भारत ने जहाज रीसाइक्लिंग में नंबर 1 का खिताब लक्ष्य से पांच वर्ष पहले हासिल किया, वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से अधिक हुई
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने दुनिया में अग्रणी जहाज रीसाइक्लिंग राष्ट्र बनने का लक्ष्य मैरीटाइम इंडिया विजन (एमआईवी) 2030 के तहत निर्धारित समय से पांच साल पहले अर्जित कर लिया है। साथ ही, वैश्विक बाजार में देश की हिस्सेदारी 35.4 प्रतिशत हो गई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी की गई सरकारी फैक्टशीट में दी गई।
सरकारी फैक्टशीट में दी गई जानकारी में कहा गया कि भारत के जहाज रीसाइक्लिंग सेक्टर में हाल के वर्षों में निरंतर वृद्धि देखी गई है। व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2025 में जहाज रीसाइक्लिंग में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर रहा। वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग में भारत की हिस्सेदारी 2024 में 30.1 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई। यह देश के समुद्री और औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
भारत में जहाज रीसाइक्लिंग की मात्रा भी 2024 में 1.86 मिलियन सकल टन (जीटी) से बढ़कर 2025 में 2.99 मिलियन जीटी हो गई। यह रीसाइक्लिंग मात्रा में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है और वैश्विक बाजार में भारतीय जहाज रीसाइक्लिंग यार्ड की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दिखाती है।
फैक्टशीट में आगे कहा गया कि गुजरात में अलंग-सोसिया शिप रीसाइक्लिंग क्लस्टर भारत की रीसाइक्लिंग क्षमता की रीढ़ है। इसे दुनिया के सबसे बड़े जहाज रीसाइक्लिंग हब के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह क्लस्टर भारत की जहाज रीसाइक्लिंग गतिविधि का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा है। इसकी वार्षिक रीसाइक्लिंग क्षमता लगभग 6 मिलियन जीटी है।
अलंग में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किए बिना प्रति वर्ष लगभग 3.50 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) इस्पात का उत्पादन किया जाता है। यह अधिकृत जहाज रीसाइक्लिंग यार्ड, डाउनस्ट्रीम स्टील री-रोलिंग मिलों और अपशिष्ट प्रबंधन बुनियादी ढांचे द्वारा समर्थित है। पिछले कुछ वर्षों में, क्लस्टर का व्यापक आधुनिकीकरण हुआ है और यह वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग बाजार के साथ भारत के प्राइमरी इंटरफेस का प्रतिनिधित्व करता है।
फैक्टशीट में बताया गया कि भारत का लक्ष्य अपनी जहाज रीसाइक्लिंग क्षमता को लगभग दोगुना करके लगभग 9 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन (एलडीटी) करना है। यह विस्तार अलंग शिप रीसाइक्लिंग यार्ड के नियोजित विकास के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। यह योजना बुनियादी ढांचे में सुधार और जहाज रीसाइक्लिंग बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने पर केंद्रित है।
इसके अतिरिक्त, अलंग-सोसिया शिप रीसाइक्लिंग यार्ड में सुरक्षा प्रशिक्षण और श्रम कल्याण संस्थान ने कुल मिलाकर 1.5 लाख से अधिक श्रमिकों को प्रशिक्षित किया है। प्रशिक्षण में व्यावसायिक सुरक्षा, खतरनाक सामग्री प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया शामिल है। इसके अलावा, भारत के पास कोलकाता में अमर लौह उद्योग में और केरल में स्टील इंडस्ट्रियल्स केरल लिमिटेड (सिल्क) में एक और जहाज रीसाइक्लिंग यार्ड है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
रजिस्ट्रेशन-I'D अनिवार्य, ये चीजें बैन... 15 अगस्त को लाल किला पर जाने से पहले जानें लें ये नियम
Independence Day Red Fort Entry: स्वतंत्रता दिवस आने में कुछ ही दिन शेष हैं. बाजारों में तिरंगा बिक्री से लेकर सोशल मीडिया पर देशभक्ति की रील की बहार तक 15 अगस्त की खुमारी छाने लगी है. भारत में सबसे बड़ा स्वतंत्रता दिवस समारोह दिल्ली के लाल किला पर होता है. खुद प्रधानमंत्री हर साल यहां तिरंगा फहराते हैं. इस मौके का गवाह बनना लगभग हर देशवासी का सपना होता है. हालांकि इसमें शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन, टिकट, वैध आईडी समेत कई नियमों होते हैं. अगर आप भी 15 अगस्त को लाल किला पर कार्यक्रम देखने जाना चाहते हैं और ये नियम आपको नहीं पता तो आपको प्रवेश नहीं मिलेगा.
15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिली थी. तभी से हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. इसके लिए लाल किला पर सबसे बड़ा आयोजन किया जाता है. देश के प्रधानमंत्री लाल किला पर तिरंगा फहराते हैं. लाल किला पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आम लोगों को रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके लिए वैध आईडी और कुछ तय टिकट रेट लगता है. फिलहाल लाल किला 15 अगस्त तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा.
यह भी पढ़ें: Delhi High Alert: 15 अगस्त से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली, 19 खूंखार आतंकियों के पोस्टर जारी
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
लाल किले में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को करीब से देखने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक आमंत्रण (Aamantran) पोर्टल e-invitations.mod.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है. समारोह में प्रवेश के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होगा.
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन, 20 से 500 रुपये का टिकट
लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए सबसे पहले रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल e-invitations.mod.gov.in पर जाएं. नया यूजर होने पर नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से रजिस्ट्रेशन करें और OTP के जरिए लॉगिन पूरा करें. इसके बाद ‘Independence Day Ticket Booking’ विकल्प चुनकर जरूरी जानकारी भरें और आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे किसी वैध सरकारी पहचान पत्र की कॉपी अपलोड करें. इसके बाद अपनी पसंद की टिकट श्रेणी चुनकर बुकिंग पूरी करें. टिकट की कीमत जनरल के लिए ₹20, स्टैंडर्ड के लिए ₹100 और प्रीमियम श्रेणी के लिए ₹500 है.
पहचान पत्र अनिवार्य
लाल किले में प्रवेश के दौरान सुरक्षा जांच में QR कोड वाला डाउनलोड किया हुआ ई-टिकट दिखाना होगा. साथ ही वही मूल सरकारी पहचान पत्र भी साथ रखना जरूरी है, जिसकी कॉपी टिकट बुकिंग के समय अपलोड की गई थी.
यह भी पढ़ें: Independence Day 2026: 15 अगस्त पर घूमें देशभक्ति से जुड़ी ये 10 ऐतिहासिक जगहें, दिलाएगा आपको आजादी की याद
सीटिंग व्यवस्था
इस बार वीआईपी संस्कृति को कम करने के लिए बैठने वाले एन्क्लोजर का नाम देश की प्रमुख झीलों के नाम पर रखा गया है. समारोह में आपको टिकट पर दिए गए एन्क्लोजर के अनुसार ही अपनी सीट पर बैठना होगा.
ये सामान ले जाना होगा बैन
लाल किले में सुरक्षा के चलते मोबाइल फोन और वॉलेट के अलावा किसी भी तरह का बैग या ब्रीफकेस ले जाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा रिमोट वाली कार की चाबी, खाना-पानी, पानी की बोतल, कैमरा, छाता और कोई भी नुकीली या संदिग्ध वस्तु भी अंदर ले जाना प्रतिबंधित रहेगा.
समय का विशेष ध्यान रखें
कार्यक्रम सुबह जल्दी शुरू होता है (लगभग 7:00 बजे प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण), इसलिए सुरक्षा जांच के समय को ध्यान में रखते हुए सुबह 5:00 से 6:00 बजे के बीच कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना सहज रहता है. हालांकि इसके बाद प्रवेश की रोक नहीं है लेकिन जगह नहीं होने की वजह से अक्सर बाद में प्रवेश में दिक्कत होती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation









