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Suvendu Adhikari Net Worth: ममता को मात देने वाले जादूगर सुवेंदु अधिकारी कितनी संपत्ति के हैं मालिक

Suvendu Adhikari Net Worth: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) सितारे की तरह चमकर सामने आए हैं. उन्होंने राज्य की दो सीटों पर भारी बहुमत से जीत हासिल कर अपना लोहा मनवा लिया है. सबसे खास बात यह है कि उन्होंने ममता बनर्जी को भी मात दे दी है. इसके साथ ही लोग जानना चाहता हैं कि आखिर सुवेंदु अधिकारी कितनी प्रोपर्टी के मालिक हैं. आमतौर पर बड़े नेताओं की संपत्ति करोड़ों में होती है, लेकिन सुवेंदु अधिकारी के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है. उनके हलफनामे में दी गई जानकारी कई मायनों में अलग है, जो उनकी सादगी और फाइनेंशियल प्रोफाइल दोनों को उजागर करती है. आइए जानते हैं कि सुवेंदु अधिकारी की नेटवर्थ कितनी है.

एक करोड़ से भी कम है कुल प्रोपर्टी

चुनावी हलफनामे के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी की कुल नेटवर्थ लगभग 70.78 लाख रुपये से लेकर 85.87 लाख रुपये के बीच बताई गई है. यानी उनकी कुल नेटवर्थ अभी भी एक करोड़ रुपये के आंकड़े से नीचे है. यह आंकड़ा उन्हें अन्य बड़े नेताओं से अलग बनाता है, जिनकी नेटवर्थ अक्सर कई करोड़ में होती है. दिलचस्प बात यह भी है कि उनके ऊपर किसी भी तरह का कर्ज नहीं है, जो उनकी फाइनेंशियल स्थिति को और मजबूत दिखाता है. उनकी एनुअल इनकम भी पिछले कुछ सालों में बढ़ी है और 2024-25 में यह करीब 17.38 लाख रुपये तक पहुंच गई.

बैंक बैलेंस और इन्वेस्टमेंट के बारे में जानिए

अगर उनके चल संपत्ति की बात करें तो इसमें कैश, बैंक डिपॉजिट और छोटे निवेश शामिल हैं. उनके पास करीब 12 हजार रुपये कैश हैं, जबकि अलग-अलग बैंकों जैसे PNB, SBI और IDBI में लगभग 7 लाख रुपये डिपॉजिट हैं. इसके अलावा उन्होंने पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम, किसान विकास पत्र और एनएससी में भी निवेश किया हुआ है. इन स्कीम में लाखों रुपये जमा हैं, जो उनकी सेविंग्स स्ट्रेटेजी को दिखाते हैं. शेयर और बॉन्ड में उनका इंवेस्ट बहुत सीमित है, जो जिससे पता चलता है कि वह हाई रिस्क इन्वेस्टमेंट से दूरी बनाकर चलते हैं.

एलआईसी पॉलिसी और नॉर्मल लाइफस्टाइल

सुवेंदु अधिकारी ने लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन की कई पॉलिसीज ले रखी हैं. एक पॉलिसी में करीब 6 लाख रुपये जमा हैं, जबकि बाकी पॉलिसीज को मिलाकर लगभग 7 लाख रुपये का निवेश है. खास बात यह है कि उनके पास न तो कोई महंगी गाड़ी है और न ही सोने चांदी के गहनों में निवेश. यह एक ऐसे नेता की तस्वीर पेश करता है, जिसकी लाइफस्टाइल काफी नॉर्मल मानी जा सकती है. राजनीति में रहते हुए भी उनका यह प्रोफाइल अलग नजर आता है.

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रियल स्टेट में भी है इन्वेस्ट

अचल संपत्ति की बात करें तो उनके पास एग्रीकल्चर लैंड और रिहायशी संपत्ति शामिल है. लगभग 9 लाख रुपये की एग्रीकल्चर लैंड उनके नाम पर दर्ज है, जबकि नॉन एग्रीकल्चर जमीन की कीमत करीब 27 लाख रुपये बताई गई है. इसके अलावा उनके पास तीन रिहायशी घर या फ्लैट हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 24.75 लाख रुपये है. यह प्रोपर्टी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित है. कुल मिलाकर देखा जाए तो उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा जमीन और घरों में इंवेस्ट के रूप में है.

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कैमरा-बैटरी हुए पुराने, नया Smartphone खरीदने से पहले 90% भारतीय AI और डिजाइन पर दे रहे ध्यान

आजकल मार्केट में कंपनी कई तरह के स्मार्टफोन्स को लॉन्च कर रही हैं। मार्केट के साथ-साथ ग्राहकों की पसंद भी बदल गई है। फ्लिपकार्ट और काउंटर पॉइट रिसर्च द्वारा जारी की गई।  ' Smartphone Insights Report 2026 ' रिपोर्ट के अनुसार, भारत का स्मार्टफोन बाजार में बदलाव नजर आ रहा है। 

ग्राहक केवल स्पेसिफिकेशन के आधार पर फोन अपग्रेड नहीं करना चाहते। वे इसके बजाय फोन के और भी फैक्टर देखते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्राहकों की पसंद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

AI क्षमताओं पर अधिक ध्यान

इस रिपोर्ट से पता चला है कि अब स्मार्टफोन ग्राहक सिर्फ हार्डवेयर में छोटे-मोटे सुधारों के लिए अपग्रेड करने बजाय फोन की परफॉर्मेंस, AI क्षमताओं, डिजाइन और लंबे समय तक मिलने वाले फायदे की तरफ बढ़ रहे हैं।  रिपोर्ट के मतुाबिक, 89 प्रतिशत यूजर्स का कहना है कि एआई फीचर्स पर निर्भर कर रहा है। 

गौरतलब है कि अब AI स्मार्टफोन के रोजमर्रा के इस्तेमाल का हिस्सा बन चुका है। वॉइस असिस्टेंस, सर्च कंटेट बनाना और पर्सनलाइजेशन के लिए एआई का काफी इस्तेमाल होता है। ग्राहक अब एडवांस्ड AI की तरफ बढ़ रहा है। 

जनरेशन के हिसाब से अलग है यूज

AI का इस्तेमाल अलग-अलग डेमोग्राफिक्स के हिसाब से अलग-अलग होता है। हर जनरेशन के लिए इसका इस्तेमाल और जरुरत अलग है।

Gen Z यूजर्स खासतौर से एआई का इस्तेमाल कंटेट बनाने और मनोंरजन के लिए करते हैं।

दूसरी तरफ, मिलेनियल्स इसका इस्तेमाल प्रोडक्टिविटी और प्लानिंग के लिए कर रहे हैं।

महिला यूजर्स अपने प्रतिदिन कामों में मदद और जीवनशैली से जुड़े कामों के लिए AI पर ज्यादा निर्भर हो रही है।

 AI क्यों बन रही प्राथमिकता?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विकसित होने के साथ स्मार्टफोन अब सिर्फ एक साधारण डिवाइस नहीं रह गए हैं, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा समझदार और प्रोएक्टिव हो गए हैं। अब इनसे उम्मीद की जाती है कि ये यूजर की जरूरतों और इरादों को समझकर अपने आप कई काम आसान बना दें। AI तकनीक की मदद से स्मार्टफोन तेज, स्मार्ट और परिस्थितियों के अनुसार बेहतर प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो गए हैं। पहले जहां ये उन्नत फीचर्स केवल महंगे प्रीमियम फोन्स में ही देखने को मिलते थे, वहीं अब 15,000 से 20,000 रुपये की रेंज वाले मिड-रेंज स्मार्टफोन्स में भी इनका प्रभाव साफ नजर आने लगा है।

डिजाइन, कलर और कीमत पर लोग दे रहे ध्यान

   - AI के अलावा ग्राहक डिजाइन को महत्व दे रहे हैं। 64 प्रतिशत लोग रंगीन डिवाइस पसंद करते हैं और यूजर्स अपनी पसंद के रंगों के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करने को भी तैयार है। इस तरह का नेचर महिलाओं, जनरेशन Z के यूजर्स और टियर-2 बाजारों के उपभोक्ताओं में देखने को मिल रही है।

 - करीब 60 प्रतिशत लोग पूरी कीमत बसूलने को प्राथमिकता देते हैं। उसके बाद 57 प्रतिशत लोग ब्रांड पर भरोसे को और 56 प्रतिशत यूजर ऑनलाइन रिव्यू को प्राथमिकता देते हैं।

  - वहीं, 5 प्रतिशत लोग बेहतर परफॉर्मेंस के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं, बल्कि 57 प्रतिशत लोग कैमरे में सुधार को प्राथमिकता देते हैं।

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  Sports

यूनिवर्स बॉस का 'नया कांड', जब घर को ही बना डाला नाइट क्लब! बेड रूम के सामने लगा डाला पोल-डांस का सेटअप

गेल ने अपने घर के एक बड़े हिस्से को पूरी तरह से एक हाई-प्रोफाइल नाइट क्लब में तब्दील कर दिया है.  वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि उन्होंने बेडरूम के ठीक बगल में एक 'स्ट्रिप क्लब' जैसा सेटअप तैयार किया है. इसमें डांस के लिए बाकायदा एक बड़ा सा प्लेटफॉर्म और बीचों-बीच एक 'पोल' लगा हुआ है. Wed, 6 May 2026 13:14:03 +0530

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