जनता को मिली बड़ी सौगात, राजसमंद में करोड़ों के विकास कार्य शुरू, डिप्टी CM दिया कुमारी ने किया शुभारंभ
राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सांगठकलां में बुधवार को विकास कार्यों को लेकर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस समारोह में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 67.46 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. कार्यक्रम में करीब पांच हजार ग्रामीणों ने भाग लिया. उपमुख्यमंत्री के पहुंचने पर जेसीबी मशीनों से पुष्पवर्षा कर उनका जोरदार स्वागत किया गया. पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए. समारोह में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ और जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा उपस्थित रहे. इस दौरान क्षेत्र के विकास और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई.
सड़क परियोजना बनी सबसे बड़ी सौगात
समारोह में सबसे महत्वपूर्ण परियोजना सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की रही. लगभग 47.96 करोड़ रुपये की लागत से सांगठकलां से सहाड़ा गंगापुर तक सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण किया जाएगा. यह सड़क साकरोदा, सुन्दरचा, तासोल, खटामला और बिनोल गांवों से होकर गुजरेगी. इसकी कुल लंबाई करीब 28.90 किलोमीटर होगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. ग्रामीणों को आने-जाने में आसानी मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. लंबे समय से लोग इस सड़क के सुधार की मांग कर रहे थे.
पंचायत भवन और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान पुठोल गांव में 50 लाख रुपये की लागत से बने नए पंचायत भवन का उद्घाटन किया गया. इसके अलावा पसूंद, सापोल और एमड़ी क्षेत्रों में सड़क विकास कार्यों का भी लोकार्पण हुआ. शिलान्यास किए गए कार्यों में नई सड़कों का निर्माण, सांगठकलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन और सांगठ बांध एवं नहर के जीर्णोद्धार का कार्य भी शामिल है. इन परियोजनाओं पर करीब 5.11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन योजनाओं से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सिंचाई सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है.
सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र तक विकास पहुंचाना
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार गांवों और शहरों में समान विकास के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा और जरूरतमंद लोगों के सशक्तिकरण पर सरकार का विशेष फोकस है. उन्होंने बताया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. सरकार चाहती है कि हर गांव तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचे और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें.
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने क्या कहा?
राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य करवाए जा रहे हैं. उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी और लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने विकास कार्यों को लेकर खुशी जताई. लोगों का कहना था कि सड़क, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी योजनाएं क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी थीं. कई ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी बढ़ेंगे.
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कपूर परिवार का 30 हजार करोड़ का विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पूर्व CJI चंद्रचूड़ सुलझाएंगे सास-बहू की लड़ाई
Sunjay Kapur Property Dispute: दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति से जुड़ा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. ये मामला सिर्फ कपूर परिवार के अंदर की तनातनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें करीब 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति, कारोबार में हिस्सेदारी, शेयर होल्डिंग और कंपनियों के नियंत्रण जैसे बड़े मुद्दे जुड़े हुए हैं. लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए एक अलग रास्ता चुना है.
कोर्ट ने इस केस को मेडिएशन के लिए भेजा
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लेकर साफ कहा है कि ये कपूर परिवार का मामला है और इसे आपसी बातचीत से सुलझाना ज्यादा बेहतर होगा. इसी वजह से कोर्ट ने इस केस को मेडिएशन यानी मध्यस्थता के लिए भेज दिया है. इस फैसले के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या परिवार के सदस्य बातचीत के जरिए इस विवाद को खत्म कर पाएंगे या नहीं. इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा संजय कपूर की मां रानी (Rani Kapoor) और उनकी पत्नी प्रिया सचदेव (Priya Sachdev) के बीच चल रहे मतभेदों को लेकर हो रही है.
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ सुलझाएंगे लड़ाई!
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने साफ तौर पर कहा कि अदालत हर विवाद का अंतिम समाधान नहीं होती, कई बार रिश्तों को बचाने के लिए बातचीत ज्यादा जरूरी होती है. कोर्ट ने ये भी माना कि परिवार के मामलों में कानूनी लड़ाई अक्सर रिश्तों को और कमजोर कर देती है. इसी सोच के साथ अदालत ने देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया है. ये अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है, क्योंकि इतने बड़े और संवेदनशील विवाद में किसी अनुभवी और सम्मानित व्यक्ति की भूमिका काफी अहम हो जाती है.
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पक्षों की सार्वजनिक बयान देने और टिप्पणी करने से रोक
बता दें, कोर्ट ने सिर्फ मेडिएशन का आदेश ही नहीं दिया, बल्कि सभी पक्षों को सार्वजनिक बयान देने और सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने से भी रोक दिया है. अदालत का मानना है कि जब मामला बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश हो रही हो, तब सार्वजनिक बयान माहौल को और खराब कर सकते हैं. जिस तरह से आज के समय में सोशल मीडिया पर छोटी बात भी बहुत तेजी से फैलती है और कई बार विवाद को और बढ़ा देती है. ऐसे मामलों में बयानबाजी से गलतफहमियां भी पैदा होती हैं. सुप्रीम कोर्ट चाहता है कि बातचीत शांत माहौल में हो और परिवार के सदस्य बिना किसी दबाव के समाधान तक पहुंचें.
रानी कपूर की उम्र को देखते हुए जल्द फैसला
वहीं, इस पूरे मामले में एक और बात लगातार सामने आ रही है और वह है रानी कपूर की उम्र. दरअसल, कोर्ट ने पहले भी इस बात का जिक्र किया था कि उनकी उम्र को देखते हुए विवाद को जल्द खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए. आमतौर पर जब परिवार के बड़े सदस्य उम्रदराज हो जाते हैं तो परिवार के बाकी लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे आपसी मतभेद कम करें और रिश्तों को प्राथमिकता दें. लेकिन जब मामला बड़ी कारोबारी संपत्ति और अधिकारों से जुड़ जाता है तो हालात अक्सर जटिल हो जाते हैं. यही कारण है कि यह विवाद लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है.
बातचीत से भी निकल सकता है हल
अब इस हाई-प्रोफाइल विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह मेडिएशन का रास्ता चुना है, उससे लोगों के बीच ये मैसेज भी गया है कि हर लड़ाई का हल सिर्फ फैसले सुनाने से नहीं निकलता, बल्कि बातचीत और समझदारी से भी रास्ते बनाए जा सकते हैं. आने वाले दिनों में ये देखना दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट की ये कोशिश क्या सफल होती है और कपूर परिवार अपने विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कर पाता है या नहीं.
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