अमेरिका ने एआई पहुंच को दिया बढ़ावा, सुरक्षा जोखिमों पर जताई चिंता
वाशिंगटन, 9 मई (आईएएनएस)। अमेरिका चाहता है कि भारत समेत दक्षिण और मध्य एशिया के देशों को दुनिया की बेहतरीन तकनीक मिले और वे किसी विरोधी देश पर निर्भर न रहें। इसी दिशा में अमेरिका भारत के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहयोग को तेजी से बढ़ा रहा है। यह बात अमेरिका के विदेशी विभाग अधिकारी ने कही है।
अमेरिकी विदेश विभाग उप सहायक सचिव बेथानी मॉरिसन ने यूएस-इंडिया एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक का फायदा सीधे लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि क्षेत्र के देशों को उच्च स्तर की तकनीक मिले और उसका इस्तेमाल समाज के विकास और लोगों के बेहतर जीवन के लिए हो।
मॉरिसन ने कहा कि एआई बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए इसके इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम और सुरक्षा व्यवस्था भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक का पूरा लाभ लेने के लिए खुलापन, सुरक्षा और आपसी तकनीकी तालमेल पर ध्यान देना होगा। साथ ही ऐसे देशों पर निर्भरता से बचना होगा जो विरोधी सोच रखते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी एआई तकनीक और उससे जुड़ी कार्यप्रणालियों को दुनिया तक पहुंचाना चाहता है। यह अमेरिका की उस बड़ी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अमेरिकी एआई तकनीक का वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रहा है।
मॉरिसन ने कहा, “एआई भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान है और यह अमेरिकी सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स से तैयार हो रहा है।” उन्होंने इसे तकनीकी नवाचार में अमेरिका की मजबूत स्थिति का उदाहरण बताया।
साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की भागीदारी भी एआई क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक भारत और अमेरिका की साझेदारी दोनों देशों के लिए वास्तविक परिणाम दे रही है।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच निवेश तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय कंपनियां अमेरिका के तकनीकी ढांचे में बड़ा निवेश कर रही हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियां भारत में अपने कारोबार और तकनीकी गतिविधियां बढ़ा रही हैं। मॉरिसन ने कहा कि ये आधुनिक और प्रभावशाली निवेश भारत और अमेरिका दोनों समाजों पर बड़ा असर डालेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि एआई सिर्फ डिजिटल तकनीक नहीं है, बल्कि इसके लिए मजबूत भौतिक ढांचे की भी जरूरत होती है। इसमें डाटा सेंटर, चिप, तार और बिजली जैसी चीजें शामिल हैं। इसलिए मजबूत और सुरक्षित सप्लाई चेन बेहद जरूरी है।
मॉरिसन ने कहा कि अमेरिका और भारत मिलकर सुरक्षित और भरोसेमंद एआई सप्लाई चेन तैयार करने पर काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में तकनीकी मजबूती बनी रहे।
उन्होंने इस दौर को भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए बेहद अहम बताया। मॉरिसन ने कहा कि तकनीकी प्रगति और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर अमेरिका काफी उत्साहित है और आने वाले समय में अवसरों की कोई कमी नहीं है।
--आईएएनएस
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अक्षर पटेल ने सरेआम इसे ठहराया KKR से मिली हार का जिम्मेदार, बोले- 'उन्होंने काफी गलती की...'
Axar Patel Statement After Loss Against KKR: दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल 2026 का 51वां मुकाबला खेला गया. इस मैच में डीसी को केकेआर ने उसके घर में 8 विकेट से धूल चटाई. इस हार के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल काफी निराश नजर आए. उनका मानना है कि टीम बोर्ड पर पर्याप्त स्कोर नहीं लगा पाई और स्पिनरों की गलतियों को अक्षर ने हार का असली कारण माना. आइए जानते हैं अक्षर पटेल ने मैच गंवाने के बाद क्या-क्या कहा...
अक्षर पटेल ने किसपर फोड़ा हार का ठीकरा?
DC VS KKR मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने 142 रन बोर्ड पर लगाए थे. इस लक्ष्य को अक्षर ने 15वें ओवर की दूसरी गेंद पर ही हासिल कर लिया और दिल्ली को 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. इस करारी हार का जिम्मेदार अक्षर पटेल ने अपने स्पिनर्स को माना.
अक्षर पटेल ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, "मुझे लगता है कि रन उम्मीद से काफी कम थे और साथ ही स्पिनरों ने भी काफी गलतियां कीं. पिच की कंडीशन को देखते हुए, मुझे लगता है कि स्पिनरों ने गलतियां कीं. लेकिन साथ ही, अगर आप ध्यान दें, तो हमने दो-तीन ओवरों में पांच विकेट गंवा दिए और मुझे लगता है कि यहीं से हमारी लय बिगड़ गई. शायद हमें इस बारे में सोचने की जरूरत है क्योंकि सीएसके के खिलाफ भी ऐसा ही हुआ था, हमने अच्छी शुरुआत की थी और फिर अचानक विकेट गिरने लगे."
दबाव झेलने की है जरूरत
केकेआर के साथ खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए. पुथुम निसंका के अलावा कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका और टीम 20 ओवरों में 142 रन ही बोर्ड पर लगा पाई.
तो अब आप इसे कैसे सुलझाएंगे? इस सवाल के जवाब में अक्षर पटेल ने कहा, "देखिए, इसे जटिल तरीके से नहीं सुलझाया जा सकता. जब आशुतोष और मैं बल्लेबाजी कर रहे थे, तो हम सोच रहे थे कि अगर हमने वहां कोई गलती की, तो अगले बल्लेबाज के लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी. इसलिए मुझे लगता है कि यह सही मानसिकता अपनाने के बारे में ज्यादा है. भले ही आप एक या दो विकेट खो दें, आप क्रीज पर समय बिता सकते हैं और खेल सकते हैं. मुझे लगता है कि यही करने की जरूरत है, जब विकेट एक साथ गिर रहे हों, तो आपको एक या दो ओवर तक दबाव झेलना होगा."
अगले साल के लिए बनाएंगे स्ट्रैटजी
अब आप बचे हुए मैचों के लिए कैसे तैयारी करेंगे? इसके जवाब में अक्षर ने कहा, "फिलहाल हम पीछे मुड़कर देखेंगे और अपनी गलतियों पर विचार करेंगे. उसके बाद, जाहिर है, अभी लंबा सफर बाकी है और अगला साल भी आएगा. इसलिए हम अगले साल के लिए योजनाएं बनाने और रणनीति तय करने के बारे में सोचेंगे. इसके आधार पर, हम बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को भी देखेंगे और तय करेंगे कि किसे मौका दिया जा सकता है और क्या बदलाव किए जा सकते हैं."
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