GeM पर यूपी का जलवा, 1 लाख करोड़ से ज्यादा की खरीद के साथ तीन राष्ट्रीय पुरस्कार
उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वर्ष 2017 में GeM की शुरुआत के बाद से उत्तर प्रदेश ने इस प्लेटफॉर्म के जरिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद पूरी कर ली है. प्रदेश के प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के सभी राज्यों की GeM के माध्यम से हुई कुल खरीद में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है.
प्रदेश की इसी उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है. GeM के 10वें स्थापना दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश को एक साथ तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए.
एक साथ तीन राष्ट्रीय सम्मान
10 अगस्त को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित GeM के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को तीन अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया.
प्रदेश को ‘GeM ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड’, ‘हाईएस्ट GMV सिंस इनसेप्शन’ और ‘बेस्ट आउटरीच इनिशिएटिव्स फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ पुरस्कार मिले. उत्तर प्रदेश की ओर से प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, शशि भूषण लाल सुशील ने पुरस्कार ग्रहण किए.
1 लाख करोड़ की खरीद बनी बड़ी उपलब्धि
‘हाईएस्ट GMV सिंस इनसेप्शन’ अवार्ड प्रदेश की उस उपलब्धि को दर्शाता है, जिसके तहत GeM की शुरुआत से अब तक यूपी ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी खरीद की है.
वहीं ‘GeM ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड’ प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के समग्र प्रदर्शन के लिए दिया गया है. तीसरा पुरस्कार GeM को लेकर जागरूकता, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़े प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है.
छोटे कारोबारियों को मिला सरकारी बाजार
GeM के बढ़ते इस्तेमाल का फायदा केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं है. प्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े कारोबारियों और स्टार्टअप्स को भी सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिला है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण छोटे कारोबारियों के लिए सरकारी संस्थाओं तक अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचाना पहले की तुलना में आसान हुआ है. इससे उन्हें बड़े स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिली है.
खरीद प्रक्रिया में बढ़ी पारदर्शिता
GeM पर सरकारी खरीद होने से विभागों को अलग-अलग विक्रेताओं और उत्पादों के विकल्प एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलते हैं. इससे खरीद प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिला है.
दूसरी ओर, विक्रेताओं को भी सरकारी संस्थाओं तक पहुंचने के लिए एक समान डिजिटल मंच मिलता है. इससे खरीद और बिक्री की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ती है.
प्रशिक्षण और जागरूकता पर भी जोर
उत्तर प्रदेश में GeM के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए अधिकारियों, विभागों और कारोबारियों के बीच लगातार प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए. इन प्रयासों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ना रहा है.
प्रदेश सरकार के मुताबिक, GeM के प्रभावी इस्तेमाल से सरकारी खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिली है.
गुड गवर्नेंस की दिशा में अहम कदम
एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीद, देश के राज्यों की कुल खरीद में 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी और तीन राष्ट्रीय पुरस्कार उत्तर प्रदेश के GeM प्रदर्शन को खास बनाते हैं.
यह उपलब्धि सरकारी खरीद के डिजिटल विस्तार के साथ-साथ छोटे उद्यमियों, महिला कारोबारियों और स्टार्टअप्स के लिए सरकारी बाजार में नए अवसर खुलने का भी संकेत देती है.
यह भी पढ़ें - सरकारी ई-मार्केटप्लेस पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी के माध्यम से सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में बदलाव ला रहा : पीएम मोदी
Surya Grahan 2026: क्या 12 अगस्त को भारत में दिखेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण? जानिए समय और इसका प्रभाव
Surya Grahan 2026: अगस्त 2026 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. सबसे खास बात यह है कि इसी दिन हरियाली अमावस्या का पावन पर्व भी मनाया जाएगा. धार्मिक और वैदिक ज्योतिषशास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल के समय ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव काफी हद तक बढ़ जाता है. इसका सीधा असर मानव जीवन के साथ-साथ पूरी दुनिया की गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है. इसी वजह से ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, खान-पान और अन्य धार्मिक कार्यों से जुड़े कई सख्त नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है. विशेष तौर पर गर्भवती महिलाओं को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने और घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है. ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह ग्रहण भारत में दिखेगा और क्या इसका सूतक काल यहां लागू होगा.
सूर्य ग्रहण का सटीक समय और अवधि
12 अगस्त को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार रात के समय शुरू होगा. इसका समय रात को 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी 13 अगस्त की सुबह 04 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. चूंकि इस ग्रहण की शुरुआत से लेकर इसकी समाप्ति तक का पूरा समय भारत में रात का रहेगा, इसलिए यह भारत के किसी भी हिस्से से दिखाई नहीं देगा.
क्या भारत में मान्य होगा सूतक काल?
ज्योतिषविदों और धर्मशास्त्र के जानकारों के अनुसार, यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. हालांकि, रात के समय लगने के कारण यह भारत में पूरी तरह अदृश्य रहेगा. शास्त्रों का नियम है कि जो ग्रहण जहां दिखाई नहीं देता, वहां उसका सूतक काल और उससे जुड़े धार्मिक नियम मान्य नहीं होते हैं. इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को सूतक काल के नियमों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस दिन सभी मंदिर खुले रहेंगे और दैनिक पूजा-पाठ बिना किसी बाधा के जारी रहेगी.
दुनिया के किन हिस्सों में दिखाई देगा यह ग्रहण?
यह खगोलीय घटना दुनिया के कई अन्य देशों में स्पष्ट रूप से देखी जा सकेगी. सबसे पहले यह पूर्ण सूर्य ग्रहण उत्तरी रूस के इलाकों में नजर आएगा. इसके बाद यह स्पेन, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्सों से होकर गुजरेगा. इसके अलावा यूरोप के ज्यादातर देशों, कनाडा, अमेरिका के उत्तरी हिस्सों और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका में आंशिक सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा. अलग-अलग स्थानों पर ग्रहण के दिखाई देने का समय भी भिन्न रहेगा.
कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र पर ग्रहण का प्रभाव
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने जा रहा है. सूर्य को नवग्रहों का राजा और आत्मा का कारक माना जाता है. ऐसे में कर्क राशि में ग्रहण लगने से सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है. कुछ राशियों के लिए यह समय करियर और धन के मामले में अपार सफलता लेकर आएगा, तो वहीं कुछ राशि के जातकों को पारिवारिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें
भले ही भारत में सूतक काल मान्य न हो, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण की अवधि में कुछ बातों का ध्यान रखना हमेशा शुभ माना जाता है. ग्रहण के समय भोजन पकाने और खाने से परहेज करना चाहिए. यदि आप किसी ऐसे देश में हैं जहां ग्रहण दिखाई दे रहा है, तो नग्न आंखों से आसमान में देखने की गलती बिल्कुल न करें.
इसके अलावा ग्रहण के दौरान किसी भी नुकीली वस्तु जैसे कैंची, सूई या चाकू का प्रयोग करने से बचें. घर में शांति बनाए रखें और भगवान के नाम का जाप करें. ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़ककर मंदिर की सफाई करें और देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्नान कराएं. अंत में अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को दान-पुण्य अवश्य करें.
यह भी पढ़ें: Chandra Grahan 2026: रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया, त्योहार पर पड़ सकता है असर! जानें शुभ मुहूर्त
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है. इनकी सटीकता और पूर्णता की पुष्टि की जिम्मेदारी न्यूज नेशन की नहीं है. पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










