Explainer: अर्श से फर्श पर कैसे पहुंची वेस्टइंडीज? विश्व चैंपियन टीम नहीं बना पाई वर्ल्ड कप 2027 में जगह, खेलना पड़ेगा क्वालीफायर्स
ICC ODI World Cup 2027 : इस बार आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा. वर्ल्ड कप 4 अक्टूबर से शुरू होगा, वहीं इसका समापन 21 नवंबर को होगा. क्रिकेट के इस महाकुंभ में रैंकिंग के आधार पर और मेजबान टीम को मिले स्लॉट के आधार पर 10 टीमों ने अपनी जगह वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए पक्की कर ली है. अब 4 टीमों का स्थान खाली है, क्योंकि वनडे वर्ल्ड कप 2027 में 14 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं.
भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे वनडे वर्ल्ड कप 2027 में जगह बना चुकी हैं. रैंकिंग के आधार पर भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है. वहीं दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे वनडे वर्ल्ड कप 2027 का होस्ट होने के नाते क्वालिफिकेशन मिला है. अब 4 टीमें क्वालीफायर के जरिए वनडे वर्ल्ड कप 2027 में जगह बनाएंगी.
Ten teams have booked their place at next year's World Cup pic.twitter.com/bCOhxRnVsd
— Cricinfo (@cricinfo) August 11, 2026
इस सबके बीच सबसे बड़ा बात जो निकलकर सामने आ रही है, वो ये है कि, वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम वनडे वर्ल्ड कप 2027 से फिलहाल के लिए बाहर हो गई है. दरअसल, वेस्टइंडीज की टीम को वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए डायरेक्ट क्वालिफिकेशन नहीं मिला है. वो रैंकिंग के आधार पर अपना स्थान वर्ल्ड कप में पक्का करने से चूक गई है. अब अगर उसे वनडे वर्ल्ड कप खेलना है तो उसके लिए क्वालीफायर खेलने होंगे. वेस्टइंडीज क्वालीफायर जीतकर वनडे वर्ल्ड कप 2027 में जगह बना सकती है. अब वो क्वालीफायर्स में हार गई तो उसे वनडे वर्ल्ड कप से हाथ धोना पड़ सकता है.
विश्व विजेता टीम की हुई ऐसी दुर्दशा
वेस्टइंडीज की टीम के साथ ऐसा पहले भी हो चुका है, जब वो टी20 वर्ल्ड कप के क्वालीफायर में हार गई थी और टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. वेस्टइंडीज टी20 वर्ल्ड कप 2022 के क्वालीफायर से बाहर हो गई थी. ऑस्ट्रेलिया में हुए आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 के पहले दौर (ग्रुप स्टेज/क्वालीफाइंग राउंड) से बाहर हो गई थी. वेस्टइंडीज को पहले मुकाबले में स्कॉटलैंड से हार मिली और तीसरे मैच में आयरलैंड ने उसे 9 विकेट से हराया था और टीम को सुपर-12 के लिए क्वालीफाई नहीं करने दिया था. इसके बाद 2023 वनडे वर्ल्ड कप से भी वेस्टइंडीज बाहर हो गई थी. क्वालीफायर में भी वह सुपर-6 चरण से आगे नहीं बढ़ पाई.
ऐसे में सवाल उठता है कि, आखिरकार वेस्टइंडीज की ऐसी हालत क्यों हुई है. वेस्टइंडीज वो टीम है, जिसे विश्व विजेता कहा जाता है. वेस्टइंडीज ने पुरुष वनडे वर्ल्ड कप दो बार जीता है. कैरेबियाई टीम ने क्लाइव लॉयड की कप्तानी में लगातार शुरुआती दोनों संस्करण जीते थे. वेस्टइंडीज ने 1975 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 17 रनों से हराया और 1979 फाइनल में इंग्लैंड को 92 रनों से हराया था.
बड़े खिलाड़ी से सजी वेस्टइंड़ीज ऐसा हाल
क्रिकेट की दुनिया में एक समय ऐसा था, जब वेस्टइंडीज की तूती बोलती थी. वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों से दुनिया भर की टीमें डरती थी. इस टीम के तेज गेंदबाज दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए कहर साबित होते थे. उनकी गति और उछाल से बल्लेबाजों खून से लथपथ होकर पिच पर गिर पड़ते थे. वेस्टइंडीज के खूंखार गेंदबाज कर्टली एंब्रोस, मैलकम मार्शल और कोर्टनी वॉल्श जैसे खतरनाक गेंदबाजों से दुनिया खौफ खाती थी. वेस्टइंडीज की टीम ने विव रिचर्ड, ब्रायन लारा, क्रिस गेल, कायरन पोलार्ड और आंद्रे रसेल जैसे खिलाड़ी दुनिया को दिए हैं.
First professional game? No problem. ????
— Windies Cricket (@windiescricket) July 11, 2026
A moment of wizardry from our debutant. ???? #WIvNZ | #MenInMaroon pic.twitter.com/3ZmwGiW19z
वेस्टइंडीज ने दो बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब भी जीता है. वेस्टइंडीज को 2012 और 2016 का चैंपियन होने का गौरव प्राप्त है. इसके बावजूद आज टीम की ऐसी दुर्दशा हो गई है कि, वो वर्ल्ड कप में सीधे क्वालीफाई भी नहीं कर पा रही है. उसे क्वालीफायर खेलने पड़ रहे हैं. क्वालीफायर खेलने के बाद भी टीम बाहर हो जाती है और प्रमुख टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बना पाती है. ऐसा क्यों हुआ? वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम की ऐसा हालत क्यों हुई है, आज हम इसके बारे में आपको विस्तार से बताने वाले हैं.
इन वजहों के चलते हुई वेस्टइंडीज क्रिकेट की ये दुर्दशा
- वेस्टइंडीज क्रिकेट में 2018 के बाद से लगातार गिरावट आई. उन्होंने खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने में लगातार नाकाम रहे.
- वेस्टइंडीज क्रिकेट लंबे समय से एक ऐसी टीम तैयार करने में नाकाम रही है, जो उनको विश्व स्तर पर आगे बढ़ा पाए.
- क्रिकेट टीम में और वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड में मनमुटाव और हितों को लेकर होता हुआ लगातार टकराव भी इस वजह रहा हैय
- वेस्टइंडीज क्रिकेट नई पीढ़ी तैयार करने की चुनौती में पूरी तरह से फेल हो गया. उनके पास ऐसे खिलाड़ी नहीं आए, जो पुराने खिलाड़ियों की लिगेसी को आगे बढ़ा पाएं.
- वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड उस स्तर पर भी फेल हो गया, जहां वो युवा प्रतिभा के जरिए टीम संरचना को बनाए रख पाता.
- वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का साथ अनुभवी खिलाड़ियों द्वारा छोड़ दिया जाना और बेहतरीन कोचिंग स्टाफ की सुविधाओं का आभाव.
घरेलू क्रिकेट का सिस्टम भी बना चुनौती
कैरेबियन क्रिकेट में अलग-अलग देशों/द्वीपों से खिलाड़ियों को एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय टीम में बदलना बड़ी चुनौती है. प्रतिभा होने के बावजूद उसे लंबे समय तक विकसित करने और क्रिकेट के लिए तैयार करने में समस्याएं रही हैं. ऐसे में खिलाड़ी और क्रिकेट बोर्ड की डिमांड अक्सर एक दूसरे से मेल नहीं खाती हैं.
बोर्ड की कंगाली और खिलाड़ियों की डिमांड
वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड दुनिया के सबसे गरीब बोर्ड में से एक हैं. वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड की हालत एक समय पर ऐसी हो गई थी कि वो अपने खिलाड़ी की बेसिक डिमांड भी पूरी नहीं कर पा रहा था, जिसमें खिलाड़ियों की सैलरी और ट्रेविलिंग और अच्छे होटलों में खिलाड़ियों की ठहरने की व्यवस्था नहीं कर पाता था. ऐसा में तमाम सीनियर खिलाड़ी क्रिकेट बोर्ड से तंग हो गए और उन्होंने वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का साथ छोड़कर दुनिया भर में होने वाली टी20 लीग में खेलने का फैसला किया.
इन लीगों में उनको खूब पैसे मिले और उनके खेल से उन्हें पैसे कमाए. ऐसे खिलाड़ियों में क्रिस गेल, डेवेन ब्राबो, आंद्र रसेल, कायरल पोलार्ड, सुनील नारायण और निकोलस पूरन जैसे तमाम खिलाड़ियों का नाम शामिल है, जिन्होंने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड का दामन छोड़कर अन्य देशों की प्रमुख टी20 क्रिकेट लीग में खेलने का फैसला किया. ऐसे में सीनियर खिलाड़ी टीम से दूर हो गए और उनकी टीम को अच्छी कोचिंग, सीनियर खिलाड़ियों का अनुभव भी नहीं मिल पाया. नए और अनुभवहीन खिलाड़ियों के साथ वेस्टइंडीज की टीम खेलती है. ऐसे में उनकी आज ये दुर्दशा है कि वो अपने मैच जीतने के लिए भी तरस जाती है.
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Delhi High Alert: 15 अगस्त से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली, 19 खूंखार आतंकियों के पोस्टर जारी
Delhi High Alert: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का पावन अवसर नजदीक आते ही देश की राजधानी दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. हर साल की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस समारोह पर आतंकी साया मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. राजधानी के सभी भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है. सुरक्षा के इसी व्यापक इंतजाम के तहत दिल्ली पुलिस ने शहर के मुख्य स्थानों पर 19 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों के पोस्टर चिपकाए हैं ताकि आम नागरिक भी अलर्ट रहें.
सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट मोड
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, रेलवे पुलिस और स्थानीय थानों की पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ चुकी है. 15 अगस्त के मुख्य समारोह स्थल लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है. दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर गाड़ियों की गहन जांच की जा रही है. संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की मदद से 24 घंटे निगरानी की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर जवानों को तैनात किया गया है.
पोस्टर में शामिल खूंखार चेहरे
पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों में देश के खिलाफ साजिश रचने वाले 19 कुख्यात आतंकवादियों के फोटो और नाम शामिल हैं. इनमें अलग-अलग खतरनाक आतंकी संगठनों के सदस्य शामिल हैं. इन पोस्टरों में इंडियन मुजाहिदीन के रियाज भटकल और शबांदरी मोहम्मद इकबाल उर्फ इकबाल भटकल की तस्वीरें मुख्य रूप से लगाई गई हैं. वहीं अल-कायदा से जुड़े मोहम्मद शर्जील अख्तर, अबू सुफियान, मोहम्मद उमर और सैयद मोहम्मद अर्शियान के चेहरे भी पोस्टर में शामिल हैं.
इन आतंकियों पर भी नजर
इन पोस्टरों में केवल देश में सक्रिय आतंकी ही नहीं, बल्कि विदेशों से भारत विरोधी गतिविधियों को चलाने वाले आतंकियों को भी शामिल किया गया है. मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की इस लिस्ट में रंजीत सिंह उर्फ नीता और परमजीत सिंह पम्मा का नाम है. इसके अलावा अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला और 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' से जुड़े हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा, वधावा सिंह बब्बर व गुरमीत सिंह बग्गा की तस्वीरें भी जारी की गई हैं. पुलिस इन सभी पर पैनी नजर रख रही है.
जनता से मदद की अपील और इनाम
दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टरों के जरिए आम जनता से भी सहयोग की अपील की है. पोस्टर पर लिखा गया है कि यदि किसी भी नागरिक को इन 19 आतंकियों में से किसी के बारे में कोई जानकारी या सुराग मिले, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे. इसके लिए दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम का आपातकालीन नंबर 112 भी जारी किया गया है. पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि सही सूचना देने वाले व्यक्ति को उचित इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा ताकि उसकी सुरक्षा बनी रहे.
सुरक्षा की वार्षिक प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाना एक एहतियाती और नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है. भारत और दिल्ली की सुरक्षा के लिए खतरा बने इन आतंकियों की सूची जारी करने का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जागरूक करना है. जब लोग अपने आसपास इन चेहरों को पहचानेंगे, तो वे सतर्क रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचा सकेंगे. इस जन सहयोग से सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत हो जाता है.
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