बंगाल के लिए सड़क पर क्यों नाचा ब्रिटिश नेता, सच जानकर रह जाएंगे हैरान!
इसे भी पढ़ें: West Bengal में BJP की प्रचंड जीत के बाद खुलने लगे वर्षों से बंद पड़े मंदिर, हर ओर गूंज रहा जय श्री राम
इसे भी पढ़ें: SC/ST Vote Bank में BJP की बड़ी सेंध, Bengal-Assam की जीत ने दिया बड़ा Political संदेश
History made! ✌️ The Lotus finally blooms in West Bengal. Honoured to join the celebration today with @BobBlackman MP, our OFBJP advisor @Sureshkm27 and the team. Seeing this incredible result for Bengal and Assam is truly special. Forward with development! ????????✨ pic.twitter.com/46eruWIyt2
— Ashwin ( Modi Ka Parivar) (@Ashwin191919) May 5, 2026
बाजार की पाठशाला: सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं? सरकार समर्थित ये स्कीम्स दे रहीं 8.2 प्रतिशत तक ब्याज
नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। अगर आप अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए अच्छा रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा समर्थित बचत योजनाएं (सेविंग स्कीम्स) आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं। भारत में कई ऐसी स्कीमें हैं, जो 7.5 प्रतिशत या उससे ज्यादा सालाना ब्याज दे रही हैं। ये योजनाएं खासतौर पर उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती हैं, जो कम जोखिम रखना चाहते हैं और साथ ही टैक्स लाभ भी पाना चाहते हैं।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) बुजुर्गों के लिए बनाई गई एक सुरक्षित योजना है, जिसमें फिलहाल 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें कम से कम 1,000 रुपए और अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम की अवधि 5 साल होती है, जिसे आगे 3 साल तक बढ़ाया भी जा सकता है। 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग इसमें निवेश कर सकते हैं, वहीं कुछ शर्तों के साथ 55 साल के रिटायर्ड लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) खास तौर पर बेटियों के लिए बनाई गई है और इसमें भी 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है। इसमें सालाना न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है। यह योजना 21 साल में मैच्योर होती है या बेटी की शादी तक चलती है। इसमें जमा रकम पर टैक्स छूट मिलती है और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि भी टैक्स-फ्री होती है, जिससे यह लंबी अवधि के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन जाती है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) एक काफी लोकप्रिय सरकारी स्कीम है, जिसमें 7.7 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है। इसकी अवधि 5 साल की होती है और ब्याज मैच्योरिटी पर मिलता है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। यह स्कीम उन लोगों के लिए अच्छी है, जो निश्चित समय में सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं।
किसान विकास पत्र (केवीपी) एक ऐसी योजना है, जिसमें आपका निवेश लगभग 115 महीनों (करीब 9 साल 5 महीने) में दोगुना हो जाता है। इसमें 7.5 रुपए सालाना ब्याज मिलता है। न्यूनतम निवेश 1,000 रुपए से शुरू होता है और अधिकतम सीमा नहीं है। बड़ी राशि निवेश करने पर पीएएन और आय से जुड़े दस्तावेज देना जरूरी होता है।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आरबीआई फ्लोटिंग रेट बॉन्ड फिलहाल 8.05 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रहा है। इसकी अवधि 7 साल होती है और इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। यह उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो बैंक एफडी से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, लेकिन जोखिम नहीं लेना चाहते।
जानकारों के अनुसार, सरकार समर्थित ये सभी स्कीमें सुरक्षित निवेश के साथ अच्छा रिटर्न देने का मौका देती हैं। हालांकि, हर योजना की अवधि, ब्याज और नियम अलग-अलग हैं। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, लक्ष्य और समय अवधि को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। सही योजना चुनकर आप सुरक्षित तरीके से अपने पैसे को बढ़ा सकते हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation




















