₹2 से ₹15 ग्लास हुई कीमत पर क्रेज बरकरार, 32 साल से राजा भैया का सोडा कर रहा लोगों के दिलों पर राज
जमशेदपुर में मनोकामना मंदिर के पास राजा भैया का सोडा का स्टॉल सजता है जो 32 साल से लोगों को घर के बने सोडे का स्वाद दे रहा है. उनके पास कोला, ऑरेंज, लेमन, मिक्स जैसे बहुत से ऑप्शन होते हैं और ग्राहक अपनी मर्जी के हिसाब से चुनता है. मजे की बात यह है कि उनके पास छोटी सी मशीन है जिससे वे सोडा भी खुद तैयार करते हैं और ये पैकेज्ड नहीं होता. सबसे पहले ग्लास में बर्फ डाली जाती है, उस पर आपके चुने गए फ्लेवर का एक चम्मच सिरप, फिर सोडा और आखिर में ग्राहक को परोसने से पहले उसमें एक खास घर का बना मसाला डाला जाता है जिससे इस कदर झाग निकलता है कि ग्राहक सीधे ग्लास मुंह में लगा लेता है वरना आधा सोडा बह जाता है. यह भी घर का बना खास पाउडर है जिसमें अमचूर, नमक, मसाले वगैरह पड़े होते हैं. कभी ये 2 रुपये ग्लास बिकता था आज 15 रुपये ग्लास हो गया है.
बाजार में बिकते हैं तीन तरह के पके केले, ये है सबसे ज्यादा नुकसानदायक, ऐसे करें पहचान
identify artificially carbide chemically ripened bananas: पहला पारंपरिक तरीका लकड़ी की गर्मी का होता है. इसमें कच्चे केलों को एक बंद कमरे में रखा जाता है, जहां लकड़ी जलाकर तापमान बढ़ाया जाता है. कई व्यापारी वातावरण को अनुकूल बनाने के लिए हल्दी या अन्य पारंपरिक उपाय भी अपनाते हैं और कमरे को कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद कर देते हैं. इस प्रक्रिया से केले धीरे-धीरे पक जाते हैं, हालांकि इसमें समय और मेहनत अधिक लगती है.
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