अहमदाबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। आईपीएल 2026 का 42वां मुकाबला गुरुवार की शाम 7:30 से नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस (जीटी) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा। आरसीबी इस मैच में अपनी जीत की लय बरकररा रखने उतरेगी, जबकि जीटी के लिए प्लेऑफ को देखते हुए इस मैच में जीत हासिल करना बेहद अहम है।
Women's T20 World Cup 2026: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम के ऐलान के बाद एक बड़ा सवाल चर्चा में है कि आखिरी क्यों हरलीन देओल को टीम में जगह क्यों नहीं मिली? अब इस पर चयन समिति की अध्यक्ष अमिता शर्मा ने साफ जवाब दिया।
शनिवार को घोषित 15 सदस्यीय टीम में हरमनप्रीत कौर को कप्तान और स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया। लेकिन पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं हरलीन को इस बार टी20 स्क्वाड में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली है, जिससे साफ है कि यह फैसला फॉर्मेट के आधार पर लिया गया।
अमिता शर्मा ने हरलीन को बाहर करने की वजह बताते हुए कहा कि टीम के पास मिडिल ऑर्डर में सिर्फ एक स्लॉट था और चयनकर्ताओं को लगा कि भारती फूलमाली इस भूमिका के लिए बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने कहा, 'मिडिल ऑर्डर में हमारे पास एक ही जगह थी और हमें लगा कि फुलमाली उस रोल में थोड़ा बेहतर फिट बैठती हैं।'
दरअसल, हाल के समय में फुलमाली ने छोटे फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उनकी हालिया फॉर्म ने उन्हें टी20 टीम में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, हरलीन हरलीन देओल का मामला भी चर्चा में रहा। WPL 2026 के दौरान उन्हें एक मैच में 47 रन पर रिटायर आउट कर दिया गया था, जो बड़ा विवाद बना। हालांकि, अगले ही मैच में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 39 गेंदों में नाबाद 64 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
इसके बावजूद चयनकर्ताओं का फैसला नहीं बदला। हरलीन के टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड ने भी उनके खिलाफ काम किया। उन्होंने अब तक 26 टी20 मैचों में 298 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 17.53 है और सिर्फ एक अर्धशतक शामिल है। साथ ही वह लंबे समय से टीम का नियमित हिस्सा भी नहीं रही हैं। चयन समिति का बयान भले ही संतुलित रहा, लेकिन संदेश साफ था कि हरलीन को मौका मिला, लेकिन टीम ने फुलमाली पर भरोसा जताया।
अब देखना होगा कि भारत की यह रणनीति टी20 वर्ल्ड कप में कितना सफल साबित होती है, जहां टीम का लक्ष्य खिताब जीतना है।