बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 अगस्त को उन सात युवा स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जो 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान पटना सचिवालय पर भारतीय तिरंगा फहराने की कोशिश करते हुए ब्रिटिश पुलिस की गोली का शिकार हुए थे। बिहार के आज़ादी के संघर्ष के इतिहास में एक अहम दिन पर, चौधरी ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने और उनके बलिदान को याद करने के लिए पटना के शहीद स्मारक परिसर का दौरा किया। उन्होंने याद किया कि कैसे ब्रिटिश पुलिस ने पटना सचिवालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश कर रहे छात्रों के एक समूह पर गोलीबारी की थी, जिसमें सात युवा मारे गए थे।
शहीद होने वालों में उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेंद्र सिंह और रामगोविंद सिंह शामिल थे। यह घटना, अगस्त 1942 में महात्मा गांधी द्वारा भारत से अंग्रेजों के जाने की मांग को लेकर शुरू किए गए 'भारत छोड़ो आंदोलन' का हिस्सा थी और बिहार की सबसे अहम घटनाओं में से एक मानी जाती है। 11 अगस्त को बिहार उन सात छात्रों के बलिदान को याद करता है जिन्होंने देश की आज़ादी और राष्ट्रीय पहचान के लिए अपनी जान दे दी थी। मुख्यमंत्री चौधरी ने 'बिहार पेंशन दिवस' पर राज्य भर के लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ देने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए 1 करोड़ 1 लाख 33 हज़ार सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों के बैंक खातों में ₹1,157 करोड़ और ₹72 लाख की राशि ट्रांसफर की गई। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में, मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 कर दिया गया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पेंशन की राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों तक पहुँच जाए। चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र बुजुर्ग व्यक्ति, दिव्यांग व्यक्ति, विधवा या वंचित नागरिक सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित न रहे।
डायरेक्ट ट्रांसफर सिस्टम का मकसद कल्याणकारी सहायता समय पर पहुंचाना और बिचौलियों पर निर्भरता कम करना है। इन दो घटनाओं भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को सम्मान देना और एक करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों को पेंशन ट्रांसफर करना ने बिहार में 10 और 11 अगस्त को ऐसे दिनों के तौर पर चिह्नित किया, जिनमें राज्य के आज़ादी के संघर्ष की याद और सरकार की सामाजिक कल्याण की प्रतिबद्धता, दोनों शामिल थीं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नागरिकों से 'हर घर तिरंगा' अभियान में शामिल होने और स्वतंत्रता दिवस से पहले इसे हर घर में एक उत्सव की तरह मनाने का आग्रह किया। मोदी ने इंस्टाग्राम पर इस कैंपेन से जुड़ा एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, आइए, #HarGharTiranga को हर घर में एक उत्सव बनाएं।" यह 15 अगस्त को होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले हुआ। इससे पहले संसद भवन परिसर में मंगलवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहुंचने पर राजग सांसदों ने तिरंगा लहराकर तथा ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाकर उनका स्वागत किया। संसद भवन पुस्तकालय स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित इस ‘मंगल मिलन’ बैठक में केंद्रीय मंत्रियों, राजग नेताओं और गठबंधन में शामिल दलों के सांसदों ने हिस्सा लिया। बैठक में जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जल शक्ति मंत्रालय के विभिन्न कार्यों पर एक प्रस्तुति भी दी। प्रधानमंत्री के सभागार में पहुंचते ही मंत्रियों और सांसदों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए उनका अभिनंदन किया तथा ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। बैठक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, एस जयशंकर सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
राजग के घटक दलों के नेताओं में जद(एस) के एचडी कुमारस्वामी, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के किंजरापु राम मोहन नायडू, आरपीआई (ए) के रामदास आठवले, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रफुल्ल पटेल, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा और एनसीपीआई की शताब्दी रॉय सहित अन्य मंत्री भी बैठक में मौजूद रहे। संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को राजग संसदीय दल की बैठक आयोजित की जाती है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और 13 अगस्त को संपन्न होगा। बैठक के तुरंत बाद, राजग सांसदों ने संसद के मकर द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां उनका आमना-सामना विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों से हुआ, जो विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।
एक ओर, जहां सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों पर पुलिस की ‘‘बर्बर’’ कार्रवाई और देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में चर्चा से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित तौर पर ‘‘भागने’’ का विरोध करते हुए नारे लगाए। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दलों के सांसद अयोध्या के राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी पर संसद में चर्चा और प्रश्नपत्र लीक को लेकर दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस के कथित बल प्रयोग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे थे।
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