करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अदालत ने सौतेली मां से एक अधिकार छीना
अदालत ने कहा कि संजय कपूर की पूरी संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि आखिरी फैसला आने तक उसकी स्थिति में कोई बदलाव न हो। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं का जवाब प्रतिवादी (प्रिया कपूर) को देना होगा।
सेंटकॉम का ईरान अटैक प्लान: ''स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बताया 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप', ट्रम्प ने कहा-
अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अब 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' करार देते हुए वहां शत-प्रतिशत नाकेबंदी का दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि "तूफान आने वाला है और उसे अब कोई नहीं रोक सकता।"
अमेरिकी नौसेना ने इस नाकेबंदी को पुख्ता करने के लिए वहां 2 वॉरशिप्स, 25 घातक युद्धपोत और 200 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि अब तक 42 जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया जा चुका है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल
ट्रंप की इस सैन्य कार्रवाई का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर तत्काल देखने को मिला है। नाकेबंदी के ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है और यह 126 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। विशेषज्ञ इसे आने वाले बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट के रूप में देख रहे हैं। सीजफायर की खबरों के बावजूद लेबनान और इजरायल के बीच भी तनाव बढ़ता दिख रहा है, जहाँ हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच झड़पें शुरू हो गई हैं।
सेंटकॉम का 'घातक' हमला प्लान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर छोटे लेकिन बेहद घातक हमले का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। व्हाइट हाउस में आज ट्रंप और सैन्य अधिकारियों के बीच इस फॉर्मूले पर अंतिम मंथन होने की संभावना है। इस गुप्त योजना में ईरान की बची-कुची सैन्य ताकत को खत्म करना, इस्फ़हान से संवर्धित यूरेनियम निकालना और होर्मुज पर पूरी तरह कब्जा करना शामिल है। हालांकि, ट्रंप का दावा है कि उनकी ईरान से सीधी फोन पर बातचीत हो रही है, लेकिन वे परमाणु हथियार न बनाने की अपनी शर्त पर अभी भी अडिग हैं।
वैश्विक हलचल और सस्पेंस
30 अप्रैल का दिन अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। एक तरफ शांति वार्ता की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ ट्रंप के सैन्य आक्रामक रवैये ने दुनिया भर में डर का माहौल बना दिया है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह गतिरोध युद्ध में बदलता है, तो इसका असर केवल खाड़ी देशों पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर पड़ेगा।
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