अमेरिका: नकली पासपोर्ट से जुड़े बड़े फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, दो आरोपियों को जेल
वॉशिंगटन, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश विभाग की डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस की वर्षों लंबी जांच के बाद नकली अमेरिकी पासपोर्ट कार्ड और फर्जी पहचान के जरिए कई राज्यों में चल रहे बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को जेल की सजा सुनाई गई है।
ब्रुकलिन (न्यूयॉर्क) की रहने वाली 32 वर्षीय सिएरा जूलिएथ ब्लास को 7 अप्रैल 2026 को 10 साल (120 महीने) की जेल की सजा दी गई, जबकि न्यूयॉर्क की 41 वर्षीय केली जोसेक को जनवरी 2026 में इसी तरह के आरोपों में 90 महीने की सजा सुनाई गई।
डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत टेक्सास में एक सामान्य ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हुई थी। पुलिस ने एक वाहन को रोका, जिसे ब्लास चला रही थी और जिसमें जोसेक भी मौजूद था। तलाशी के दौरान पुलिस को सात नकली अमेरिकी पासपोर्ट कार्ड और बैंक कार्ड मिले।
इसके बाद जांच शुरू हुई, जिसमें पता चला कि यह एक संगठित नेटवर्क था जो लोगों की चोरी की गई पहचान का इस्तेमाल कर नकली पासपोर्ट कार्ड बनाता था और अमेरिका भर में उनके बैंक खातों से पैसे निकालता था।
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने 80 से अधिक लोगों की पहचान और 12 व्यक्तियों की पासपोर्ट जैसी तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज बनाए। इन दस्तावेजों के जरिए उन्होंने पीड़ितों के खातों से पैसे निकाले, ट्रांसफर किए और बैंकिंग लेनदेन के जरिए धोखाधड़ी की।
डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस के अनुसार, इस धोखाधड़ी से पीड़ितों को 13 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि कुल मिलाकर 80 लाख डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड और करीब 2,500 लोगों के प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है।
ब्लास को 2022 में भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसने जमानत शर्तों का उल्लंघन कर फरार हो गई थी। बाद में जांच एजेंसियों ने वित्तीय ट्रैकिंग और खुफिया जानकारी के जरिए उसे ह्यूस्टन में एक फर्जी पहचान से किराए पर लिए गए घर से पकड़ लिया।
जनवरी 2025 में उसे अमेरिकी मार्शल सर्विस की मदद से गिरफ्तार किया गया। उसके ठिकाने से नकली अमेरिकी ट्रेजरी चेक, फर्जी पासपोर्ट कार्ड, हथियार और फर्जी पहचान बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए।
इसके बाद एक दोनों आरोपियों के खिलाफ 33 अतिरिक्त आरोप तय किए गए, जिनमें पहचान की चोरी, बैंक फ्रॉड, वायर फ्रॉड और नकली पासपोर्ट रखने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस अमेरिकी विदेश विभाग की वह एजेंसी है जो पासपोर्ट और वीजा धोखाधड़ी की जांच करती है और अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। हाल के वर्षों में यह एजेंसी पहचान चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी के नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर रही है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पेंशनर्स के लिए गुजरात सरकार की खास पहल, घर बैठे फ्री में बनेगा लाइफ सर्टिफिकेट, 1 मई से शुरू होगी सुविधा
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने पेंशनर्स लिए बड़ा कदम उठाया है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के साथ मिलकर लाइफ सर्टिफिकेट (हयाती) के वेरिफिकेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के नई पहल (Gujarat Life Certificate Service) की गई है। 1 मई से 31 जुलाई 2026 तक पेंशन होल्डर्स को डोरस्टेप लाइफ सर्टिफिकेट सर्विस मिलेगी। सरकार के इस कदम राज्य के 5 लाख से अधिक पेंशन भोगियों को होगा।
पोस्टमास्टर जनरल (नॉर्थ गुजरात क्षेत्र, अहमदाबाद) कृष्ण कुमार यादव और वित्त सचिव संदीप कुमार के बीच एक MoU साइन किया गया है। जिसके तहत ग्रामीण डाक सेवक और पोस्टमैन पेंशनर्स घरों में जाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाएंगे। इसके लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण यानी फेस रिकॉग्निशन और फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रक्रिया से डिजिटल कॉपी मिनटों विंडो में तैयार होगी। नागरिकों को घर से बाहर निकालने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
फ्री में मिलेगी सुविधा
इस सुविधा के लिए किसी प्रकार का शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। लाइफ सर्टिफिकेट की डिजिटल कॉपी ऑटोमेटेकली पेंशन ऑफिस को नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर्स द्वारा विकसित जीवन प्रमाण एप्लीकेशन के द्वारा भेजी जाएगी। अन्य राज्यों में रह रहे गुजरात के पेंशन भोगियों को भी इस सेवा का लाभ मिलेगा। वे अपने नजदीकी डाकघर में जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
घर बैठे लाइट सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पेंशनर्स को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पीपीओ नंबर इत्यादि पोस्टमैन को देना होगा। जिसके बाद वे अपना लाइफ सर्टिफिकेट जीवन प्रमान के आधिकारिक वेबसाइट http://jeevanpramaan.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर पाएंगे।
ગુજરાત સરકારના પેન્શનરો માટે ખુશખબર…
પેન્શનધારકોના જીવન પ્રમાણપત્ર (હયાતી) ચકાસણી માટે ગુજરાત સરકારની ઈન્ડિયા પોસ્ટ પેમેન્ટ બેંક સાથે મળીને મહત્ત્વપૂર્ણ પહેલ…
ગુજરાત સરકારના નિવૃત્ત પેન્શનરોને હવે જીવન પ્રમાણપત્ર (હયાતી) ચકાસણી માટે બેંક, ટ્રેઝરી અથવા અન્ય કોઈ કચેરીમાં…
— Gujarat Information (@InfoGujarat) April 30, 2026
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
Mp Breaking News



















