Jharkhand में छात्रों पर लाठीचार्ज की BJP ने की निंदा, Rahul Gandhi की चुप्पी पर उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज किए जाने की निंदा की। भाजपा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत राज्य सरकार पर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया। झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़े जाने और विधानसभा परिसर के करीब पहुंचने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
पुलिस ने सोमवार को ‘‘विधानसभा घेराव’’ प्रदर्शन के दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने कई बेरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम बेरिकेड के करीब पुलिस कार्रवाई में वे घायल हो गए। विधानसभा की कार्यवाही दोपहर में दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे और ऐसे में लाठीचार्ज का कोई औचित्य नहीं था।
सेठ ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘लाठीचार्ज पूरी तरह अनुचित था। प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई उकसावे वाली हरकत या अनुशासनहीनता नहीं की गई थी। हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे और उनके हाथों में राष्ट्रीय ध्वज था।
वे ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगा रहे थे।’’ उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कंटीले तार और पानी की बौछार के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। सेठ ने कहा, ‘‘जब छात्र राष्ट्रीय ध्वज लेकर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगा रहे थे, तो पानी की बौछार क्यों की गई? लाठीचार्ज क्यों किया गया?
क्या वे किसी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे? क्या वे असभ्य तरीके से व्यवहार कर रहे थे? क्या उन्होंने अनुशासन तोड़ा था?
क्या वे पुलिस के खिलाफ नारे लगा रहे थे? क्या उन्होंने पुलिस पर पथराव किया था? नहीं।’’ भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और कांग्रेस नीत गठबंधन समर्थित राज्य सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
सूर्या ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करता हूं। झारखंड के युवा पिछले कई वर्षों से जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और पिछले दो सप्ताह से जारी भूख हड़ताल आज अपने चरम पर पहुंच गई।’’ उन्होंने झारखंड में पुलिस की कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया। सूर्या ने कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या न्याय की आपकी मांग एकतरफा है?
क्या झारखंड के छात्र न्याय के हकदार नहीं हैं? क्या उनकी मांगों पर न्याय नहीं होना चाहिए? राहुल गांधी को यह दोहरा मापदंड और पाखंड बंद करना चाहिए।’’ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को ‘‘राजनीतिक रंग’’ देने की कोशिश करने वाले लोग अब झारखंड में हो रहे प्रदर्शन पर चुप हैं।
राज्यसभा सदस्य चुघ ने कहा, ‘‘अब राहुल गांधी के पास भी उनकी बात सुनने का समय नहीं है, क्योंकि झारखंड में आपकी सरकार है। यह दोहरा मापदंड है। दिल्ली में बेचैनी थी, लेकिन यहां कहने के लिए एक शब्द भी नहीं है।
Kanwar Yatra: हरिद्वार से 251 फुट लंबा तिरंगा लेकर Sambhal पहुंचे 40 श्रद्धालु
संभल में आस्था के साथ देश भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला जिसके तहत हरिद्वार से 251 फुट लंबे तिरंगे से सजी कांवड़ लेकर 40 कांवड़ियों का एक जत्था यहां आया है। आयोजकों ने सोमवार को यह जानकारी दी। श्रद्धालुओं के इस समूह ने हरिद्वार की हर की पौड़ी से संभल तक लगभग 200 किलोमीटर की दूरी छह दिनों में तय की।
ये श्रद्धालु मंगलवार को सावन के पवित्र महीने में शिव तेरस के मौके पर बहजोई ब्लॉक के सादात बाड़ी गांव में प्राचीन श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल चढ़ाएंगे। इस कांवड़ का मुख्य आकर्षण 251 फुट लंबा तिरंगा है, जिसका रास्ते में कई जगहों पर स्वागत किया गया। इस कांवड़ यात्रा में 40 कांवड़ियों के अलावा, 50 से ज़्यादा ग्रामीण भी इस समूह की मदद कर रहे थे।
चंदौसी तहसील के दूधापुर गांव के चंद्रपाल सिंह ने बताया कि समूह चार अगस्त को हरिद्वार के लिए निकला था और छह दिन में यात्रा पूरी करके लौटा। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार शिव तेरस 15 अगस्त के करीब पड़ रही थी, इसलिए हमने देशभक्ति का प्रतीक तिरंगा कांवड़ लाने का फैसला किया। तिरंगा 251 फुट लंबा है।
शायद देश में कहीं भी इतनी बड़ी कांवड़ नहीं निकाली गई है। एक अन्य प्रतिभागी टिंकू कुमार ने बताया कि समूह भगवान शिव और देवी दुर्गा की मूर्तियां लेकर चल रहा था और जय जवान, जय किसान के नारे लगा रहा था। उन्होंने कहा कि समूह के साथ चल रहा डीजे देश भक्ति के गाने भी बजा रहा था।
कांवड़ियों ने बताया कि उन्हें यात्रा के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई और रास्ते में पुलिस बल तैनात मिला और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध थीं। समूह सोमवार शाम करीब छह बजे अपने गांव पहुंचा, जहां कांवड़िये डीजे की धुन पर नाचते-गाते चल रहे थे। वे मंगलवार को पातालेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल चढ़ाएंगे और कांवड़ समर्पित करेंगे।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










