सुनील नारायण ने आईपीएल में रचा इतिहास, युजवेंद्र चहल के बाद ये उपल्बधि हासिल करने वाले बने दूसरे गेंदबाज
SRH vs KKR : आईपीएल 2026 (IPL 2026) का 45वां मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मैच में टॉस जीतने के बाद हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. हैदराबाद की टीम ने 19 ओवर में 10 विकेट गंवाकर 165 रन बनाए. इसमें सुनील नारायण ने भी दो विकेट चटकाए.
केकेआर की ओर से इस मैच में सुनील नारायण ने 4 ओवर में 31 रन देकर 31 रन दिए. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने एक खास उपलब्धि हासिल कर ली है. इस मैच से पहले नारायण के नाम आईपीएल इतिहास में 199 विकेट दर्ज थी. इस मैच में 1 विकेट लेते ही उन्होंने 200 आईपीएल विकेट पूरे कर लिए.
A special delivery to reach a special milestone ????
— IndianPremierLeague (@IPL) May 3, 2026
???? Sunil Narine picks his 200th #TATAIPL wicket with an unplayable delivery ????
Updates ▶️ https://t.co/muersQO7at#KhelBindaas | #SRHvKKR | @KKRiders pic.twitter.com/HTud7IBAq4
सुनील नारायण ने रचा इतिहास
इस मैच में सुनील नारायण ने जैसे ही ईशान किशन (42) को अपना शिकार बनाया वैसे ही उन्होंने आईपीएल में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए. इस मैच में उन्होंने 2 विकेट चटकाए और अब उनके आईपीएल 197 मैचों में 201 विकेट पूरे हो गए हैं. आईपीएल में 200 विकेट पूरे करते ही नारायण ने खास मुकाम भी हासिल कर लिया है.
Major feat unlocked! ????????
— IndianPremierLeague (@IPL) May 3, 2026
Sunil Narine becomes just the 3⃣rd player to bag 2⃣0⃣0⃣ #TATAIPL wickets ????
Updates ▶️ https://t.co/muersQO7at#KhelBindaas | #SRHvKKR | @KKRiders pic.twitter.com/x0G9NC8mHf
सुनील नारायण इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन हुए हैं. युजवेंद्र चहल ने 182 मैचों में 228 विकेट अपने नाम किए हैं. वहीं भुवनेश्वर कुमार के नाम 199 मैचों में 215 विकेट दर्ज हैं. अब सुनील नारायण 197 मैचों में 201 विकेट चटका चुके हैं. इसके साथ ही वो आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने युवजेंद्र चहल के बाद दूसरे स्पिनर बन गए हैं.
कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग-11
कोलकाता नाइट राइडर्स : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती
सनराइजर्स हैदराबाद : अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, स्मरण रविचंद्रन, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, हर्षल पटेल, ईशान मलिंगा
ये भी पढ़ें : ईशान किशन और ट्रेविस हेड ने खेली शानदार पारी, सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को दिया 166 का लक्ष्य
खालिस्तानी चरमपंथ से कनाडा को खतरा, विदेशी दखल पर सुरक्षा एजेंसी की नजर
ओटावा, 3 मई (आईएएनएस)। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) ने अपनी नवीनतम सार्वजनिक रिपोर्ट में खालिस्तानी तत्वों को एक हिंसक चरमपंथी खतरे के रूप में चिन्हित किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में मौजूद खालिस्तानी चरमपंथियों का एक छोटा लेकिन सक्रिय समूह देश को अपने आधार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जहां से वे प्रचार, फंड जुटाने और हिंसक गतिविधियों की योजना बनाते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये लोग सामुदायिक संस्थानों का दुरुपयोग कर धन जुटाते हैं, जिसका इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों में किया जाता है। हालांकि, पिछले वर्ष कनाडा में इस तरह का कोई हमला नहीं हुआ, लेकिन रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि उनकी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा और कनाडाई हितों के लिए खतरा बनी हुई हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विदेशी दखल कनाडा की राजनीति में काफी आक्रामक और चालाक तरीके से जारी है। इसमें मुख्य तौर पर चीन, रूस, ईरान और पाकिस्तान शामिल हैं। ये देश अलग-अलग तरीकों से कनाडा की संस्थाओं को कमजोर करने, लोगों की सोच को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक सिस्टम में भरोसा कम करने की कोशिश करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन की खुफिया एजेंसियां अब नए तरीके अपनाते हुए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी कंपनियों के जरिए नौकरी के विज्ञापन डालकर ऐसे लोगों को निशाना बना रही हैं, जिनके पास संवेदनशील या गोपनीय जानकारी तक पहुंच है। खासकर उन लोगों को टारगेट किया जाता है जो आर्थिक परेशानी में हों या करियर में आगे बढ़ना चाहते हों। वहीं, रूस सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गलत सूचना अभियानों के जरिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करता है।
ईरान पर कनाडा में अपने विरोधियों के खिलाफ उत्पीड़न, अपहरण और हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं पाकिस्तान पर आरोप है कि वह अपने नेटवर्क के जरिए राजनेताओं, पत्रकारों, शिक्षाविदों और सामुदायिक नेताओं से गुप्त संबंध बनाकर मीडिया नैरेटिव को प्रभावित करता है और असहमति को दबाने की कोशिश करता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि खालिस्तानी चरमपंथ बहुसंस्कृतिवाद की नीतियों की कमजोरियों का फायदा उठाता है, जहां वैध राजनीतिक मांगें और हिंसक समर्थन के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अब आधे-अधूरे कदमों से काम नहीं चलेगा। सरकार को सीएसआईएस और सुरक्षा एजेंसियों को ज्यादा ताकत और संसाधन देने चाहिए, ताकि वे इन नेटवर्क्स को मजबूती से रोक सकें। इसमें विदेशी फंडिंग की सख्त जांच, ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और लोगों के सामने साफ जानकारी रखना शामिल है।
साथ ही कहा गया है कि सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर हिंसक उग्रवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करना चाहिए, चाहे उसे सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के नाम पर ही क्यों न दिखाया जाए।
अंत में रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अगर इसे नजरअंदाज किया गया तो यह कनाडा की सुरक्षा और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरा बन सकता है। अब फैसला कनाडा को करना है या तो अपने मूल्यों की मजबूती से रक्षा करे या उन्हें अंदर से कमजोर होते देखता रहे। समय तेजी से निकल रहा है।
--आईएएनएस
एवाई/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















