Responsive Scrollable Menu

रेप के आरोप में गिरफ्तार हुआ भारतीय क्रिकेटर, IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स का रहे हिस्सा

Abishek Porel Arrested: बंगाल के क्रिकेटर और दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को हुगली में एक मेडिकल छात्रा द्वारा दर्ज कराए गए बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पोरेल ने शादी का वादा करके महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे और फिर धोखा दे दिया. मंगलवार को पुलिस ने पोरेल को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. इस खबर ने हर तरफ हलचल मचा दी है.

अभिषेक पोरेल को किस मामले में किया गया गिरफ्तार?

अभिषेक पोरेल को बलात्कार के आरोप में आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया है. हुगली में एक मेडिकल छात्रा ने पोरेल के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया है. शिकायत में छात्रा ने पोरेल पर आरोप लगाया है कि उसने शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाए थे.

मंगलवार को पुलिस ने पोरेल को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और चिनसुराह कोर्ट में पेश किया गया. अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहा है.

अभिषेक पोरेल के खिलाफ FIR में क्या लिखा है?

पोरेल के खिलाफ दर्ज FIR में कहा गया है, "अभिषेक पोरेल ने शिकायत करने वाली महिला को गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखा. उसने महिला को खाना नहीं दिया और जान-बूझकर उसे अलग-थलग रखा. नतीजतन... महिला शारीरिक रूप से कमजोर हो गई और ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही थी. फ्लाइट होने के बावजूद... चोटों की वजह से उसे तुरंत मेडिकल मदद लेनी पड़ी."

यह शिकायत महिला ने मोगरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है. महिला का आरोप है कि पोरेल ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. उसने यह भी आरोप लगाया है कि पोरेल ने उनके अंतरंग पलों को रिकॉर्ड किया और बाद में उसे ब्लैकमेल किया.

आरोपों में 2 अप्रैल, 2026 को दिल्ली में हुई एक घटना भी शामिल है. शिकायत के अनुसार, महिला को कथित तौर पर कैद करके रखा गया और खाना नहीं दिया गया, जिससे वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गई और उसे मेडिकल मदद की ज़रूरत पड़ी. ये दावे शिकायत का हिस्सा हैं और अभी तक अदालत में साबित नहीं हुए हैं.

Continue reading on the app

बलूचिस्तान में लगातार दूसरे दिन मोबाइल-इंटरनेट बंद, आम लोगों पर बढ़ी मुश्किलें

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा संबंधी खतरों की आशंका के चलते अधिकारियों ने लगातार दूसरे दिन भी मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद रखीं. स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को गृह एवं जनजातीय मामलों के विभाग के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी. पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है, लेकिन कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अब भी पूरी तरह बंद हैं. इसके कारण लोगों को जरूरी डिजिटल संचार सुविधाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है.

31 अगस्त तक नुश्की में बंद रहेगी वित्तीय सेवाएं

संचार सेवाओं के अलावा, 5 अगस्त से नुश्की जिले में सभी व्यावसायिक और वित्तीय सेवाएं भी बंद हैं. यह वित्तीय बंदी 31 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों के लिए बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो गई है. वित्तीय संस्थानों के बिना पूर्व सूचना बंद होने से बलूचिस्तान में स्थानीय व्यापार और कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त लोग अपनी मासिक सैलरी नहीं निकाल पा रहे हैं, जिससे उन्हें राशन और दवाइयां खरीदने में दिक्कत हो रही है. वहीं, छात्र अपनी फीस और रहने के खर्चों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Explainer: अर्श से फर्श पर कैसे पहुंची वेस्टइंडीज? विश्व चैंपियन टीम नहीं बना पाई वर्ल्ड कप 2027 में जगह, खेलना पड़ेगा क्वालीफायर्स

बलूचिस्तान में लागू है धारा 144

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने संचार और वित्तीय सेवाओं के एक साथ बंद होने पर चिंता जताई है और अधिकारियों व बैंकिंग संस्थानों से सेवाएं जल्द बहाल करने की मांग की है, ताकि लोग सामान्य रूप से अपने कामकाज कर सकें. पिछले सप्ताह बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी सेना मंगलवार को मनाए जाने वाले बलूचिस्तान के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों और सार्वजनिक सभाओं को बाधित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कि बलूचिस्तान के लोग अपने रुख पर कायम हैं और पाकिस्तानी अधिकारियों के दबाव या पूरे प्रांत में लागू धारा 144 जैसे प्रतिबंधों के आगे झुकने वाले नहीं हैं. 

बलूचिस्तान माना रहा है 79वां स्वतंत्रता दिवस

मंगलवार को बलूचिस्तान ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. यह एक वार्षिक परंपरा का हिस्सा है, जिसे कई बलूच मानवाधिकार संगठन पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र के 'अवैध कब्जे' के विरोध के रूप में देखते हैं. बलूच स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक जड़ें 1947 तक जाती हैं, जब ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद कलात रियासत ने कुछ समय के लिए खुद को स्वतंत्र घोषित किया था. हालांकि, 1948 में पाकिस्तान ने इस क्षेत्र का विलय कर लिया, जिसका बलूच राष्ट्रवादी समूह लगातार विरोध करते रहे हैं. सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर मीर यार बलूच ने आरोप लगाया कि 'कब्जा करने वाली' पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं. उनके अनुसार, राष्ट्रीय आयोजनों को रोकने के लिए 7 अगस्त से 30 अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती, सैन्य संसाधनों या हवाई शक्ति के इस्तेमाल के बावजूद पाकिस्तान बलूचिस्तान में अपनी मौजूदगी को अनिश्चित समय तक बनाए नहीं रख सकता, क्योंकि बलूच जनता का संकल्प मजबूत है.

ये भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट संकट पर ईरान-जर्मनी की चर्चा, अराघची ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

मीर ने कहा, "बलूचिस्तान गणराज्य बलूच लोगों को उग्रवादी या अलगाववादी बताने की कोशिशों को खारिज करता है. बलूच स्वतंत्रता सेनानी बलूचिस्तान की रक्षा, सुरक्षा और सैन्य ताकत का हिस्सा हैं और उन्हें छह करोड़ बलूच लोगों का समर्थन प्राप्त है. लोग उन पर भरोसा करते हैं क्योंकि वे इसी मिट्टी के बेटे-बेटियां हैं और अपने राष्ट्र के हित में काम करते हैं." उन्होंने आगे कहा, "ये बल किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं लड़ रहे हैं और न ही अशांति या हिंसा फैलाने के लिए काम कर रहे हैं. वे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभा रहे हैं, जिसमें शांति और सुरक्षा बनाए रखना, लोगों की रक्षा करना और एक शांतिपूर्ण, समृद्ध तथा विकसित बलूचिस्तान की नींव रखना शामिल है." मीर ने दावा किया कि बलूच सशस्त्र समूहों की कार्रवाइयों का उद्देश्य उन नेटवर्कों को खत्म करना और बाहर निकालना है, जिन्हें वे पाकिस्तान से जुड़ा मानते हैं और जो उनके अनुसार बलूचिस्तान में अस्थिरता, असुरक्षा और हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं. 

ये भी पढ़ें: स्कूलों में मिलने वाले जंक फूड पर होगी और सख्ती; एफएसएसएआई ने वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों के लिए प्रस्तावित की नई सीमाएं

ये भी पढ़ें: अटारी बॉर्डर खुला तो क्या अब पाकिस्तानी भी आ सकेंगे भारत? जानिए किसे और कैसे मिलेगी एंट्री...

 

DISCLAIMER: हेडिंग और सब हेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.

Continue reading on the app

  Sports

रिटायरमेंट के तुरंत बाद दूसरे देश का कप्तान बना ये क्रिकेटर, रोनाल्डो से है ये खास संबंध

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर मोइसेस हेनरीके 39 साल की उम्र में बने पुर्तगाल के कप्तान. टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार क्वालिफाई करने का मौका. Tue, 11 Aug 2026 17:01:10 +0530

  Videos
See all

Garjana With Rubika Liyaquat: अमित शाह देंगे जवाब विपक्ष में डर क्यों? | #amitshah #jharkhand #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T12:44:13+00:00

Jharkhand Protest | Rashtravad: JPSC-JSSC विवाद पर विजय हांसदा ने क्या कहा? | Student Protest | #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T12:45:01+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers