स्वाद ही नहीं, ठंडक और एनर्जी का राजा है ठंडई, गर्मी में तन-मन रहेगा तरोताजा
नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्यास बुझाने के लिए बाजार के डब्बा बंद कोल्ड ड्रिंक्स पीने की बजाय घर में बनी पारंपरिक ठंडई का सेवन फायदेमंद है। स्वाद के साथ-साथ ठंडई ठंडक और एनर्जी भी देती है, जो गर्मी में तन-मन दोनों को तरोताजा रखती है।
गर्मी के मौसम में घर की ठंडई पीने से न सिर्फ प्यास बुझती है बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है। यह त्योहारों और गर्म दिनों में पीने वाला पेय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मी में बाजार के पेय पदार्थों की बजाय घरेलू और प्राकृतिक ठंडई का सेवन करें। इससे तन-मन दोनों फ्रेश रहेंगे और सेहत भी सुधरेगी।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट वाली ठंडई में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है। इससे वजन बढ़ने, पेट की गड़बड़ी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, घर की ठंडई पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से बनती है, जिसमें कोई केमिकल या कृत्रिम रंग नहीं होता। ठंडई बादाम, केसर, सौंफ, खसखस, गुलाब की पंखुड़ियों और विभिन्न मगजों से बनाई जाती है। यह पेय गर्मियों में शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाता है, पाचन सुधारता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और दिमाग को शांत कर त्वचा को चमकदार बनाता है।
ठंडई के सेवन से कई फायदे मिलते हैं। यह शरीर को प्राकृतिक ठंडक के साथ एनर्जी देती है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है। थकान दूर करती और मूड अच्छा रखती है।
ठंडई बनाने की विधि भी आसान है। ठंडई बनाने के लिए सौंफ, खसखस, काली मिर्च, इलायची, तरबूज-खरबूज-कद्दू के मगज, बादाम, काजू, पिस्ता, केसर और गुलाब की पंखुड़ियां लें। इन सभी सामग्री को साफ करके 2-3 घंटे या रात भर पानी में भिगो दें। भिगोई हुई सामग्री को मिक्सी में बारीक पीस लें। एक जग में ठंडा दूध लें और इसमें पेस्ट अच्छे से मिला दें। स्वादानुसार चीनी या गुड़ डालें। अंत में केसर, गुलाब की पंखुड़ियां, बर्फ के टुकड़े और ऊपर से कटे बादाम-पिस्ता छिड़ककर सर्व करें।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारतीय नौसेना प्रमुख ने म्यांमार दौरे पर आपसी सहयोग और प्रशिक्षण संबंध मजबूत करने पर की चर्चा
नेपीडॉ, 3 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने रविवार को म्यांमार नौसेना के सेंट्रल नेवल कमांड प्रमुख रियर एडमिरल आंग आंग नाइंग और ट्रेनिंग कमांड प्रमुख रियर एडमिरल खुन आंग क्याव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने, रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और संयुक्त परिचालन गतिविधियों को बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
भारतीय नौसेना ने बताया कि दोनों देशों ने प्रशिक्षण सहयोग को बेहतर बनाने और आगे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी बात की। एडमिरल त्रिपाठी इस समय म्यांमार के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं।
नौसेना के प्रवक्ता ने एक्स पोस्ट में बताया कि अपने दौरे के दौरान एडमिरल त्रिपाठी का यांगून स्थित सेंट्रल नेवल कमांड मुख्यालय में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने रियर एडमिरल आंग आंग नाइंग और रियर एडमिरल खुन आंग क्याव के साथ बातचीत की।
इस बातचीत में नौसेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने, रक्षा साझेदारी बढ़ाने, संयुक्त अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और एक सुरक्षित समुद्री वातावरण बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही प्रशिक्षण सहयोग और आगे के नए अवसरों पर भी विचार किया गया।
एडमिरल त्रिपाठी ने म्यांमार के नेवल ट्रेनिंग कमांड का भी दौरा किया, जहां उन्होंने भारत की मदद से किए गए कई प्रोजेक्ट्स सौंपे।
नेवल ट्रेनिंग कमांड में उन्हें म्यांमार नौसेना की ट्रेनिंग सुविधाओं और दोनों नौसेनाओं के बीच चल रहे सहयोग के बारे में जानकारी दी गई। इसमें मोबाइल ट्रेनिंग टीम की भूमिका भी शामिल थी, जो क्षमता निर्माण और पेशेवर प्रशिक्षण में मदद कर रही है।
उन्होंने भारत सरकार की सहायता से तैयार किए गए कई प्रोजेक्ट्स जैसे कंटेनराइज्ड स्मॉल आर्म्स सिम्युलेटर और रिगिड इन्फ्लेटेबल बोट भी आधिकारिक रूप से सौंपे। ये सभी बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिए गए हैं, जो भारत की महासागर विजन के अनुरूप है।
इन बैठकों से दोनों देशों के बीच चल रहे समुद्री सहयोग की समीक्षा करने, परिचालन स्तर पर संबंधों को मजबूत करने और नए सहयोग के रास्ते तलाशने का मौका मिला है।
अपने दौरे के दौरान नौसेना प्रमुख म्यांमार सशस्त्र बलों के शहीद नायकों के स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत और म्यांमार की नौसेनाएं नियमित रूप से रक्षा सहयोग बैठक, स्टाफ टॉक्स, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और संयुक्त अभ्यास जैसे भारत-म्यांमार नौसैनिक अभ्यास (आईएमएनईएक्स), इंडो-म्यांमार कोऑर्डिनेटेड पेट्रोल (आईएमसीओआर), बंदरगाह यात्राएं और हाइड्रोग्राफी सर्वे जैसी गतिविधियों में शामिल रहती हैं।
मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रता संबंधों को और मजबूत करता है, जो आपसी भरोसे और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता के साझा लक्ष्य पर आधारित हैं।
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एवाई/एबीएम
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