असम में करारी हार के बाद कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने दिया इस्तीफा, कहा- नई लीडरशिप की जरूरत
Assam Election Results: असम विधानसभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस पार्टी को गहरे संकट में डाल दिया है. राज्य में पार्टी की करारी हार के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने सोमवार को तत्काल प्रभाव से असम के प्रभारी महासचिव पद से अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा है. जितेंद्र सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि चुनाव परिणामों में पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है और एक प्रभारी होने के नाते वह इस हार की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हैं. उन्होंने संगठन के हित में पद छोड़ने की बात कही है.
नए नेतृत्व के लिए खाली किया रास्ता
जितेंद्र सिंह ने अपने त्यागपत्र में संगठन की मजबूती पर जोर दिया है. उन्होंने लिखा कि पार्टी की बेहतरी के लिए यह जरूरी है कि वह पद से हट जाएं ताकि राज्य में नई लीडरशिप और नई दिशा के साथ काम शुरू हो सके. उन्होंने असम की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में भी उन्हें बहुत प्यार और सम्मान मिला. सिंह ने यह भी साफ किया कि वह कांग्रेस की विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित रहेंगे और भविष्य में पार्टी द्वारा दी गई किसी भी अन्य जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार रहेंगे.
AICC के असम इंचार्ज जितेंद्र सिंह अलवर ने ट्वीट किया, "मैं असम के जनरल सेक्रेटरी इंचार्ज के पद से तुरंत इस्तीफ़ा दे रहा हूँ। हाल के चुनाव नतीजे बहुत निराशाजनक रहे हैं, और मैं नतीजों में अपनी भूमिका की पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूँ। हमारी पूरी कोशिशों के बावजूद, हम असम के लोगों की… pic.twitter.com/k21ToDM66f
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 4, 2026
असम में एनडीए की प्रचंड जीत
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित किया है. एनडीए ने दो तिहाई बहुमत हासिल करते हुए कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज की है. इसमें भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 82 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई है, जबकि उसके सहयोगी दल बोडो पीपल्स फ्रंट और असम गण परिषद ने 10-10 सीटें जीती हैं. भाजपा की इस हैट्रिक ने राज्य में विपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और कांग्रेस के लिए भविष्य की राह और मुश्किल कर दी है.
दिग्गज नेताओं को मिली शिकस्त
कांग्रेस के लिए यह चुनाव व्यक्तिगत रूप से भी बड़ा नुकसान लेकर आया है. पार्टी को पूरे राज्य में महज 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा है. सबसे बड़ा झटका प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई की हार से लगा है. जोरहाट सीट पर उन्हें भाजपा के अनुभवी नेता हितेंद्रनाथ गोस्वामी ने 23,181 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी है. पार्टी के बड़े चेहरों की हार और सीटों की संख्या में गिरावट ने केंद्रीय नेतृत्व को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जिसके चलते अब सांगठनिक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
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Suvendu Adhikari Net Worth: ममता को मात देने वाले जादूगर सुवेंदु अधिकारी कितनी संपत्ति के हैं मालिक
Suvendu Adhikari Net Worth: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) सितारे की तरह चमकर सामने आए हैं. उन्होंने राज्य की दो सीटों पर भारी बहुमत से जीत हासिल कर अपना लोहा मनवा लिया है. सबसे खास बात यह है कि उन्होंने ममता बनर्जी को भी मात दे दी है. इसके साथ ही लोग जानना चाहता हैं कि आखिर सुवेंदु अधिकारी कितनी प्रोपर्टी के मालिक हैं. आमतौर पर बड़े नेताओं की संपत्ति करोड़ों में होती है, लेकिन सुवेंदु अधिकारी के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है. उनके हलफनामे में दी गई जानकारी कई मायनों में अलग है, जो उनकी सादगी और फाइनेंशियल प्रोफाइल दोनों को उजागर करती है. आइए जानते हैं कि सुवेंदु अधिकारी की नेटवर्थ कितनी है.
एक करोड़ से भी कम है कुल प्रोपर्टी
चुनावी हलफनामे के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी की कुल नेटवर्थ लगभग 70.78 लाख रुपये से लेकर 85.87 लाख रुपये के बीच बताई गई है. यानी उनकी कुल नेटवर्थ अभी भी एक करोड़ रुपये के आंकड़े से नीचे है. यह आंकड़ा उन्हें अन्य बड़े नेताओं से अलग बनाता है, जिनकी नेटवर्थ अक्सर कई करोड़ में होती है. दिलचस्प बात यह भी है कि उनके ऊपर किसी भी तरह का कर्ज नहीं है, जो उनकी फाइनेंशियल स्थिति को और मजबूत दिखाता है. उनकी एनुअल इनकम भी पिछले कुछ सालों में बढ़ी है और 2024-25 में यह करीब 17.38 लाख रुपये तक पहुंच गई.
बैंक बैलेंस और इन्वेस्टमेंट के बारे में जानिए
अगर उनके चल संपत्ति की बात करें तो इसमें कैश, बैंक डिपॉजिट और छोटे निवेश शामिल हैं. उनके पास करीब 12 हजार रुपये कैश हैं, जबकि अलग-अलग बैंकों जैसे PNB, SBI और IDBI में लगभग 7 लाख रुपये डिपॉजिट हैं. इसके अलावा उन्होंने पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम, किसान विकास पत्र और एनएससी में भी निवेश किया हुआ है. इन स्कीम में लाखों रुपये जमा हैं, जो उनकी सेविंग्स स्ट्रेटेजी को दिखाते हैं. शेयर और बॉन्ड में उनका इंवेस्ट बहुत सीमित है, जो जिससे पता चलता है कि वह हाई रिस्क इन्वेस्टमेंट से दूरी बनाकर चलते हैं.
एलआईसी पॉलिसी और नॉर्मल लाइफस्टाइल
सुवेंदु अधिकारी ने लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन की कई पॉलिसीज ले रखी हैं. एक पॉलिसी में करीब 6 लाख रुपये जमा हैं, जबकि बाकी पॉलिसीज को मिलाकर लगभग 7 लाख रुपये का निवेश है. खास बात यह है कि उनके पास न तो कोई महंगी गाड़ी है और न ही सोने चांदी के गहनों में निवेश. यह एक ऐसे नेता की तस्वीर पेश करता है, जिसकी लाइफस्टाइल काफी नॉर्मल मानी जा सकती है. राजनीति में रहते हुए भी उनका यह प्रोफाइल अलग नजर आता है.
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रियल स्टेट में भी है इन्वेस्ट
अचल संपत्ति की बात करें तो उनके पास एग्रीकल्चर लैंड और रिहायशी संपत्ति शामिल है. लगभग 9 लाख रुपये की एग्रीकल्चर लैंड उनके नाम पर दर्ज है, जबकि नॉन एग्रीकल्चर जमीन की कीमत करीब 27 लाख रुपये बताई गई है. इसके अलावा उनके पास तीन रिहायशी घर या फ्लैट हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 24.75 लाख रुपये है. यह प्रोपर्टी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित है. कुल मिलाकर देखा जाए तो उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा जमीन और घरों में इंवेस्ट के रूप में है.
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