अमेरिकी लॉमेकर्स ने उठाया बड़ा कदम, चीन को संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों के पास जमीन खरीदने से रोकने के लिए नया विधेयक पेश
वाशिंगटन, 8 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी लॉमेकर्स के एक ग्रुप ने चीन और अन्य विरोधी देशों की ओर से अमेरिका की कृषि भूमि और संवेदनशील सैन्य व बुनियादी ढांचा स्थलों के पास संपत्ति खरीदने पर कड़े प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा को लेकर वाशिंगटन में बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है।
दरअसल, चीन पर बनी विशेष समिति के अध्यक्ष जॉन मूलेनर ने विरोधी देशों से अमेरिकी कृषि भूमि और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा से जुड़ा विधेयक पेश किया था। हालांकि, कुछ दलों के लॉमेकर्स ने अमेरिकी सड़कों पर चीनी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून लाने की योजना की घोषणा की।
मूलेनर ने कहा, खाद्य सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है और हम चीन जैसे विरोधी देशों को अपने सबसे संवेदनशील सैन्य और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा स्थलों के पास अमेरिकी कृषि भूमि खरीदने की अनुमति नहीं दे सकते।
उन्होंने कहा कि यह कानून कमियों को दूर करेगा और विरोधी देशों को जमीन खरीदने से रोकेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह ट्रंप प्रशासन की अमेरिका फर्स्ट निवेश नीति और अमेरिकी कृषि विभाग की फार्म सुरक्षा कार्य योजना को भी लागू करेगा।
प्रस्तावित कानून अमेरिका में विदेशी निवेश पर समिति (सीएफआईयूएस) के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करेगा, ताकि चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से जुड़ी संस्थाएं रियल एस्टेट डील्स की समीक्षा की जा सकें। इसके तहत उच्च जोखिम वाले रियल एस्टेट लेनदेन की नई श्रेणी बनाई जाएगी, जिसमें कृषि भूमि, बंदरगाह, दूरसंचार ढांचा और सैन्य एवं खुफिया प्रतिष्ठानों के पास की संपत्तियां शामिल होंगी।
यह विधेयक संवेदनशील स्थलों की परिभाषा का भी विस्तार करता है, जिसमें सैन्य प्रतिष्ठान, नासा केंद्र, एयरपोर्ट, समुद्री बंदरगाह, डेटा सेंटर, फाइबर ऑप्टिक नोड्स, क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधाएं और महत्वपूर्ण संचार बुनियादी ढांचा शामिल हैं। विधेयक के अनुसार, उच्च जोखिम वाले लेनदेन को तब तक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक अनसुलझा जोखिम माना जाएगा, जब तक कि उन्हें एक उच्च-मानक समीक्षा प्रक्रिया के माध्यम से मंजूरी न मिल जाए।
इस विधेयक को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों ने समर्थन दिया है। इनमें प्रतिनिधि जोश गॉटहाइमर, जिमी पैनेटा और माइक थॉम्पसन शामिल हैं। दोनों पार्टियों के सांसदों ने लगातार यह तर्क दिया है कि रणनीतिक क्षेत्रों में चीन से जुड़े निवेश, अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और आपूर्ति शृंखलाओं में कमियों को उजागर कर सकते हैं।
इसके साथ ही, मूलेनर और कांग्रेस सदस्य डेबी डिंगेल ने अमेरिकी सड़कों पर चीनी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक अलग कानून पेश करने की योजना की घोषणा की। सांसदों ने एक संयुक्त बयान में कहा, अमेरिकी सड़कों पर चलने वाला हर वाहन एक चलता-फिरता डेटा संग्रह उपकरण है, जो वास्तविक समय में स्थान, आवाजाही, लोगों और बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी जुटाता है और हम चीनी वाहनों या उनके पुर्जों को इस प्रणाली का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं दे सकते।
गौरतलब है कि यह प्रस्ताव ऐसे समय लाया गया है, जब वाशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय सुरक्षा और ताइवान को लेकर व्यापक तनाव पहले से बना हुआ है।
--आईएएनएस
डीसीएच/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका-ईरान में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में गिरावट
मुंबई, 8 मई (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान में तनाव बढ़ने के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स 212.58 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,631.94 और निफ्टी 93 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,233.65 पर था।
शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजारों में गिरावट देखी गई। ऑटो और बैंकिंग शेयर कमजोरी का नेतृत्व कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी ऑटो, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी पीएसई और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी फार्मा और निफ्टी आईटी हरे निशान में थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 76 अंक या 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61,926.35 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 8 अंक की मामूली तेजी के साथ 18,701 पर था।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, भारती एयरटेल, सम फार्मा, इंडिगो और टीसीएस गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और टाटा स्टील लूजर्स थे।
अमेरिका-ईरान में तनाव के चलते ज्यादातर एशियाई बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, जकार्ता और सोल लाल निशान में थे। केवल बैंकॉक हरे निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स में 0.63 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में 0.13 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई।
जानकारों ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और बढ़ाने का सिलसिला जारी है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस संकट के बीच एक महत्वपूर्ण बाजार ट्रेंड यह है कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कुछ बाजार बेहद अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ अन्य का प्रदर्शन खराब है। दक्षिण कोरिया और ताइवान इस वर्ष के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले देश हैं, जिन्होंने क्रमशः 71 प्रतिशत और 40 प्रतिशतका रिटर्न दिया है। इस रिटर्न कुछ एआई शेयरों का बड़ा योगदान है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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