Delhi Traffic Jam: कांवड़ यात्रा और बारिश से वाहन रेंगने लगे, कई रूट डायवर्ट
वार्षिक कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही सोमवार को दिल्ली के कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें, मोटरसाइकिल और पैदल चलते कांवड़िये, लोगों की भीड़ से पटे बाजार और सड़क किनारे लगे कांवड़ शिविर नजर आए। कई जगहों पर नियमित यातायात के कारण पहले से व्यस्त सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते रहे और इस दौरान कांवड़िये गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर जाते दिखे। स्थानीय लोगों के अनुसार, राधाकृष्णन मार्ग और अबाई मार्ग के अलावा एलएसआर कॉलेज से नेहरू प्लेस के बीच सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
सावित्री फ्लाईओवर से चिराग दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात धीमा रहा। वहीं, रोहिणी के सेक्टर-2 स्थित श्री शिव हनुमान मंदिर के पास कांवड़ शिविर में लोगों की भीड़ के कारण इलाके में यातायात प्रभावित हुआ। कई कांवड़िये मोटरसाइकिलों से या समूह में पैदल चलते और कंधों पर कांवड़ उठाए नजर आए।
कांवड़ शिविरों के आसपास जुटी भीड़ और बाजारों में बढ़ी पैदल आवाजाही के कारण कई स्थानों पर सामान्य यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि ग्रेटर कैलाश में अर्चना कॉम्प्लेक्स लाल बत्ती के पास सड़क के डिवाइडर का निर्माण कार्य जारी होने के कारण यातायात प्रभावित रहा। वहीं, मेन उत्तम नगर लाल बत्ती के पास ई-रिक्शा, रेहड़ी-पटरी वालों और फूल की दुकानों के सड़क के कुछ हिस्से पर कब्जा करने से यात्रियों को परेशानी हुई।
दिल्ली-गाजियाबाद मार्ग पर भारी बारिश के बीच पटपड़गंज के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी यातायात धीमा रहा। यात्रियों द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में एक कार सड़क की गलत दिशा में चलती दिखाई दी, जिससे अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। दिल्ली यातायात पुलिस ने इससे पहले कांवड़ियों की आवाजाही के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की चेतावनी दी थी, इनमें खास तौर पर कालिंदी कुंज चौराहा, ओखला बैराज रोड और नोएडा-कालिंदीकुंज मार्ग शामिल हैं।
यात्रा के अंतिम दिनों में दिल्ली और आसपास के इलाकों से श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के मद्देनजर पुलिस ने यह यातायात परामर्श जारी किया था। पुलिस के अनुसार, कांवड़ियों की आवाजाही और ओखला बैराज-कालिंदी कुंज मार्ग पर जारी सड़क मरम्मत कार्य के कारण कालिंदी कुंज के आसपास यातायात 12 अगस्त तक प्रभावित रहने की संभावना थी। पुलिस ने 11 और 12 अगस्त को सामान्य यातायात के लिए अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज के बीच जीटी रोड बंद रखने की भी घोषणा की थी।
यात्रियों को एनएच-9 और एनएच-44 समेत वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी। सोमवार को बारिश ने भी यातायात की स्थिति को और प्रभावित किया। शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई और लोगों ने व्यस्त सड़कों पर वाहनों की धीमी रफ्तार की सूचना दी।
Assam Flood विकराल: राज्य में मृतक संख्या 101 हुई, 1.26 लाख लोग प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति सोमवार को भी गंभीर बनी रही और एक और व्यक्ति की मौत के साथ इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई। वहीं, 1.26 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की बुलेटिन के अनुसार, रविवार रात से एकमात्र मौत शिवसागर जिले के अमगुरी राजस्व मंडल में हुई। इसके साथ ही इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 101 हो गई है। बाढ़ संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव, दरांग, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, नगांव और शिवसागर जिलों में 1,26,431 लोग प्रभावित हुए हैं।
गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 71,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में 21,000 से अधिक और जोरहाट में 13,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। रविवार को राज्य के सात जिलों में 1.4 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे।
एएसडीएमए ने बताया कि छह जिलों में प्रशासन 89 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां करीब 24,000 लोगों की देखभाल की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार, वर्तमान में 458 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं और राज्यभर में 11,287.04 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
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