वांग यी ने लाओस के उप प्रधानमंत्री और बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री से मुलाकात की
बीजिंग, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने चीन की राजधानी पेइचिंग में लाओस के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने से मुलाकात की।
वांग यी ने चीन और लाओस के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 65वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित स्वागत समारोह में भाग लेने के लिए थोंगसावन की पेइचिंग की विशेष यात्रा का स्वागत किया और कहा कि चीन और लाओस साथी और भाई हैं, जिनके बीच लंबे समय से चली आ रही पारंपरिक मित्रता और घनिष्ठ संबंध सभी स्तरों और सभी क्षेत्रों में बरकरार हैं। चीन लाओस के साथ रणनीतिक संचार को मजबूत करने, राजनीतिक आपसी विश्वास को बढ़ाने, चीन-लाओस रेलवे के निर्माण, खनिज संसाधनों, व्यापार और आर्थिक सहयोग और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने और आसियान जैसे बहुपक्षीय ढांचों के भीतर सहयोग को गहरा करने के लिए तैयार हैं।
यी ने पेइचिंग में बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट के साथ बातचीत की। वांग यी ने कहा कि इस वर्ष चीन और बेल्जियम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ है। दोनों देशों के नेताओं के मार्गदर्शन और समर्थन से द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और ठोस विकास हुआ है और दोनों पक्षों ने एक व्यापक मैत्रीपूर्ण सहयोगात्मक साझेदारी स्थापित की है।
वांग यी ने कहा कि बेल्जियम यूरोपीय संघ के मुख्यालय का स्थल है और चीन-यूरोप सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है। चीन-बेल्जियम संबंधों का महत्व द्विपक्षीय दायरे से कहीं अधिक है। चीन आशा करता है कि बेल्जियम यूरोपीय संघ के भीतर सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाएगा, व्यापार और आर्थिक मतभेदों को उचित रूप से सुलझाने, खुलेपन और सहयोग को बनाए रखने और पारस्परिक लाभ और व्यापक-जीत परिणाम प्राप्त करने के लिए यूरोपीय संघ और चीन के बीच संवाद और परामर्श को बढ़ावा देगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीनी प्रतिनिधिमंडल ने नाभिकीय अप्रसार संधि की 11वें समीक्षा सम्मेलन में वकालत की
बीजिंग, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी प्रतिनिधिमंडल ने 29 अप्रैल को नाभिकीय अप्रसार संधि की 11वें समीक्षा सम्मेलन में वकालत की।
इस मौके पर चीनी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले 20 से अधिक सालों में अमेरिका क्रमशः एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल संधि, इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज संधि और ओपन स्काईज संधि आदि शस्त्र नियंत्रण संधियों से हट चुका है। इसके अलावा, अमेरिका ने सामरिक शस्त्र कटौती संधि को समाप्त होने और अमान्य होने दिया। इससे अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु हथियार नियंत्रण प्रणाली को नुकसान पहुंचा। अमेरिका परमाणु हथियार नियंत्रण और रणनीतिक स्थिरता के क्षेत्रों में अराजकता का सबसे बड़ा स्रोत है।
चीनी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने इधर दिनों के भाषण में जानबूझकर चीन के रुख व विचार की गलत व्याख्या की और चीन की परमाणु नीति व प्रतिरक्षा बल के निर्माण पर निराधार लांछन लगाया और कालिख पोती। चीन इसका कड़ा विरोध करता है। अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता का सक्रिय रूप से जवाब देना होगा।
उधर, चीनी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि साने ताकाइची के पद संभालने के बाद से जापान का परमाणु मुद्दा एक वास्तविक खतरा बन गया है, न कि संभावित खतरा। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है। चीन ने इस मुद्दे पर कार्य दस्तावेज प्रस्तुत किया है। सभी पक्षों का इस पर ध्यान से अध्ययन करने का स्वागत है। वर्तमान समीक्षा सम्मेलन में संबंधित मुद्दों पर गहन रूप से चर्चा करनी होगी, ताकि जापान की परमाणु गतिविधियों के सत्यापन और पर्यवेक्षण को मजबूत किया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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