क्रूज शिप पर हंटावायरस का खतरा, WHO ने दी सफाई- कोरोना जैसी महामारी को लेकर जानें क्या कहा
अटलांटिक महासागर में चल रहे एक क्रूज शिप पर फैले हंटावायरस संक्रमण ने दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, WHO (World Health Organization) ने साफ किया है कि मौजूदा स्थिति को कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है. WHO का कहना है कि इस वायरस के फैलने का खतरा फिलहाल सीमित है और आम जनता के लिए जोखिम 'लो' यानी कम बना हुआ है.
क्या है पूरा मामला?
डच फ्लैग वाले क्रूज शिप MV Hondius पर हंटावायरस के कई मामले सामने आए हैं. जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू में अब तक कई लोग संक्रमित या संदिग्ध पाए गए हैं, जबकि तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक जहाज ने अप्रैल की शुरुआत में अर्जेंटीना से यात्रा शुरू की थी और बाद में दक्षिण अटलांटिक क्षेत्र में संक्रमण फैलने की आशंका सामने आई.
WHO के अनुसार, जहाज पर पाए गए मामलों में “एंडीज स्ट्रेन” नाम का दुर्लभ हंटावायरस शामिल हो सकता है. यह वही स्ट्रेन है जिसमें बेहद सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की क्षमता देखी गई है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए बहुत करीबी संपर्क जरूरी होता है.
कोरोना जैसी स्थिति क्यों नहीं?
WHO ने स्पष्ट किया है कि हंटावायरस, कोविड-19 की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है. यह सामान्यतः संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क से फैलता है। इंसानों के बीच संक्रमण के मामले बेहद दुर्लभ माने जाते हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 की तरह हंटावायरस में बड़े पैमाने पर सामुदायिक संक्रमण की संभावना नहीं दिख रही है. WHO और यूरोपियन हेल्थ एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
यात्रियों की निगरानी शुरू
संक्रमण सामने आने के बाद कई देशों ने जहाज से लौटे यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू कर दी है. अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और अन्य देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां संभावित संपर्कों की ट्रैकिंग कर रही हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ मरीजों को दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड में इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया है. वहीं जहाज को लेकर स्पेन और कैनरी आइलैंड्स प्रशासन ने भी विशेष स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू किए हैं.
कितना खतरनाक है हंटावायरस?
हंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जो फेफड़ों और श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया शामिल हैं. गंभीर मामलों में मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है. फिलहाल इसका कोई विशेष इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. WHO ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि फिलहाल यह स्थिति नियंत्रण में है.
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वांग यी ने अमेरिकी सिनेटर्स के प्रतिनिधि मंडल से भेंट की
बीजिंग, 7 मई (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को पेइचिंग में यात्रा पर आए स्टीव डाइन्स के नेतृत्व वाले अमेरिकी कांग्रेस के सिनेटर्स के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की।
वांग यी ने कहा कि यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पदग्रहण के बाद चीन की यात्रा करने वाला पहला अमेरिकी कांग्रेस की दो पार्टियों के सिनेटर्स का प्रतिनिधि मंडल है, जिसका अहम प्रतीकात्मक महत्व है। उम्मीद है कि आप लोग इस यात्रा से चीन के विकास के नए दृश्य देंखेंगे, संपर्क का नया पुल स्थापित करेंगे, सहयोग के नए क्षेत्र ढूंढेंगे और चीन-अमेरिका संबंध के स्थिर, स्वस्थ व सतत विकास में नई शक्ति डालेंगे।
वांग यी ने कहा कि चीन-अमेरिका संबंध दोनों देशों की जनता के कल्याण और वैश्विक परिस्थिति की स्थिरता से जुड़ा है। चीन अमेरिका के साथ दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की अहम समानताएं लागू करने को तैयार है ताकि चीन-अमेरिका संबंध सच्चे मायने में स्थिर और अच्छे हों।
वांग यी ने कहा कि हमें चीन-अमेरिका दोनों बड़े देशों के बीच सही बर्ताव का तरीका ढूंढ लेना चाहिए। इसकी कुंजी एक-दूसरे को सही दृष्टकोण से देखना है जो दोनों देशों के बीच संबंधों का पहले बटन को अच्छी तरह से लगाए जाने जैसा है। उम्मीद है कि अमेरिकी पक्ष वस्तुगत दृष्टि से चीन को देखेगा, चीन के केंद्रीय हितों का सच्चा सम्मान करेगा, मतभेदों का समुचित निपटारा कर एक साथ दोनों देशों और विश्व के लिए अधिकतर बड़े, ठोस और अच्छे काम करेगा और विश्व के प्रति अधिक सकारात्मक संकेत भेजेगा।
अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने चीन यात्रा का अनुभव और चीन-अमेरिका संबंध विकास पर अपने विचार साझे किए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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