रक्त संचार बढ़ाने और थकान मिटाने का सबसे सरल योगासन, जाने 'हस्तोत्तानासन' के लाभ
नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग न केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम है, बल्कि मानसिक शांति का आधार बन चुका है। योग में सूर्य नमस्कार को एक पूर्ण व्यायाम का दर्जा दिया गया है। 12 चरणों वाली इस विशेष शृंखला में हस्तोत्तानासन एक ऐसी महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसे रोजाना नियमित तौर पर किया जाए, तो शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं।
हस्तोत्तानासन संस्कृत के तीन शब्दों के मेल से बना है। हस्त का अर्थ है हाथ, उत्तान का अर्थ है खिंचाव, और आसन का अर्थ है मुद्रा। यह एक खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है, जो शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को नीचे से ऊपर की ओर ले जाता है।
हस्तोत्तानासन सूर्य नमस्कार की शृंखला में दूसरा और ग्यारहवां आसन है। सूर्य नमस्कार करते समय इसे दूसरी बार किया जाता है। पूरी शृंखला पूरी करने के बाद, जब आप वापस लौटते हैं (अश्व संचालनासन के बाद), तब ग्यारहवें चरण में फिर से हस्तोत्तानासन किया जाता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी हस्तोत्तानासन के महत्व पर प्रकाश डाला है। उनके अनुसार, यह आसन शरीर में लचीलापन लाने, रक्त संचार बढ़ाने और थकान कम करने वाला एक उत्कृष्ट योगासन है। इस योगासन के करने से शरीर पीछे की ओर झुकता है, जिससे रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और कमर दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।
इस आसन को करना बेहद आसान है। इसको करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। पैरों को जोड़कर रखें। दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। हथेलियां एक-दूसरे की तरफ मिलाएं। सांस अंदर लेते हुए कमर से हल्का पीछे झुकें। गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं। 10-20 सेकंड इसी स्थिति में रहें। फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आएं। शुरुआती लोग 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
हस्तोत्तानासन करते समय सांसों का सही तालमेल बेहद जरूरी है। पीछे झुकते समय गहरी सांस लेना और सामान्य स्थिति में आते समय सांस छोड़ना ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखता है। हालांकि, जिन्हें गंभीर कमर दर्द या चक्कर आने की समस्या हो, उन्हें विशेषज्ञ की देखरेख में ही इसका अभ्यास करना चाहिए।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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'शाहरुख का अहंकार...', अभिजीत भट्टाचार्य ने SRK पर निकाली भड़ास!, 'किंग' की माफी का कर रहे इंतजार
Abhijeet Bhattacharya Angry on Shahrukh Khan: सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने एक बार फिर सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण रिश्तों पर खुलकर बात की है. 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में अभिजीत की आवाज शाहरुख की ऑन-स्क्रीन पहचान का अहम हिस्सा बन चुकी थी, लेकिन बाद में दोनों ने प्रोफेशनल तौर पर साथ काम करना बंद कर दिया. ऐसे में अब सालों बाद, अभिजीत ने इस दूरी के पीछे की वजहों पर खुलकर बात की है.
अहंकार और आत्मसम्मान
हाल ही में निधि वासंदानी के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान अभिजीत ने बताया कि उनके और शाहरुख के बीच दरार की सबसे बड़ी वजह अहंकार और आत्मसम्मान रही. उन्होंने कहा कि जहां एक ओर उन्हें लगा कि उनका आत्मसम्मान आहत हुआ, वहीं दूसरी ओर शाहरुख के बेहेवियर में उन्हें अहंकार नजर आया. अभिजीत ने उदाहरण देते हुए कहा कि शाहरुख ने कई बार ऐसे लोगों के साथ भी संबंध बनाए रखे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके बारे में नकारात्मक बातें कहीं, लेकिन उनके मामले में स्थिति अलग रही.
सीधे तौर पर नहीं मिली माफी
उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि फराह खान के पति द्वारा कथित तौर पर शाहरुख के लिए अपशब्द कहे जाने के बावजूद, एक्टर ने उन्हें अपनाया. इसी तरह आमिर खान का उदाहरण देते हुए अभिजीत ने कहा कि उनके और शाहरुख के बीच भी मतभेद रहे, लेकिन उन्होंने रिश्ते को खत्म नहीं होने दिया.
अभिजीत ने साफ कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का हुआ कि उन्हें कभी सीधे तौर पर माफी नहीं मिली. उनके अनुसार, “जब कोई अपनी गलती मान भी ले, तब भी अगर सामने वाला व्यक्ति उसे स्वीकार न करे या माफी न मांगे, तो वह बात अंदर तक चोट पहुंचाती है.” उन्होंने ये भी जोड़ा कि इस पूरे अनुभव का उन पर गहरा भावनात्मक असर पड़ा.
पर्सनल निराशा का परिणाम
उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि शाहरुख के प्रोजेक्ट्स से दूरी बनाना उनका अहंकार नहीं, बल्कि पर्सनल निराशा का परिणाम था. एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने अन्य अभिनेताओं के लिए भी गाना कम कर दिया, क्योंकि उनकी आवाज दर्शकों के बीच शाहरुख की छवि से इतनी गहराई से जुड़ चुकी थी कि वो खुद को उस दायरे से अलग नहीं कर पा रहे थे.
शाहरुख की ओर से एक छोटी-सी पहल
बीते समय को याद करते हुए अभिजीत ने कहा कि कई मौकों पर शाहरुख के करीब होते हुए भी उन्हें अलग-थलग महसूस होता था. उनका मानना है कि अगर शाहरुख की ओर से एक छोटी-सी पहल भी की जाती, तो शायद दोनों के बीच की दूरियां कम हो सकती थीं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि शाहरुख के नाम का इस्तेमाल प्रचार के लिए करने की बात पूरी तरह गलत है, क्योंकि उनके पास पहले से ही अपनी पहचान और उपलब्धियां हैं.
सुलह की संभावना पर बात करते हुए अभिजीत ने दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया. उन्होंने कहा कि अगर कभी भविष्य में दोनों के बीच सुलह होती है, तो उन्हें अब भी विश्वास है कि वो शाहरुख के फिल्मी व्यक्तित्व के लिए सबसे उपयुक्त आवाज दे सकते हैं. हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनके रिश्ते केवल फॉर्मल ग्रीटिंग तक सीमित हैं.
गौरतलब है कि अभिजीत भट्टाचार्य ने शाहरुख खान के लिए कई सुपरहिट गाने गाए हैं. 'बादशाह' और 'मैं हूं ना' जैसी फिल्मों में उनकी आवाज ने शाहरुख की स्क्रीन प्रेजेंस को और भी यादगार बनाया. यही कारण है कि आज भी दर्शक उनकी आवाज को शाहरुख की पहचान का अभिन्न हिस्सा मानते हैं.
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