West Bengal Election Prediction: क्या ममता लगाएंगी जीत की डबल सेंचुरी या बीजेपी के हाथ लगेगी सत्ता?
West Bengal Election Prediction: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार यानी 4 मई का दिन बेहद निर्णायक होने वाला है. बैटल ऑफ बंगाल के इस अंतिम पड़ाव पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं कि आखिर सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी. मतगणना से ठीक पहले बंगाल का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी का हुंकार भर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर चुनावी हिंसा और झड़पों का दौर भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. रिपोलिंग और काउंटिंग की तैयारियों के बीच बंगाल में तनाव की स्थिति बनी हुई है.
हिंसा और झड़प के बीच तनावपूर्ण माहौल
नतीजों से पहले बंगाल के कई इलाकों से हंगामे की खबरें सामने आई हैं. दक्षिण 24 परगना में टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट और झड़प हुई है. डायमंड हारबर के फालता इलाके में स्थिति तब और बिगड़ गई जब स्थानीय लोगों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया.
ग्रामीणों ने वोटिंग के बाद मारपीट का लगाया आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वोट डालने के बाद उनके साथ मारपीट की गई और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया. स्थानीय महिलाओं ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए टीएमसी नेताओं पर धमकाने का आरोप लगाया है, जबकि टीएमसी ने इन आरोपों को बीजेपी का चुनावी नाटक करार दिया है.
शाहजहां की बेटी ने भरत मिलाप देखने के लिए मऊ में कराया था जामा मस्जिद का निर्माण, जहांआरा का जाने इतिहास
Mau news: मऊ शहर की नींव रखने में मुगल बादशाह शाहजहां की बेटी जहाँआरा का बड़ा हाथ था. मऊ का क्षेत्र शाहजहा ने यह जहाँआरा को दिया था. यहां उसने शाही मस्जिद का निर्माण कराया और अपनी सुरक्षा के लिए फौजी छावनी स्थापित की थी. तब से उस मऊ का नाम बदलकर जहानाबाद कर दिया गया हालांकि बाद में फिर यह नाम मऊ रख दिया गया.
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