Delhi High Alert: 15 अगस्त से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली, 19 खूंखार आतंकियों के पोस्टर जारी
Delhi High Alert: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का पावन अवसर नजदीक आते ही देश की राजधानी दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. हर साल की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस समारोह पर आतंकी साया मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. राजधानी के सभी भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है. सुरक्षा के इसी व्यापक इंतजाम के तहत दिल्ली पुलिस ने शहर के मुख्य स्थानों पर 19 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों के पोस्टर चिपकाए हैं ताकि आम नागरिक भी अलर्ट रहें.
सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट मोड
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, रेलवे पुलिस और स्थानीय थानों की पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ चुकी है. 15 अगस्त के मुख्य समारोह स्थल लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है. दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर गाड़ियों की गहन जांच की जा रही है. संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की मदद से 24 घंटे निगरानी की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर जवानों को तैनात किया गया है.
पोस्टर में शामिल खूंखार चेहरे
पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों में देश के खिलाफ साजिश रचने वाले 19 कुख्यात आतंकवादियों के फोटो और नाम शामिल हैं. इनमें अलग-अलग खतरनाक आतंकी संगठनों के सदस्य शामिल हैं. इन पोस्टरों में इंडियन मुजाहिदीन के रियाज भटकल और शबांदरी मोहम्मद इकबाल उर्फ इकबाल भटकल की तस्वीरें मुख्य रूप से लगाई गई हैं. वहीं अल-कायदा से जुड़े मोहम्मद शर्जील अख्तर, अबू सुफियान, मोहम्मद उमर और सैयद मोहम्मद अर्शियान के चेहरे भी पोस्टर में शामिल हैं.
इन आतंकियों पर भी नजर
इन पोस्टरों में केवल देश में सक्रिय आतंकी ही नहीं, बल्कि विदेशों से भारत विरोधी गतिविधियों को चलाने वाले आतंकियों को भी शामिल किया गया है. मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की इस लिस्ट में रंजीत सिंह उर्फ नीता और परमजीत सिंह पम्मा का नाम है. इसके अलावा अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला और 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' से जुड़े हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा, वधावा सिंह बब्बर व गुरमीत सिंह बग्गा की तस्वीरें भी जारी की गई हैं. पुलिस इन सभी पर पैनी नजर रख रही है.
जनता से मदद की अपील और इनाम
दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टरों के जरिए आम जनता से भी सहयोग की अपील की है. पोस्टर पर लिखा गया है कि यदि किसी भी नागरिक को इन 19 आतंकियों में से किसी के बारे में कोई जानकारी या सुराग मिले, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे. इसके लिए दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम का आपातकालीन नंबर 112 भी जारी किया गया है. पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि सही सूचना देने वाले व्यक्ति को उचित इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा ताकि उसकी सुरक्षा बनी रहे.
सुरक्षा की वार्षिक प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाना एक एहतियाती और नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है. भारत और दिल्ली की सुरक्षा के लिए खतरा बने इन आतंकियों की सूची जारी करने का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जागरूक करना है. जब लोग अपने आसपास इन चेहरों को पहचानेंगे, तो वे सतर्क रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचा सकेंगे. इस जन सहयोग से सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत हो जाता है.
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होर्मुज स्ट्रेट संकट पर ईरान-जर्मनी की चर्चा, अराघची ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार
क्षेत्रीय हालात और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने ईरान ने अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कूटनीतिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने आपसी रिश्तों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी चर्चा की। अराघची ने वाडेफुल को ओमान के साथ चल रही बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन बैठकों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए एक सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना है।
क्या बोला ईरान?
आईआरएनए के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग में पैदा हुई असुरक्षा की स्थिति पूरी तरह अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का नतीजा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से पैदा होने वाले सुरक्षा और आर्थिक प्रभावों के लिए अमेरिकी प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाए।
गैरकानूनी दखलअंदाजी पर हुई बात
आईआरएनए के अनुसार, अराघची ने कहा कि इस जलमार्ग में सुरक्षा बहाल करने के लिए अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयों और गैरकानूनी दखलअंदाजी को समाप्त करना जरूरी है। इसमें समुद्री नाकाबंदी और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अमेरिका की प्रतिबद्धताओं के अन्य कथित उल्लंघन भी शामिल हैं।
कूटनीतिक बातचीत जारी रखने पर जोर
दोनों विदेश मंत्रियों ने अलग-अलग स्तरों पर कूटनीतिक बातचीत और संपर्क जारी रखने की अहमियत पर भी जोर दिया। इससे पहले अराघची ये साफ कर चुके हैं कि इस समय हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। हालांकि, कुछ मध्यस्थ अब भी बातचीत दोबारा शुरू कराने के रास्ते तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे नजरिए से तब तक वार्ता फिर से शुरू नहीं हो सकती, जब तक अमेरिका समझौते का उल्लंघन बंद नहीं करता और पहले किए गए उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता।
(DISCLAIMER: पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
--आईएएनएस
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