यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय की तबीयत बिगड़ी, पीएम मोदी का आया रिएक्शन, कहा – ‘जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं’
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अचानक चक्कर आने और बेहोश होने के बाद लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। जानकारी के मुताबिक अजय राय दिन में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे जहां उन्होंने शिक्षकों और डॉक्टरों से बातचीत की। इसी दौरान उन्हें बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत हुई।
वहीं कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। जिसके बाद तुरंत उन्हें मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को कंट्रोल में बताया है लेकिन अभी भी निगरानी जारी है।
कब और कैसे बिगड़ी तबीयत?
दरअसल अजय राय की तबीयत बिगड़ने की घटना लगातार व्यस्त कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के दौरान हुई। दिनभर की मीटिंग और भाषण के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हुई। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें सीने में दर्द, चक्कर और कमजोरी महसूस हुई थी जो अक्सर ओवरवर्क या तनाव के कारण भी हो सकता है। हालांकि इस घटना के बाद कांग्रेस के कई नेता अस्पताल पहुंचे और उनका हाल जाना। पार्टी के अंदर भी इस खबर को लेकर चिंता का माहौल है। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है और कुछ जरूरी टेस्ट भी किए जा रहे हैं ताकि किसी बड़ी समस्या की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी के अस्वस्थ होने का समाचार प्राप्त हुआ है। मैं उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।@kashikirai
— Narendra Modi (@narendramodi) May 1, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी
वहीं अजय राय की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तुरंत इसपर प्रतिक्रिया दी। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। PM मोदी ने कहा – “उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी के अस्वस्थ होने का समाचार प्राप्त हुआ है। मैं उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” वहीं दूसरी ओर अजय राय ने बीमार होने से कुछ समय पहले ही कमर्शियल एलपीजी की बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ा दी गईं जिससे आम लोगों पर बोझ बढ़ा है। उनके इस बयान के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर आने से राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई।
इंदौर में बनेगा ‘बाणेश्वर लोक’! महाकाल लोक की तर्ज पर नया धार्मिक कॉरिडोर, सिंहस्थ से पहले तैयार
मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन की तस्वीर तेजी से बदल रही है। उज्जैन के महाकाल लोक की भव्यता ने देशभर में पहचान बनाई, और अब उसी तर्ज पर इंदौर में एक और बड़ा धार्मिक प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है, ‘बाणेश्वर लोक’।
शुक्रवार को इस महत्वाकांक्षी योजना की औपचारिक शुरुआत हो गई। भूमिपूजन के साथ ही यह साफ हो गया कि आने वाले समय में इंदौर न सिर्फ साफ-सुथरे शहर के रूप में, बल्कि एक बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में भी उभरेगा। खास बात यह है कि इस परियोजना को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बाणेश्वर लोक: महाकाल लोक की तर्ज पर बनेगा भव्य परिसर
‘बाणेश्वर लोक’ को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में स्थित प्राचीन बाणेश्वर कुंड के आसपास तैयार होगी।
करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में बाणेश्वर कुंड को उसके पुराने स्वरूप में विकसित किया जाएगा, ताकि इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान बनी रहे।
इसके साथ ही यहां एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा। परिसर में विशाल शिव प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो इस पूरे क्षेत्र का मुख्य आकर्षण बनेगी।
क्या-क्या होगा खास? जानिए बाणेश्वर लोक की प्रमुख विशेषताएं
विशाल शिव प्रतिमा
प्रवचन हॉल (जहां धार्मिक कार्यक्रम होंगे)
यज्ञशाला (पूजा-अनुष्ठान के लिए)
सुंदर वाटिका (प्राकृतिक माहौल के लिए)
साधु-संतों के ठहरने के लिए विश्राम स्थल
सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना से जुड़े अधिकारियों और नेताओं का साफ कहना है कि ‘बाणेश्वर लोक’ का निर्माण सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा कर लिया जाएगा। सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में योजना है कि उज्जैन जाने वाले श्रद्धालु इंदौर के बाणेश्वर लोक होते हुए जाएं। इससे न सिर्फ इंदौर का धार्मिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि शहर में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
महाकाल लोक के बनने के बाद उज्जैन में पर्यटन में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। इसी मॉडल को अब इंदौर में लागू किया जा रहा है। बाणेश्वर लोक बनने के बाद इंदौर भी धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत होगा। इससे होटल, परिवहन, छोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक मंदिर परिसर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास का आधार बन सकता है।
युवाओं को धर्म और समाज से जोड़ने की पहल
इस परियोजना का एक खास पहलू यह भी है कि इसके जरिए युवाओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। बताया गया है कि बाणेश्वर लोक के माध्यम से नशा मुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यानी यह प्रोजेक्ट सिर्फ धार्मिक ही नहीं, सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बनेगा।
नेताओं के बयान: क्या कहा गया?
भूमिपूजन के दौरान कई प्रमुख नेताओं ने इस परियोजना को लेकर अपने विचार साझा किए। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बाणेश्वर लोक इंदौर के लिए एक बड़ा धार्मिक केंद्र बनेगा और इससे शहर की पहचान और मजबूत होगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसे शहर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वहीं पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने इसे ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ करार दिया।
बाणेश्वर कुंड का ऐतिहासिक महत्व
बाणेश्वर लोक जिस स्थान पर बन रहा है, वहां स्थित बाणेश्वर कुंड का अपना अलग धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। यह स्थान लंबे समय से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। अब इसे नए रूप में विकसित कर एक बड़े धार्मिक स्थल के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इससे न सिर्फ इसकी पहचान बढ़ेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी इसकी जानकारी मिलेगी।
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