Caffeine-Free Coffee: अब बिना कैफीन के नेचुरल तरीके से घर पर बनाएं कॉफी, आचार्य बालकृष्ण से जानें बनाने का तरीका
Caffeine Free Coffee: भारत में चाय और कॉफी पीने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सुबह की शुरुआत हो या काम के बीच थकान मिटानी हो, कई लोग कॉफी पीना पसंद करते हैं. लेकिन ज्यादा कैफीन का सेवन शरीर पर बुरा असर डाल सकता है. इससे नींद की समस्या, बेचैनी, सिरदर्द और तनाव बढ़ सकता है. ऐसे में अब लोग कैफीन-फ्री कॉफी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. यह स्वाद में भी अच्छी होती है और शरीर पर ज्यादा असर भी नहीं डालती. खास बात यह है कि आप इसे घर पर नेचुरल चीजों से आसानी से बना सकते हैं. हाल ही में आचार्य बालकृष्ण ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर बिना कैफीन वाली मेथी से बनी हेल्दी कॉफी बनाने का आसान तरीका और इसके फायदे के बारे में बताया है.
क्या होती है कैफीन-फ्री कॉफी?
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कैफीन-फ्री कॉफी ऐसी ड्रिंक होती है जिसमें सामान्य कॉफी की तुलना में बहुत कम या बिल्कुल कैफीन नहीं होता. इसे बनाने के लिए मेथी का इस्तेमाल किया जाता है. इसका स्वाद काफी हद तक कॉफी जैसा लगता है, लेकिन यह शरीर को ज्यादा उत्तेजित नहीं करती. जो लोग रात में कॉफी पीना पसंद करते हैं या जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, तनाव या नींद की परेशानी रहती है, उनके लिए यह अच्छा विकल्प माना जाता है.
घर पर कैसे बनाएं कैफीन-फ्री कॉफी?
1 चम्मच मेथी
1 चम्मच चिकोरी पाउडर
आधा चम्मच दालचीनी पाउडर
1 कप दूध या पानी
स्वादानुसार शहद या गुड़
आचार्य बालकृष्ण से जाने बनाने का तरीका
सबसे पहले एक पैन में पानी या दूध गर्म करें. अब इसमें मेथी डालें. इसे 3 से 4 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. इसके बाद इसमें थोड़ा दालचीनी पाउडर मिलाएं. जब अच्छी खुशबू आने लगे, तब गैस बंद कर दें. अब इसे छान लें और स्वाद के अनुसार शहद या गुड़ मिलाकर गर्मागर्म पिएं.
यह ड्रिंक स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को आराम भी देती है.
कैफीन-फ्री कॉफी पीने के फायदे
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, ज्यादा कैफीन लेने से नींद प्रभावित होती है. लेकिन कैफीन-फ्री कॉफी पीने से नींद पर असर कम पड़ता है. कुछ लोगों को कॉफी पीने के बाद बेचैनी महसूस होती है. बिना कैफीन वाली कॉफी शरीर को शांत रखने में मदद कर सकती है. जौ और चिकोरी जैसी चीजें पेट के लिए अच्छी मानी जाती हैं. इससे पाचन मजबूत हो सकता है. कम कैफीन लेने से दिल पर अतिरिक्त दबाव कम पड़ सकता है. इसलिए कई लोग इसे हेल्दी विकल्प मानते हैं.
किन लोगों के लिए बेहतर है यह ड्रिंक?
जिन्हें रात में नींद नहीं आती
हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
ज्यादा तनाव महसूस करने वाले लोग
कैफीन कम करना चाहने वाले लोग
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग
स्वाद बढ़ाने के लिए क्या मिलाएं?
अगर आप चाहें तो इसमें इलायची, कोको पाउडर या थोड़ा सा केसर भी मिला सकते हैं. इससे स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं. कुछ लोग इसे ओट मिल्क या बादाम दूध के साथ भी पीना पसंद करते हैं.
ध्यान रखने वाली बातें
हालांकि यह ड्रिंक सामान्य कॉफी से ज्यादा हल्की मानी जाती है, लेकिन किसी भी चीज का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है, तो पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. अगर आप कॉफी का स्वाद पसंद करते हैं लेकिन ज्यादा कैफीन से बचना चाहते हैं, तो घर पर बनी कैफीन-फ्री कॉफी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह स्वाद, सेहत और ताजगी तीनों का अच्छा मेल है. प्राकृतिक चीजों से तैयार यह ड्रिंक आपके रोजाना रूटीन का हेल्दी हिस्सा बन सकती है.
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दुनिया जिस डिजिटल बदलाव को लागू करना चाहती है, वह भारत में पहले से ही हो रहा है: क्वालकॉम सीओओ
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस) क्वालकॉम के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) आकाश पालखीवाला ने गुरुवार को कहा कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रहा, बल्कि एआई-आधारित डिजिटल परिवर्तन का वैश्विक मॉडल बनकर उभरा है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पालखीवाला ने कहा कि दुनिया जिन तकनीकी नवाचारों को लागू करने की कोशिश कर रही है, उनमें से कई भारत में पहले से ही तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, दुनिया जो लागू करना चाहती है, वह भारत में पहले से हो रहा है। उन्होंने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे डिजिटलीकरण और विभिन्न क्षेत्रों में एआई तकनीकों के तेजी से बढ़ते उपयोग की ओर इशारा किया।
पालखीवाला ने एआई को इंसानों और उपकरणों के बीच संवाद का अगला बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में लोग निश्चित ऐप्स पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि ऐसे बुद्धिमान एआई एजेंट्स से बातचीत करेंगे जो अपने-आप कई काम कर सकेंगे।
उन्होंने कहा, भविष्य के उपकरण परिस्थितियों को समझ सकेंगे, आसपास के माहौल को देख सकेंगे, बातचीत सुन सकेंगे और बेहद व्यक्तिगत तरीके से प्रतिक्रिया दे सकेंगे।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, हम एआई से कह सकेंगे कि हमारे लिए फ्लाइट टिकट और होटल बुक कर दो। आने वाले समय में लोगों और एआई के बीच इसी तरह का संवाद होगा।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वाहन, पहनने योग्य उपकरण और आपस में जुड़े मशीन सिस्टम तक भी पहुंचेगा।
पालखीवाला ने कहा कि क्वालकॉम खुद को कनेक्टेड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी मानता है और कंपनी कनेक्टिविटी, कम बिजली खपत वाली उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और एज एआई पर ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपनी पहचान स्मार्टफोन बाजार से बनाई, लेकिन अब क्वालकॉम मोबाइल से कहीं आगे बढ़ चुका है।
रोबोटिक्स के भविष्य पर बात करते हुए पालखीवाला ने कहा कि क्वालकॉम अपनी ऑटोमोबाइल तकनीकों का उपयोग अगली पीढ़ी के रोबोट तैयार करने में करेगा।
उन्होंने कहा, जब भविष्य में हर व्यक्ति के पास उसकी मदद करने वाला रोबोट होगा, तब उसमें स्नैपड्रैगन सिलिकॉन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
भारत के तकनीकी माहौल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब कंपनी भारत को ध्यान में रखकर उत्पाद तैयार कर रही है और यहां डिजाइन किए गए उत्पाद वैश्विक बाजारों के लिए बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, 10 या 15 साल पहले हम भारत को सिर्फ एक ऐसा बाजार मानते थे, जहां उपकरण बेचे जा सकते हैं। लेकिन भारत के डिजिटलीकरण और तकनीकी बदलाव ने हमारी सोच पूरी तरह बदल दी है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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