रीढ़ को बनाएं मजबूत और लचीला: रोज करें ये 5 योगासन, दर्द से मिलेगा आराम; फिटनेस में होगा इजाफा!
Yogasana For Spine: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और घंटों बैठकर काम करने की आदत ने रीढ़ (स्पाइन) से जुड़ी समस्याओं को तेजी से बढ़ा दिया है। कमर दर्द, जकड़न और लचीलापन कम होना आम समस्या बन गई है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
ऐसे में योग एक प्राकृतिक और असरदार उपाय है, जो न सिर्फ रीढ़ को लचीला बनाता है बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। कुछ खास योगासन रोजाना करने से आपकी स्पाइन मजबूत होती है, दर्द कम होता है और बॉडी का पोश्चर भी सुधरता है।
5 योगासन रीढ़ के लिए हैं फायदेमंद
भुजंगासन
यह योगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है। पेट के बल लेटकर धीरे-धीरे ऊपरी शरीर को उठाएं। इससे पीठ की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं और कमर दर्द में राहत मिलती है।
मार्जरी आसन
यह आसन स्पाइन को स्ट्रेच करने के लिए बेहतरीन है। इसमें शरीर को बिल्ली की तरह मोड़ा और सीधा किया जाता है। इससे रीढ़ में लचीलापन आता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
बालासन
बालासन शरीर को रिलैक्स करता है और रीढ़ को आराम देता है। यह आसन मानसिक तनाव कम करने के साथ-साथ पीठ और कंधों की जकड़न दूर करता है।
ताड़ासन
ताड़ासन शरीर के पोस्चर को सुधारने में मदद करता है। यह रीढ़ को सीधा और मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे आसान और प्रभावी आसनों में से एक है।
पश्चिमोत्तानासन
यह आसन रीढ़ को पूरी तरह स्ट्रेच करता है और लचीलापन बढ़ाता है। इसे नियमित करने से कमर दर्द और थकान में राहत मिलती है।
अन्य फायदे
- शरीर का पोश्चर बेहतर होता है
- मांसपेशियां मजबूत बनती हैं
- तनाव और थकान कम होती है
- ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है
- फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
लेखक: (कीर्ति)
Besan Suji Kabab: पार्टी स्टार्टर में परोसें सूजी-बेसन कबाब, जो खाएगा रेसिपी पूछे बिना नहीं रहेगा!
Onion Storage: प्याज खराब होने से बचाने में मदद करेंगे 7 स्मार्ट तरीके, महीनों तक रख सकेंगे फ्रेश
Gym Exercise: अप्रैल-मई में भी जिम में पसीना बहाते हैं? जानें एक्सरसाइज़ का सही समय और तरीका
UGC NET 2026 जून सेशन में बड़ा बदलाव, दो नए विषय जोड़े गए, इंफॉर्मेशन बुलेटिन और सिलेबस भी जारी
यूजीसी नेट जून सेशन (UGC NET 2026) के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 अप्रैल से ही शुरू हो चुकी है। गुरुवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने विषयों की सूची भी आधिकारिक वेबसाइट http://ugcnet.nta.nic.in जारी कर दी है। जिसके मुताबिक इस बार कुल 87 विषयों की परीक्षा आयोजित होने वाली है। पहले विषयों की संख्या 85 थी। इस बार फॉरेस्ट्री और स्टैटिसटिक्स दोनों सब्जेक्ट्स जोड़े गए हैं।
यूजीसी नेट सिलेबस जून 2026 सेशन के लिए संशोधित इंफॉर्मेशन बुलेटिन भी जारी हो चुकी है। आवेदन प्रक्रिया 20 मई 2026 तक जारी रहने वाली है। परीक्षा का आयोजन 22 जून से लेकर 30 जून 2026 के बीच देशभर के विभिन्न शहरों में किया जाएगा। प्रवेश पत्र 15 जून को उपलब्ध होंगे।
अनारक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क की 1150 रुपये है। जबकि ईडब्ल्यूएस और ओबीसी एनसीएल के लिए फीस 600 रुपये और एससी/एसटी/PwD/PwBD/थर्ड जेंडर उम्मीदवारों के लिए 350 रुपये है।
परीक्षा पैटर्न
यूजीसी नेट जून 2026 के परीक्षा पैटर्न में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। एग्जाम में कुल दो पेपर शामिल होंगे। दोनों ही पेपर के बीच कोई ब्रेक नहीं मिलेगा। परीक्षा की अवधि 180 मिनट यानी 3 घंटे होगी। पेपर-1 में रीजनिंग एबिलिटी, रीडिंग कंप्रीहेंशन, डायवर्जेंट थिंकिंग और जनरल अवेयरनेस से संबंधित 50 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। यह कुल 100 अंक का होगा। पेपर-2 उम्मीदवारों द्वारा चुने विषय से संबंधित होगा। प्रश्नों की संख्या 100 होगी। वहीं कुल अंक 200 होंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंक का होगा। किसी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं होगा। वहीं जिन प्रश्नों को अटेम्प्ट नहीं किया गया है, न ही उस पर कोई अंक मिलेंगे और न ही अंक काटे जाएंगे।
सिलेबस भी जारी, ऐसे करें आवेदन
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने फॉरेस्ट्री और स्टैटिसटिक्स समेत सभी 87 विषयों का सिलेबस जारी कर दिया है। जिसे उम्मीदवार अधिकारी वेबसाइट https://www.ugcnetonline.in/syllabus-new.php पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी उम्मीदवारों को सिलेबस की कॉपी प्रदान नहीं करेगा। प्रश्न पत्र इंग्लिश और हिंदी दोनों माध्यमों में उपलब्ध होंगे। हालांकि यह नियम लैंग्वेज पेपर पर लागू नहीं होगा। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन के समय परीक्षा पर प्रश्न पत्र के माध्यम को अच्छे से सेलेक्ट करने की सलाह दी जाती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
Mp Breaking News

















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)





