- हल्का बुखार
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह संक्रमण आमतौर पर 1 से 3 दिन में ठीक हो जाता है. लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह गंभीर हो सकता है.
क्या होता है हंता वायरस?
हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक संक्रमण है. यह मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृन्तकों से फैलता है. संक्रमित चूहों की लार, पेशाब या मल के संपर्क में आने से इंसान इसकी चपेट में आ सकते हैं. यह वायरस फेफड़ों और शरीर के दूसरे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. कई मामलों में मरीज की हालत तेजी से बिगड़ जाती है.
हंता वायरस के लक्षण
- तेज बुखार
- मांसपेशियों में दर्द
- सिरदर्द
- सांस लेने में दिक्कत
- थकान
- खांसी
अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज को गंभीर फेफड़ों का संक्रमण हो सकता है. कुछ मामलों में यह जानलेवा भी साबित होता है.
हंता वायरस और नोरोवायरस में अंतर
एक्सपर्ट्स की राय के अनुसार, नोरोवायरस तेजी से फैलने वाला वायरस है, लेकिन इसकी मृत्यु दर काफी कम होती है. अधिकांश लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं. वहीं हंता वायरस कम फैलता है, लेकिन इसका खतरा ज्यादा माना जाता है. कई रिपोर्ट्स में इसकी मृत्यु दर काफी अधिक बताई गई है. खासतौर पर अगर मरीज को समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि हंता वायरस के मामले कम जरूर हैं, लेकिन इसकी गंभीरता ज्यादा है. दूसरी ओर नोरोवायरस आम लोगों में अधिक फैलता है और बड़ी संख्या में लोगों को बीमार कर सकता है.
नोरोवायरस से बचने के उपाय
- खाना खाने से पहले हाथ धोएं
- साफ पानी का इस्तेमाल करें
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखें
- बाहर का खराब भोजन खाने से बचें
हंता वायरस से बचाव
- घर में चूहों को न पनपने दें
- गंदगी और कचरा साफ रखें
- चूहों के मल या पेशाब को बिना सुरक्षा के न छुएं
- सफाई करते समय मास्क और दस्ताने पहनें
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों वायरस को हल्के में नहीं लेना चाहिए. नोरोवायरस तेजी से फैलता है और बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित कर सकता है. वहीं हंता वायरस दुर्लभ होने के बावजूद ज्यादा गंभीर बीमारी पैदा करता है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि साफ-सफाई, मजबूत इम्यूनिटी और सावधानी ही इन संक्रमणों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है.
यह भी पढ़ें: HantaVirus: क्या है हंता वायरस और यह कितना खतरनाक है? जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय
(Disclaimer: इस खबर को सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
राजस्थान: कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत, दो महिलाओं की किडनी फेल होने से हड़कंप
कोटा, 10 मई (आईएएनएस)। राजस्थान के कोटा में प्रसूता महिलाओं की सेहत को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के बाद अब जेके लोन हॉस्पिटल में भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है, जबकि दो अन्य महिलाओं की किडनी फेल होने से चिकित्सा महकमे में चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, बूंदी जिले के सुवांसा गांव की रहने वाली प्रिया, पत्नी रोहित महावर, की शनिवार को जेके लोन अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी कराई गई थी। डिलीवरी के कुछ घंटों बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि प्रिया की शादी करीब दो साल पहले ही हुई थी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मृतका को पहले से हृदय संबंधी समस्या थी।
जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि मृत महिला पहले से हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित थी और उसे सीने में दर्द की शिकायत थी। चिकित्सकों द्वारा बेहतर उपचार दिए जाने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं आरती और पिंकी नामक दो प्रसूताओं की किडनी फेल होने की स्थिति सामने आई है। दोनों को यूरिन आना बंद हो गया था। आरती को शनिवार सुबह मेडिकल कॉलेज के न्यू हॉस्पिटल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में भर्ती कराया गया था, लेकिन दोपहर बाद हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। वहीं, रात में पिंकी को भी एसएसबी रेफर किया गया, जहां जयपुर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है।
अधीक्षक ने आगे कहा कि फिलहाल दोनों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रसूताओं की किडनी फेल होने के कारणों को लेकर पूरा मेडिकल विभाग चिंतित है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि ऐसी स्थिति किन कारणों से उत्पन्न हो रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में भी दो महिलाओं की मौत और छह महिलाओं की किडनी फेल होने के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से दो गंभीर मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
--आईएएनएस
पीएसके
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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