ओडिशा भारत के पूर्वी हिस्से को शक्ति प्रदान करने के लिए तैयारः सीएम मोहन चरण माझी
अहमदाबाद, 5 मई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अहमदाबाद में ओडिशा इन्वेस्टर्स मीट (ओडिशा निवेशक सम्मेलन) में हिस्सा लिया। यह सम्मेलन पूर्वोदय की परिकल्पना के तहत अगली पीढ़ी के औद्योगिक विकास के लिए ओडिशा को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य की राष्ट्रीय पहुंच में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, गुजरात ने भारत के पश्चिमी हिस्से को शक्ति प्रदान की है। ओडिशा अब भारत के पूर्वी हिस्से को शक्ति प्रदान करने के लिए तैयार है, जो विकास की अगली सीमा तक व्यापकता, गति और रणनीतिक पहुंच प्रदान करता है। भविष्य की ओर देख रहे उद्योगों के लिए ओडिशा न केवल एक अवसर है, बल्कि एक दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धी लाभ भी है।
मुख्यमंत्री की गुजरात यात्रा के पहले दिन उद्योग जगत के नेताओं, व्यापार संघों और संस्थागत हितधारकों की मजबूत भागीदारी देखी गई, जो ओडिशा के विकसित होते औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
सीएम मोहन चरण माझी ने 500 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों की सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पूर्वी भारत के उदय के साथ भारत के आर्थिक विस्तार का अगला चरण अधिक मजबूत और संतुलित होगा, और ओडिशा इस परिवर्तन के केंद्र में होगा।
उन्होंने कहा, हम यहां एक स्पष्ट संदेश लेकर आए हैं कि ओडिशा भारत के औद्योगिक विकास के अगले अध्याय के लिए तैयार है। हम उद्योग जगत को आमंत्रित करते हैं कि वे हमारे साथ मिलकर भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करें, इसमें निवेश करें और विकास करें।”
प्रतिनिधिमंडल में उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन, मुख्य सचिव अनु गर्ग, उद्योग, गृह और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक मंत्री हेमंत शर्मा और ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
रोड शो में बैठकें और दो क्षेत्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें वस्त्र गोलमेज सम्मेलन भी शामिल था। उद्योग जगत के नेताओं के साथ सीधी बातचीत भी हुई, जिससे निवेश के अवसरों, नीतिगत समर्थन और सुविधा तंत्रों पर सार्थक संवाद संभव हो सका।
मुख्यमंत्री ने 26 व्यक्तिगत बैठकों की अध्यक्षता भी की, जो ओडिशा की उत्तरदायी शासन व्यवस्था और निवेशक-केंद्रित जुड़ाव के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया, जिससे स्थापित और उभरते दोनों उद्योगों में राज्य की बढ़ती क्षमताओं पर प्रकाश डाला गया।
क्षेत्रीय संवादों के दौरान, विशेष रूप से वस्त्र उद्योग में उन्होंने ओडिशा और गुजरात के बीच गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, पुरी में भगवान जगन्नाथ की पवित्र भूमि से लेकर गुजरात के पूजनीय द्वारका तक, हमारे राज्यों के बीच अटूट सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध हैं। गुजरात लंबे समय से वस्त्र उद्योग में अग्रणी रहा है और ओडिशा एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र, कुशल कार्यबल और नीति-संचालित विकास के साथ मजबूती से उभर रहा है।
ओडिशा के व्यापक औद्योगिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ओडिशा को किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं किया जा सकता। हम एकीकृत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं जो उद्योगों को निवेश करने, विस्तार करने, नवाचार करने और दीर्घकालिक रूप से सतत विकास करने में सक्षम बनाता है।
ओडिशा की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ओडिशा की भौगोलिक स्थिति एक रणनीतिक लाभ है। लंबी तटरेखा और चालू बंदरगाहों के साथ, हम बंगाल की खाड़ी और हिंद-प्रशांत विकास गलियारे तक सीधी पहुंच प्रदान करते हैं, जिससे वैश्विक संपर्क और व्यापार के लिए एक मजबूत मंच तैयार होता है।
राज्य के शासन दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, निवेशक वहीं आते हैं, जहां इरादे, व्यवस्था और नेतृत्व पर भरोसा होता है। ओडिशा में हम पारदर्शिता, जवाबदेही और क्रियान्वयन के माध्यम से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इरादा कार्यों में परिवर्तित हो।
उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचे, बंदरगाह आधारित रसद, स्थिर नीतियों और सतत एवं समावेशी विकास को सक्षम बनाने के उद्देश्य से सुगम्य दृष्टिकोण के समर्थन से ओडिशा लगातार खुद को भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
प्रमुख शहरों में सफल बैठकों के बाद ओडिशा सरकार उद्योग से जुड़ाव को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए निवेशकों तक अपनी लक्षित पहुंच जारी रखेगी। अहमदाबाद रोड शो रणनीतिक स्थिति, मजबूत शासन और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण पर आधारित भारत के औद्योगिक परिदृश्य में ओडिशा की बढ़ती भूमिका को और मजबूत करता है।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
'खूबसूरत, मगर नकली... यकीन करने से पहले जांचें', अपनी वायरल तस्वीरों पर इटली की पीएम मेलोनी की सलाह
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी भी डीपफेक और एआई के गलत इस्तेमाल का निशाना बनी हैं। इस पर चिंता जताते हुए मेलोनी ने कहा कि उनकी कई नकली तस्वीरें एआई की मदद से बनाकर सोशल मीडिया पर असली बताकर फैलाई जा रही हैं।
मेलोनी ने इसे सिर्फ उनके खिलाफ हमला नहीं, बल्कि एक बड़ी समस्या बताया, जो किसी को भी निशाना बना सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी चीज पर भरोसा करने और उसे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
जियोर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, आजकल, मेरी कई नकली तस्वीरें सर्कुलेट हो रही हैं, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है और कुछ कट्टर विरोधी उन्हें असली बताकर फैला रहे हैं। मुझे यह मानना पड़ेगा कि जिसने भी इन्हें बनाया है, कम से कम इस मामले में तो उसने मुझे काफी बेहतर भी बना दिया है। लेकिन, सच तो यह है कि सिर्फ हमला करने और झूठी बातें गढ़ने के लिए, आजकल किसी भी चीज का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मेलोनी ने कहा, यह बात सिर्फ मुझसे जुड़ी नहीं है। डीपफेक एक खतरनाक हथियार है, क्योंकि ये किसी को भी धोखा दे सकते हैं, मैनिपुलेट कर सकते हैं और उन पर हमला कर सकते हैं। मैं तो अपना बचाव कर सकती हूं, लेकिन बहुत से दूसरे लोग ऐसा नहीं कर सकते।
मेलोनी ने अपील करते हुए कहा कि डीपफेक के बढ़ते खतरे की वजह से एक नियम हमेशा लागू होना चाहिए: यकीन करने से पहले जांचें, और शेयर करने से पहले यकीन करें। क्योंकि आज यह मेरे साथ हुआ है, कल किसी के भी साथ हो सकता है।
डीपफेक के लगातार बढ़ते खतरे दुनियाभर में चिंता का विषय बने हुए हैं। भारत में डीपफेक के कई चर्चित और विवादित मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्यादातर सेलिब्रिटी और राजनेता लोग इसका शिकार हुए हैं।
भारत में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना डीपफेक का शिकार हो चुकी हैं। एक वायरल वीडियो में एक लड़की के चेहरे पर रश्मिका मंदाना का चेहरा लगा दिया गया था। विवाद बढ़ने के बाद पता चला कि यह वीडियो असली नहीं था, बल्कि एआई से बनाया गया था।
अभिनेता आमिर खान का डीपफेक वीडियो भी विवाद की वजह बना। वीडियो में आमिर खान को किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन करते दिखाया गया था। बाद में उनकी टीम ने सामने आकर इसे फर्जी बताया।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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