'वो करियर के इस स्टेज में भी...' विराट कोहली पर पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप ने बोली बड़ा बात, कहा- 'उन्हें हर समय अटैक पसंद है'
Virat Kohli : भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली के खेल की दीवानी दुनिया है. उन्होंने 2008 में जब से भारत के लिए डेब्यू किया, तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा है. वो तब से लगातार भारतीय क्रिकेट में अपना योगदान दे रहे हैं. विराट कोहली सिर्फ बल्ले से ही मैदान पर इंडियन क्रिकेट के टीम के लिए योगदान नहीं देते हैं. बल्कि वो टीम इंडिया के लिए मैदान पर फील्डिंग से भी योगदान देते हैं. वो मैदान पर किसी चीते की तरह फुर्ती के साथ फील्डिंग कर अपने साथी खिलाड़ियों में भी जोश भर देते हैं.
विराट कोहली ने भारत के पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप के साथ काफी समय तक काम किया है. हाल ही में उनको कार्यकाल टीम इंडिया के साथ खत्म हो गया और उनको अपना पद छोड़ना पड़ा. उन्होंने अंतिम बार इंग्लैंड दौरे पर विराट कोहली के साथ 3 मैचों की वनडे सीरीज के दौरान काम किया. अब टी दिलीप ने विराट कोहली को लेकर बड़ी बात बोली है. उन्होंने कोहली की फिल्डिंग पर बात की है. उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.
विराट कोहली पर टी दिलीप ने दिया बड़ा बयान
टी दिलीप ने कहा कि, 'जब विराट कोहली की बात आती है, तो इंटेंसिटी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. हमने पावरप्ले में देखा है कि वो अपने रिफ्लेक्स और डाइव से कवर्स या शॉर्ट मिडविकेट से बैट्समैन पर कैसे अटैक करते हैं. पिछली सीरीज में भी वो शार्प थे और हर समय आप पर अटैक करते थे. कोहली अपने करियर के इस स्टेज पर भी बेस्ट देते हैं. वह आखिरी ओवरों में लॉन्ग-ऑन से लॉन्ग-ऑन तक जाते हैं और वो वहां सबसे पहले रन आउट होते हैं.
T DILIP ON VIRAT KOHLI. [JioStar]
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 11, 2026
"When it comes to Virat Kohli, intensity is non-negotiable. We've seen in the powerplay how he is at the batsmen from covers or short midwicket with his reflexes & dives. Even in the last series, he was sharp and at you all the time. Kohli, even… pic.twitter.com/5FId3ymopj
टी दिलीप ने आगे कहा कि, 'अगर बॉल उनके पास भी नहीं हैं तब भी वो नॉन स्ट्राइक की तरह जाते हैं. उससे बात करते हैं. वो विकेटकीपर की तरह जाते हैं. वहां बात करते हैं. विराट कोहली के बारे में आप एक और बात देखेंगे कि, उनके प्रैक्टिस सेशन और मैच में कोई फर्क नहीं होता है. वो दोनों जगह पर एक तरह से मेहनत करते हैं. ये सिर्फ विराट कोहली की फील्डिंग के बारे में नहीं है बल्कि वो दूसरे फील्डिंर में भी बेस्ट देने और शानदार फील्डिंग करने के लिए फायर जलाते हैं. इस लिए वो विराट कोहली हैं'.
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— Star Sports (@StarSportsIndia) August 10, 2026
T Dilip reflects on Virat Kohli’s unmatched intensity and the impact it has had on Team India’s fielding culture. ????????#TeamIndia pic.twitter.com/IijZR4zSL1
विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अंतिम बार इंग्लैंड में खेलते हुए नजर आए थे. विराट कोहली भारत के लिए सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं. वो टेस्ट क्रिकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. अब जब टीम इंडिया वनडे क्रिकेट खेलती है. उस समय विराट कोहली भारत के लिए खेलते हैं. विराट कोहली सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में भारत के लिए खेलते हुए नजर आएंगे.
विराट कोहली का वनडे करियर
विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से 314 मुकाबले खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 302 पारियों में 54 शतक और 79 अर्धशतकों के साथ 14941 रन बनाए हैं. उनका वनडे क्रिकेट में औसत 58.6 का है और उनका स्ट्राइक रेट 94.0 का है. विराट कोहली ने इस फॉर्मेट में 1389 चौके और 171 छक्के भी लगाए हैं.
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बिजली के झटके, यौन शोषण... रूस की जेल में यूक्रेनी कैदियों के साथ कैसे होता है टार्चर? रिपोर्ट में हुए बड़े खुलासे
Ukrainian Prisoners in Russian Jails: रूस और यूक्रेन युद्ध को लंबा समय हो गया है. दोनों देशों में शांति के लिए कई बार प्रयास हो चुक है लेकिन सभी असफल रहे. सुपर पॉवर अमेरिका ने भी दोनों देशों के राष्ट्रपतियों को व्हाइट हाउस में बुलाकर बात की, कुछ दिन शांति रही लेकिन वही असफलता हाथ लगी. रूस और यूक्रेन में दोनों देशों के कैदी है. रूस में यूक्रेन के कैदियों के साथ किस तरह का भयावह व्यवहार टार्चर मिलता है. रिपोर्ट में इस पर बड़े खुलासे हुए हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के पूर्व कैदियों और अधिकारियों ने सोमवार को रूस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि रूस युद्धबंदियों और नागरिकों को व्यवस्थित तरीके से प्रताड़ित करता है. उन्हें लंबे समय तक अकेले रखा जाता है और मारपीट, बिजली के झटके और यौन शोषण जैसी यातनाएं दी जाती हैं. उनके मुताबिक, अभी भी हजारों यूक्रेनी नागरिक और युद्धबंदी रूस की हिरासत में हैं.
क्यूबा मूल के पिता के बेटे एक यूक्रेनी नागरिक ने बताया कि उसके लैटिन नाम की वजह से गार्ड उसे खास तौर पर निशाना बनाते थे. गार्ड उस पर “किराए का सैनिक” और “अमेरिकी जासूस” होने का आरोप लगाते थे. क्रीमियन तातार कार्यकर्ता लेनी उमेरोवा ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार पिता से मिलने क्रीमिया जाते समय उन्हें हिरासत में लिया गया था. उन्होंने कहा कि उन्हें सात अलग-अलग हिरासत केंद्रों में रखा गया और यातनाएं दी गईं.
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यूक्रेन की जवान की आपबीती
यूक्रेनी सेना के जवान खुआन अल्बर्टो लेव्या गार्सिया ने बताया कि उन्हें 1,183 दिनों तक रूसी कैद में रखा गया और इस दौरान उन्हें कई तरह की यातनाएं झेलनी पड़ीं. संयुक्त राष्ट्र की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ मारपीट, बिजली के झटके, बेहद ठंडे मौसम में जबरन कड़ी कसरत और यौन शोषण किया गया. उन्होंने बताया कि उन्हें रोज पीटा जाता था और मानसिक रूप से तोड़ने के लिए भी कई तरह की यातनाएं दी जाती थीं. गार्सिया के मुताबिक, उनके साथ-साथ उनके कई अन्य साथियों को भी इसी तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ी.
कई कैदियों की हुईं हत्याएं
यूक्रेन के अधिकारी ओलेग गुशिन ने दावा किया कि रूस में यूक्रेनी कैदियों को यातना दी गई और कई लोगों की हत्या भी हुई. उनके मुताबिक, 300 से ज्यादा हिरासत केंद्रों की पहचान की गई है और 9,000 से अधिक यूक्रेनियन को वापस लाया जा चुका है, जबकि हजारों अब भी रूसी कैद में हैं.
भूख और बीमारी से जूझे कैदी
यूक्रेनी सेना के जवान गार्सिया ने बताया कि वह किसी तरह जिंदा बच गए, लेकिन उनके दो दोस्तों की डोनेट्स्क क्षेत्र के हिरासत केंद्रों में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की बैठक में कहा कि कैदियों को भीड़भाड़ वाली बैरकों में रखा जाता था, जहां जरूरी सुविधाएं भी नहीं थीं. उनके मुताबिक, लगभग सभी युद्धबंदी पेचिश जैसी बीमारी से पीड़ित थे और कई कैदी भूख से भी जूझ रहे थे.
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क्या बोला रूस?
रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनौपचारिक बैठक में लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया. रूस की उप संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि मारिया जाबोलोत्स्काया ने इन आरोपों को “दुष्प्रचार अभियान” बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन में रूसी युद्धबंदियों के साथ यातना, अपमान और शारीरिक व मानसिक दुर्व्यवहार किया गया.
UN ने भी माना- 2022 से अब तक 129 हत्याएं
संयुक्त राष्ट्र की अधिकारी क्लाउडिया फुएंतेस जूलियो ने कहा कि रूसी अधिकारियों पर यूक्रेनी युद्धबंदियों और नागरिक बंदियों को व्यवस्थित तरीके से यातना देने और दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं. इसमें यौन हिंसा भी शामिल है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, फरवरी 2022 से अब तक 129 यूक्रेनी युद्धबंदियों की हिरासत की शुरुआत में ही हत्या की गई, जबकि 48 लोगों की मौत यातना, इलाज न मिलने या हिरासत की खराब परिस्थितियों के कारण हुई.
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