हारते ही कांग्रेस में शुरू हुआ इस्तीफों का दौर, असम के प्रभारी ने छोड़ दिया पद
असम विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। चुनाव परिणामों के मुताबिक, NDA ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है।
West Bengal Election Result: कैसे ममता का 15 साल का किला ढहा? किन मुद्दों ने बिगाड़ा TMC का खेला?
West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम अब पूरी तरह साफ हो चुके हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल के सियासी रण में बड़ी जीत हासिल की है. बीजेपी ने 136 सीटों पर आधिकारिक रूप से जीत दर्ज कर ली है और 72 सीटों पर उसकी बढ़त बरकरार है. इस तरह बीजेपी कुल 208 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ रही है. दूसरी ओर, पिछले 15 सालों से बंगाल की सत्ता पर राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार का सामना करना पड़ा है. टीएमसी फिलहाल 49 सीटें जीत चुकी है और 30 सीटों पर आगे चल रही है.
ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
अपनी हार को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटों पर वोट लूट की है. ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब बीजेपी आयोग बन चुका है और उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने इस जीत को अनैतिक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दबाव में अधिकारियों ने जबरदस्ती की और उनके काउंटिंग एजेंटों को गिरफ्तार किया गया. ममता ने हार स्वीकार करने के बजाय इसे लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी करार दिया है.
#WATCH | Kolkata | West Bengal CM Mamata Banerjee says, "More than 100 seats BJP looted. The Election Commission is the BJP's commission. I complained to the CO and also Manoj Agrawal, but they are not doing anything. Do you think this is a victory? It is an immoral victory, not… pic.twitter.com/q0zelygU23
— ANI (@ANI) May 4, 2026
इन मुद्दों ने बिगाड़ा टीएमसी का खेल
जानकारों का मानना है कि इस बार बंगाल में सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी-इनकम्बेंसी बहुत ज्यादा प्रभावी रही. कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे प्रदेश की महिलाओं को नाराज कर दिया था. चुनाव प्रचार के दौरान महिला सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा. बीजेपी ने मृत डॉक्टर की मां को चुनावी मैदान में उतारा, जिन्होंने 28 हजार वोटों से जीत हासिल की. इसके अलावा, भ्रष्टाचार के आरोप, शिक्षक भर्ती घोटाला और मुस्लिम तुष्टिकरण के नैरेटिव ने भी टीएमसी को भारी नुकसान पहुंचाया है.
वोटर लिस्ट और बीजेपी का संगठन
इस चुनाव में मतदाता सूची से करीब 90 लाख नाम कटने का मुद्दा भी छाया रहा, जिसे लेकर ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई थी. हालांकि, भारी मतदान प्रतिशत और बीजेपी के मजबूत बूथ लेवल मैनेजमेंट ने चुनावी रुख को पूरी तरह मोड़ दिया. बीजेपी ने जहां महिला सुरक्षा और विकास को मुद्दा बनाया, वहीं टीएमसी की 'लक्ष्मी भंडार' जैसी लोकलुभावन योजनाएं इस बार उसे सत्ता बचाने के लिए काफी साबित नहीं हुईं. 15 साल बाद बंगाल की राजनीति में यह एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव है.
यह भी पढ़ें: West Bengal: बंगाल चुनाव में कैसा रहा दलबदलू नेताओं का प्रदर्शन? जानें हुमायूं कबीर से लेकर तापस रॉय तक की सीट का हाल
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan
News Nation























