'इजरायल को भारतीय सेना के साथ अपने जुड़ाव पर गर्व है', ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच
मुंबई, 7 मई (आईएएनएस)। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर आईएएनएस के साथ खास बातचीत में मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने भारतीय सेना के जज्बे की सराहना की और कहा कि इजरायल को भारतीय सेना के साथ अपने जुड़ाव पर गर्व है।
रेवाच ने कहा, इजरायल को भारतीय सेना के साथ अपने जुड़ाव पर गर्व है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाली आक्रामक और रक्षात्मक क्षमताएं बनाईं। आतंकवाद फैलाने वालों को पता होना चाहिए कि उनके कामों की सजा मिलेगी, और जब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की बात आएगी तो इजरायल निश्चित रूप से भारत के साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने आगे कहा, इजरायल ने ईरान और हिज्बुल्लाह के साथ यह युद्ध नहीं चुना, लेकिन इजरायल को अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। कई सालों से, ईरानी सरकार ने उन प्रॉक्सी को फंड किया है जो इजरायल को घेरने और अलग-अलग दिशाओं से इजरायल पर हमला करने की कोशिश करते हैं।
रेवाच ने होर्मुज स्ट्रेट में ताजा हालात को लेकर कहा, हमें यह समझने की जरूरत है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी रूट में से एक है। ईरान की तरफ से इसे रोकने की कोई भी कोशिश असल में न सिर्फ खाड़ी देशों या इजरायल के लिए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल सप्लाई, अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था वगैरह के लिए भी खतरा है। इसलिए, दुनिया को यह समझना चाहिए कि हम अंतरराष्ट्रीय व्यापार रूट का इस्तेमाल पॉलिटिकल ब्लैकमेल के तौर पर मंजूर नहीं कर सकते।
अमेरिका से फाइटर जेट खरीदने की इजरायल की मंजूरी को लेकर कॉन्सुल जनरल यानिव रेवाच कहते हैं, सबसे पहले, नया एडवांस्ड फाइटर स्क्वाड्रन इजरायली एयर फोर्स की क्षमताओं को काफी समर्थन करेगा। ये एयरक्राफ्ट इजरायल को बेहतर रक्षा क्षमताएं, लंबी ऑपरेशन रेंज, और बेशक, हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी देते हैं।
उन्होंने अमेरिका-इजरायल संबंधों को लेकर कहा कि इजरायल और अमेरिका के बीच कई दशकों से बहुत खास और मजबूत संबंध हैं। हमने खासकर ईरान के साथ इस लड़ाई के दौरान देखा कि एयरस्ट्राइक, एयर फोर्स संयुक्त सहयोग और बेशक, इंटेलिजेंस के दूसरे मामलों में हमारा कितना मजबूत सहयोग रहा। हमारे प्रधानमंत्री नेतन्याहू और प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच करीबी संबंध हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि दोनों नेताओं और दोनों सेनाओं के बीच यह कनेक्शन बहुत जरूरी है और हमने देखा कि इस लड़ाई के दौरान यह कितना असरदार रहा।
यानिव रेवाच ने कहा कि ईरान के साथ इस लड़ाई के दौरान यूएई में पहला आयरन डोम सिस्टम लगाया गया था। हम सच में उम्मीद करते हैं कि उन दोनों देशों, भारत और इजरायल, के बीच डिफेंस मामलों में सहयोग के दूसरे पहलू भविष्य में भी जारी रहेंगे। हम जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान, यह उन मुद्दों में से एक था, जिस पर चर्चा हुई थी। भारत और इजरायल के बीच भरोसे और कॉमन इंटरेस्ट पर आधारित एक बहुत मजबूत पार्टनरशिप है। हम भविष्य में और भी ज्यादा सहयोग देखने की उम्मीद करते हैं, जिसमें भारत में मेक इन इंडिया के विजन भी शामिल हैं।
यानिव रेवाच ने कहा, बहुत सारी इजरायली कंपनियां हैं जो असल में यहां भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर अलग-अलग कामों को बढ़ावा देने के लिए काम करती हैं, चाहे वह रक्षा हो, सुरक्षा हो, पानी हो, या साइबर हो। तो, यह उन कॉन्ट्रैक्ट में से एक है जिस पर साइन किए गए थे। मुझे लगता है कि आखिर में, क्योंकि दोनों देशों की वैल्यू एक जैसी हैं, अगर आर्थिक या रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग होता है, तो यह दोनों तरफ से बहुत अच्छा है।
--आईएएनएस
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जनता को मिली बड़ी सौगात, राजसमंद में करोड़ों के विकास कार्य शुरू, डिप्टी CM दिया कुमारी ने किया शुभारंभ
राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सांगठकलां में बुधवार को विकास कार्यों को लेकर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस समारोह में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 67.46 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. कार्यक्रम में करीब पांच हजार ग्रामीणों ने भाग लिया. उपमुख्यमंत्री के पहुंचने पर जेसीबी मशीनों से पुष्पवर्षा कर उनका जोरदार स्वागत किया गया. पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए. समारोह में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ और जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा उपस्थित रहे. इस दौरान क्षेत्र के विकास और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई.
सड़क परियोजना बनी सबसे बड़ी सौगात
समारोह में सबसे महत्वपूर्ण परियोजना सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की रही. लगभग 47.96 करोड़ रुपये की लागत से सांगठकलां से सहाड़ा गंगापुर तक सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण किया जाएगा. यह सड़क साकरोदा, सुन्दरचा, तासोल, खटामला और बिनोल गांवों से होकर गुजरेगी. इसकी कुल लंबाई करीब 28.90 किलोमीटर होगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. ग्रामीणों को आने-जाने में आसानी मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. लंबे समय से लोग इस सड़क के सुधार की मांग कर रहे थे.
पंचायत भवन और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान पुठोल गांव में 50 लाख रुपये की लागत से बने नए पंचायत भवन का उद्घाटन किया गया. इसके अलावा पसूंद, सापोल और एमड़ी क्षेत्रों में सड़क विकास कार्यों का भी लोकार्पण हुआ. शिलान्यास किए गए कार्यों में नई सड़कों का निर्माण, सांगठकलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन और सांगठ बांध एवं नहर के जीर्णोद्धार का कार्य भी शामिल है. इन परियोजनाओं पर करीब 5.11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन योजनाओं से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सिंचाई सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है.
सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र तक विकास पहुंचाना
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार गांवों और शहरों में समान विकास के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा और जरूरतमंद लोगों के सशक्तिकरण पर सरकार का विशेष फोकस है. उन्होंने बताया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. सरकार चाहती है कि हर गांव तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचे और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें.
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने क्या कहा?
राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य करवाए जा रहे हैं. उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी और लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने विकास कार्यों को लेकर खुशी जताई. लोगों का कहना था कि सड़क, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी योजनाएं क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी थीं. कई ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी बढ़ेंगे.
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