नीमच: शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित, सुबह 9 से रात 10 बजे तक “नो एंट्री जोन” घोषित
नीमच शहर में आने वाले वाहन चालकों के लिए ये खबर महत्वपूर्ण है, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शहर एक अन्दर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है, इस आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभ्व्शील रहेगा।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिला दण्डाधिकारी हिमांशु चंद्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (1) के तहत नीमच नगर के विभिन्न मार्गों को भारी वाहनों के लिए “नो एंट्री जोन” घोषित किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से 15 मई 2026 तक प्रभावशील रहेगा। प्रतिबंधित समय प्रातः 09:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान चिन्हित मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा।
“नो एंट्री जोन” घोषित मार्ग
- हिंगोरिया रेल्वे फाटक तिराहा से नीमच शहर की ओर।
- भरभड़िया फण्टे से नीमच शहर की ओर।
- जावद फण्टे से नीमच शहर की ओर।
- नाका नं. 7 (सुराही होटल) से फव्वारा चौक, मैसी शोरूम, स्पेटा पेट्रोल पंप तक।
- अंबेडकर रोड मैसी शोरूम चौराहा से लायन डेन तक।
- मूलचंद मार्ग बस स्टैण्ड से अल्कोलॉइड फैक्ट्री तक।
- पंचवटी कॉलोनी रोड, चमड़ा कारखाना रोड।
- टेगोर मार्ग फव्वारा चौक से चौपड़ा तथा विजय टॉकीज से दशहरा मैदान चौपड़ा गणेश मंदिर चौराहा तक।
उल्लंघन पर मिलेगी सजा
- आदेश का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(1) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध होगा।
- जिला प्रशासन ने सभी वाहन स्वामियों, ट्रांसपोर्टरों एवं आम नागरिकों से आदेश का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। यातायात पुलिस द्वारा उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रीढ़ को बनाएं मजबूत और लचीला: रोज करें ये 5 योगासन, दर्द से मिलेगा आराम; फिटनेस में होगा इजाफा!
Yogasana For Spine: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और घंटों बैठकर काम करने की आदत ने रीढ़ (स्पाइन) से जुड़ी समस्याओं को तेजी से बढ़ा दिया है। कमर दर्द, जकड़न और लचीलापन कम होना आम समस्या बन गई है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
ऐसे में योग एक प्राकृतिक और असरदार उपाय है, जो न सिर्फ रीढ़ को लचीला बनाता है बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। कुछ खास योगासन रोजाना करने से आपकी स्पाइन मजबूत होती है, दर्द कम होता है और बॉडी का पोश्चर भी सुधरता है।
5 योगासन रीढ़ के लिए हैं फायदेमंद
भुजंगासन
यह योगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है। पेट के बल लेटकर धीरे-धीरे ऊपरी शरीर को उठाएं। इससे पीठ की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं और कमर दर्द में राहत मिलती है।
मार्जरी आसन
यह आसन स्पाइन को स्ट्रेच करने के लिए बेहतरीन है। इसमें शरीर को बिल्ली की तरह मोड़ा और सीधा किया जाता है। इससे रीढ़ में लचीलापन आता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
बालासन
बालासन शरीर को रिलैक्स करता है और रीढ़ को आराम देता है। यह आसन मानसिक तनाव कम करने के साथ-साथ पीठ और कंधों की जकड़न दूर करता है।
ताड़ासन
ताड़ासन शरीर के पोस्चर को सुधारने में मदद करता है। यह रीढ़ को सीधा और मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे आसान और प्रभावी आसनों में से एक है।
पश्चिमोत्तानासन
यह आसन रीढ़ को पूरी तरह स्ट्रेच करता है और लचीलापन बढ़ाता है। इसे नियमित करने से कमर दर्द और थकान में राहत मिलती है।
अन्य फायदे
- शरीर का पोश्चर बेहतर होता है
- मांसपेशियां मजबूत बनती हैं
- तनाव और थकान कम होती है
- ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है
- फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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