कमेंट्री बॉक्स में रमीज राजा ने फीमेल कमेंटेटर को चूमा, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
PSL 2026 game Ramiz Raja: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर रमीज राजा की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. ये वीडियो पाकिस्तान सुपर लीग में एक मैच के दौरान की है जब वह कमेंट्री बॉक्स में महिला साथी को गले लगाते हुए और चूमते हुए दिखे. इस घटना पर अब कई तरह की मजेदार प्रतिक्रिया सामने आ रही है.
Vaishakh Purnima 2026: आज है वैशाख पूर्णिमा, जानें पूजा मुहूर्त और विधि, कब होगा व्रत का पारण?
Vaishakh Purnima 2026: आज है वैशाख पूर्णिमा जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं. सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा को बेहद खास माना जाता है. आज के दिन पर हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म के लोग भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि भगवान बुद्ध को विष्णु जी का नौवां अवतार माना जाता है. भगवान बुद्ध ने अपने जीवन में दुनिया को शांति का संदेश दिया था. इस पू्र्णिमा पर उनके जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण पर्व के रुप में मनाया जाता है. इस पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के लिए कूर्म अवतार लिया था. इसलिए, इस पूर्णिमा के दिन कूर्म जयंती पर्व भी मनाया जाता है.
इस दिन भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की विधि-विधान के साथ पूजा करनी चाहिए. सत्यनारायण व्रत करना चाहिए. वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जीवन के सभी कष्ट समाप्त होते हैं. आइए जानते हैं आज वैशाख पूर्णिमा पर पूजा का शुभ मुहूर्त.
वैशाख पूर्णिमा 2026 तिथि (Vaishakh Purnima 2026 Date)
द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा की तिथि का प्रारंभ 30 अप्रैल की रात 09 बजकर 12 मिनट पर हुआ था. पूर्णिमा तिथि का समापन 1 मई को रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा का पर्व इस साल 1 मई को मनाना शुभ होगा. 1 मई को ही सत्यनारायण व्रत पर्व मनाया जाएगा. इस दिन बुद्ध पूर्णिमा भी मनाई जाएगी.
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वैशाख पूर्णिमा पूजा मुहूर्त (Vaishakh Purnima Shubh Muhurat)
- 1 मई को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 15 मिनट से सुबह 04 बजकर 58 मिनट तक रहेगा.
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा.
- अमृत काल मुहूर्त शाम 06 बजकर 56 मिनट से रात 08 बजकर 41 मिनट तक रहेगा.
- इन मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं. शुभ मुहूर्त में पूजन करने से पूजा का संपूर्ण फल मिलता है. सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.
वैशाख पूर्णिमा पूजा विधि (Vaishakh Purnima Puja Vidhi)
वैशाख पूर्णिमा पर आपको सूर्योदय से पहले स्नान करके व्रत का संकल्प लेना होगा. आज के दिन गंगा-यमुना या पवित्र कुंड-सरोवर में स्नान करना बेहद शुभ होता है. स्नान के बाद शुद्ध कपड़े पहनकर पूजा करें. सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करें. गंगाजल छिडककर शुद्ध करें. अब उत्तर पूर्व दिशा में चौकी बिछाएं, चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. चौकी पर भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की मूर्ति या चित्र की स्थापना करें. सत्यनारायण भगवान की स्थापना करें. भगवान के सामने घी का दीपक जलाकर पूजा करें. सबसे पहले सभी का गंगाजल से अभिषेक करें. भगवान को फूल को अर्पित करें. ऋतु फलों और मिष्ठान का भोग लगाएं. पूजा के अंत में श्रद्धा भक्ति के साथ आरती करें. अब ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें.
इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम और सत्यनारायण व्रत कथा पढ़नी या सुननी चाहिए.
वैशाख पूर्णिमा पर बिल्कुल न करें ये काम
- वैशाख पूर्णिमा पर घर में कलेश करने से बचें.
- किसी बात को लेकर क्रोध और गुस्सा न करें.
- मांस-मदिरा का सेवन करने से बचें.
- लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन न करें.
- अपने से बड़ों का अपमान न करें.
- बाल और नाखून न काटें.
- ब्रह्मचर्य का पालन अवश्य करें.
वैशाख पूर्णिमा व्रत करने से क्या होगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा का उपवास करने से कई जन्मों का पाप नष्ट हो जाता है. अनजाने पापों से मुक्ति मिलती है. दोष मिटते हैं. इस व्रत को पाप विमोचनी के बराबर माना जाता है, इसलिए आज व्रत रखने से नकारात्मकता का अंत भी होता है. मानसिक शांति के लिए और दरिद्रता को दूर करने के लिए वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखते हैं.
वैशाख पूर्णिमा व्रत के नियम
- इस दिन जो लोग उपवास कर रहे हैं या जो नहीं कर रहे हैं, वे भी सात्विकता का ख्याल रखें. खान-पान शुद्ध और सात्विक हो. वाणी में मधुरता रखें.
- गर्मी में यह पूर्णिमा आती है. इसलिए, इस दिन पर जल और फलों का दान अवश्य करना चाहिए. भगवान विष्णु को दान करने से प्रसन्नता होती है.
- वैशाख पूर्णिमा के दिन रात के समय चांद की रोशनी में बैठकर ध्यान लगाना चाहिए. कहते हैं ऐसा करने से मानसिक शांति मिलती है.
कब होगा वैशाख पूर्णिमा 2026 का पारण?
पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा तिथि 1 मई शुक्रवार रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. ऐसे में व्रत का पारण करने के लिए शुभ दिन और समय 2 मई शनिवार को होगा. सुबह सूर्योदय के पश्चात कभी भी पूर्णिमा व्रत का पारण किया जा सकता है. पारण करने के लिए सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करें और दान जरूर करें. पारण के बाद बिना प्याज-लहसुन का भोजन खाना चाहिए. हलवा खाकर व्रत खोलना ज्यादा शुभ माना जाता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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