Responsive Scrollable Menu

बारामती पर सुप्रिया सुले का बड़ा बयान, परिवार और चुनाव को लेकर कह दी बड़ी बात

महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम मोड़ तब आया जब सुप्रिया सुले ने बारामती सीट को लेकर बड़ा ऐलान किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगी. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में पारिवारिक और राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं.

बारामती: पवार परिवार का राजनीतिक गढ़

बारामती लंबे समय से पवार परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है. इस सीट पर कई बार परिवार के सदस्यों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है, जिससे राजनीति और रिश्तों के बीच टकराव की स्थिति बनी रहती है. ऐसे में सुप्रिया सुले का यह बयान काफी मायने रखता है.

अजित पवार गुट की प्रतिक्रिया

इस बयान पर सुनेत्रा पवार से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली. वहीं, अदिति तटकरे ने सुप्रिया सुले के रुख का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि राजनीति और परिवार को अलग-अलग रखना चाहिए और परिवार की एकता सबसे महत्वपूर्ण है. उनके इस बयान को सियासी सौहार्द का संकेत माना जा रहा है.

परिवार के भीतर चुनावी मुकाबले का इतिहास

बारामती में हाल के वर्षों में परिवार के भीतर ही चुनावी टकराव देखने को मिला है. अजित पवार ने विधानसभा चुनाव में अपने ही रिश्तेदार युगेंद्र पवार को हराया था. वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले का मुकाबला सुनेत्रा पवार से हुआ था, जिसमें उन्होंने बड़ी जीत हासिल की थी.

इन घटनाओं ने यह साफ किया कि बारामती की राजनीति में पारिवारिक रिश्ते भी चुनावी प्रतिस्पर्धा से अछूते नहीं रहे हैं.

क्या बदलेंगे सियासी समीकरण?

सुप्रिया सुले का यह बयान आने वाले चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. इससे यह संकेत मिलता है कि वह परिवार में राजनीतिक टकराव से बचना चाहती हैं और एक संतुलित राजनीति की ओर बढ़ रही हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि मतदाताओं के बीच भी सकारात्मक संदेश देगा.

सुप्रिया सुले का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया संदेश देता है, जहां परिवार और राजनीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखती है. बारामती जैसे अहम क्षेत्र में यह फैसला भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है.

यह भी पढ़ें - मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे 'मिसिंग लिंक' का CM देवेंद्र फणडवीस ने किया उद्घाटन, जानें क्या हैं इसकी खासियत

Continue reading on the app

पाकिस्तान : खैबर पख्तूनख्वा में पोलियो के दो नए मामले, 2026 में अब तक तीन केस सामने आए

इस्लामाबाद, 1 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत से पोलियो के दो नए मामले सामने आए हैं। इससे इस साल की शुरुआत से अब तक देश में कुल मामलों की संख्या तीन हो गई है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को दी।

पाकिस्तान पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर प्रमुख दैनिक डॉन को बताया कि बान्नू और नॉर्थ वजीरिस्तान में एक-एक मामला सामने आया है। इन मामलों की पुष्टि नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (एनईओसी) ने की है।

अधिकारी ने बताया, “ये दोनों मामले पोलियो वायरस सर्विलांस नेटवर्क के जरिए सामने आए और इन्हें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएस) की डब्‍ल्‍यूएचओ-मान्यता प्राप्त लैब ने कन्फर्म किया है।”

इससे पहले इस साल का पहला मामला सिंध प्रांत के सुजावल जिले में सामने आया था। अब कुल मामलों की संख्या तीन हो गई है।

दुनिया में अब सिर्फ पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही ऐसे देश हैं, जहां अभी भी पोलियो के मामले मिलते हैं।

डॉन के अनुसार, पिछले महीने यह भी खबर आई थी कि खैबर पख्तूनख्वा के हंगू और बान्नू समेत बलूचिस्तान के कुछ इलाकों में पोलियो टीमों पर हमले हुए। इन हमलों में पुलिस एस्कॉर्ट्स की मौत हुई और कुछ पोलियो वर्कर्स का अपहरण भी किया गया।

ये हमले उस समय हुए जब देशभर में बच्चों को पोलियो की खुराक देने के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा था।

मार्च में बताया गया था कि करीब 2,33,000 बच्चे पोलियो ड्रॉप्स से वंचित रह गए। इसकी वजह सुरक्षा समस्याएं, कुछ इलाकों में लोगों का विरोध और बर्फ से ढके इलाके थे। इनमें से करीब 1,84,000 बच्चे खैबर पख्तूनख्वा से थे, जबकि लगभग 50,000 बच्चे पाकिस्तान के कब्‍जे वाले जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में टीकाकरण नहीं पा सके।

माता-पिता की ओर से वैक्सीन से इनकार करना भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। सिर्फ कराची में ही करीब 31,000 मामलों में लोगों ने वैक्सीन लेने से मना कर दिया, जो पूरे देश के कुल इनकार मामलों का लगभग 58 प्रत‍िशत है।

इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि गलत जानकारी, कमजोर योजना, खराब स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक ध्यान की कमी जैसे मुद्दे कितने जिम्मेदार हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) ने 2014 से पाकिस्तान पर पोलियो से जुड़े यात्रा प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों के पास पोलियो वैक्सीन का सर्टिफिकेट होना जरूरी है।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

लाइमलाइट से दूर, लेकिन रिकॉर्ड में विराट और रोहित की बराबरी... मनीष पांडे की एलीट क्लब में धांसू एंट्री, 19वां सीजन खेल रचा इतिहास

Manish Pandey joins kohli Rohit elite club: आईपीएल इतिहास में रविवार का दिन मनीष पांडे के लिए बेहद खास रहा. 37 वर्षीय मनीष पांडे आईपीएल के सभी 19 सीजन में खेलने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं. इस विशिष्ट क्लब में अब तक सिर्फ विराट कोहली और रोहित शर्मा का ही नाम था. केकेआर की जर्सी में वापसी करते हुए उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, मुंबई इंडियंस से लेकर दिल्ली कैपिटल्स और केकेआर तक, उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन निरंतरता के मामले में वे अब आईपीएल के दिग्गजों की कतार में खड़े हैं. Sun, 3 May 2026 16:31:48 +0530

  Videos
See all

Bengal Election: Bengal में BJP की बंपर जीत होगी - Suvendu Adhikari! | West Bengal | TMC Vs BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-03T11:07:26+00:00

UP News: Police चौकी में Rohit Rana की मौत से दहला Baghpat, परिजनों ने कहा- 'पुलिस ने मार डाला' #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-03T11:05:31+00:00

West Bengal Election Results 2026: क्या ममता बनर्जी की होगी हार? नतीजों से पहले बड़ा झटका! #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-03T11:12:47+00:00

Assam Election 2026: काउंटिंग से पहले बढ़ी बेचैनी! किसका पलड़ा भारी? | CM Himanta #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-03T11:07:44+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers