Ganga Expressway Update: 594 KM की दूरी 6 घंटे में! गंगा एक्सप्रेस-वे इस वजह से खास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई जिले के मल्लानावा से 594 कि.मी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. मेरठ से प्रयागराज तक बना यह सिक्स लेन एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी यूपी को जोड़ता है. जिससे सफर का समय घटकर लगभग 6 से 7 घंटे रह गया है. यह सिर्फ एक एक्सप्रेसवे नहीं बल्कि यह उत्तर प्रदेश
की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर दौड़ता हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर है. यहां सिर्फ गाड़ियां ही नहीं दौड़ेंगी. उद्योग, निवेश, युवाओं के सपने और अवसर भी फराटा भरेंगे. गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि एक इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट कॉरिडोर के रूप में तैयार किया गया है जो परिवहन के साथ-साथ औद्योगिक विकास की आधारशिला रखता है.
काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी किए जा सकते हैं
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के हरदोई में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया तो एक्सप्रेसवे वाले प्रदेश में एक और नगीना जुड़ गया. 594 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा. इससे मेरठ से प्रयागराज की दूरी सिर्फ 6 घंटे में पूरी होगी जो पहले 11-12 घंटे में पूरी होती थी. प्रधानमंत्री ने हरदोई में इस एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि अब कुछ ही घंटों में संगम पहुंचा जा सकता है और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी किए जा सकते हैं.
37,350 करोड़ की लागत से 5 साल में बनकर तैयार
अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं. साथियों जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही है. वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेसवे यह यूपी के विकास की नई लाइफ लाइन बनेगा. यह एक्सप्रेसवे करीब 37,350 करोड़ की लागत से 5 साल में बनकर तैयार हुआ है. इस हिसाब से 1 किलोमीटर एक्सप्रेसवे की औसत लागत करीब 62 करोड़ 87 लाख आई है. प्रधानमंत्री मोदी ने ही 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था. पीएम ने कहा कि 5 साल से कम समय में बनकर यह एक्सप्रेसवे तैयार हुआ है. साथियों,देश के तेज विकास के लिए हमें तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण करना है. दिसंबर 2021 में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करने मैं शाहजहांपुर आया था. अभी 5 साल से भी कम समय हुआ है और आप देखिए देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवेज में शुमार यूपी का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेसवे यह 5 साल के भीतर भीतर बनकर कर तैयार हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक्सप्रेसवे जिन 12 जिलों से गुजर रहा है उन सभी 12 जिलों में नए उद्योग आएंगे और फार्मा के क्लस्टर विकसित होंगे. यह एनसीआर की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा. इसके किनारे औद्योगिक अवसर मिलेंगे.
बलूचिस्तान में फर्जी मुठभेड़ में हत्या, दो महिलाओं के जबरन गायब किए जाने का आरोप
क्वेटा, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में नागरिकों के खिलाफ हिंसा जारी रहने के बीच प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने एक व्यक्ति की कथित गैर-न्यायिक हत्या और दो महिलाओं के जबरन गायब किए जाने के मामले उठाए हैं। इन घटनाओं के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आरोप लगाए गए हैं।
बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी) ने बताया कि केच जिले के तुंप क्षेत्र निवासी आमिर नूर को 28 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड ने गोली मार दी। वह अपनी पत्नी और बहन के साथ इलाज के लिए कराची जा रहे थे।
संगठन के अनुसार रास्ते में बस को रोककर हथियारबंद लोगों ने आमिर नूर को नीचे उतारा और उन पर गोलीबारी कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में उनकी पत्नी और बहन भी घायल हुईं।
एचआरसीबी ने दावा किया कि आमिर नूर को 4 नवंबर 2024 को पाकिस्तानी बलों ने जबरन हिरासत में लिया था और लंबे समय तक बंदी बनाए रखने के बाद 24 अप्रैल 2026 को रिहा किया गया था।
मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताते हुए कहा कि जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 11 लोगों को जबरन गायब किए जाने के बाद रिहाई मिलने पर निशाना बनाया गया। इनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति हमले में बच गया।
संगठन ने कहा कि इन घटनाओं को स्थानीय डेथ स्क्वॉड ने अंजाम दिया, जिससे रिहाई के बाद भी लगातार उत्पीड़न को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
वहीं बलूच महिला फोरम (बीडब्ल्यूएफ) ने बलूचिस्तान में महिलाओं के जबरन गायब किए जाने की लगातार मिल रही खबरों पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने कहा कि इससे लोगों में डर, अनिश्चितता और मानसिक तनाव बढ़ा है।
फोरम ने हालिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि केच जिले के तेजाबान इलाके में मंगलवार देर रात छापेमारी के दौरान दो बलूच महिलाओं- जुबैदा और उनकी बहू जरनाज को पाकिस्तानी बलों ने हिरासत में ले लिया। तब से उनका कोई पता नहीं चल सका है।
संगठन ने बताया कि इससे पहले जुबैदा के बेटे दौलत की 18 फरवरी को पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड द्वारा हत्या किए जाने का आरोप है। अब उनकी मां और पत्नी के गायब होने से परिवार की पीड़ा और बढ़ गई है।
बलूच महिला फोरम ने कहा कि जबरन गायब किया जाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और यह बुनियादी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। संगठन ने संबंधित संस्थाओं से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें और प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
--आईएएनएस
डीएससी
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