SBI PO Prelims 2026: आज से शुरू हुई एसबीआई पीओ प्रीलिम्स परीक्षा, जानें शिफ्ट टाइमिंग और गाइडलाइंस
SBI PO Prelims 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की प्रोब्लेमरी ऑफिसर (PO) प्रीलिम्स परीक्षा 2026 आज, 1 अगस्त से शुरू हो गई है। यह परीक्षा प्रतिदिन अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित की जा रही है।
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बोर्ड ने शिफ्ट का समय और रिपोर्टिंग टाइम पहले ही जारी कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
शिफ्ट टाइमिंग और रिपोर्टिंग समय
एसबीआई पीओ प्रीलिम्स परीक्षा कुल चार शिफ्टों में आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। शिफ्ट का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:
- पहली शिफ्ट: सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे तक (रिपोर्टिंग समय: सुबह 8:00 बजे)
- दूसरी शिफ्ट: सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (रिपोर्टिंग समय: सुबह 10:30 बजे)
- तीसरी शिफ्ट: दोपहर 2:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक (रिपोर्टिंग समय: दोपहर 1:00 बजे)
- चौथी शिफ्ट: शाम 4:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक (रिपोर्टिंग समय: दोपहर 3:30 बजे)
परीक्षा केंद्र के लिए जरूरी गाइडलाइंस
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके बिना उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एडमिट कार्ड के साथ-साथ पहचान के प्रमाण के रूप में पैन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।
केंद्र के अंदर किसी भी तरह के प्रतिबंधित सामान जैसे स्मार्टफोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन या पेजर ले जाने की सख्त मनाही है। परीक्षा केंद्र पर प्रतिबंधित वस्तुओं को रखने की कोई व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए इन्हें अपने जोखिम पर बाहर ही छोड़कर आना होगा।
पुरुष उम्मीदवारों के लिए ड्रेस कोड
- पुरुष उम्मीदवार कैजुअल ट्राउजर, पैंट या जींस पहन सकते हैं।
- जूतों के बजाय चप्पल पहनने की सलाह दी जाती है।
- सिर पर किसी भी प्रकार की टोपी, मफलर या अन्य हेड कवर पहनने की अनुमति नहीं है।
महिला उम्मीदवारों के लिए ड्रेस कोड
- महिला उम्मीदवार लेगिंग या ट्राउजर पहन सकती हैं।
- पैरों में सिंपल सैंडल पहनें और जूतों से बचें।
- हाथों में मेहंदी लगाने से बचें और परीक्षा हॉल के अंदर हैंडबैग या पर्स न लेकर जाएं।
एसबीआई पीओ प्रीलिम्स पेपर पैटर्न
एसबीआई पीओ प्रीलिम्स एक घंटे (60 मिनट) का स्क्रीनिंग टेस्ट होता है, जिसमें कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Questions) पूछे जाते हैं और इसके कुल अंक भी 100 ही होते हैं।
इस पेपर में तीन सेक्शन होते हैं और हर सेक्शन के लिए सख्त व्यक्तिगत समय सीमा तय की गई है:
- अंग्रेजी भाषा (English Language): 40 प्रश्न (समय: 20 मिनट)
- मात्रात्मक योग्यता (Quantitative Aptitude): 30 प्रश्न (समय: 20 मिनट)
- तर्क क्षमता (Reasoning Ability): 30 प्रश्न (समय: 20 मिनट)
परीक्षा से जुड़ी अन्य किसी भी विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर विजिट कर सकते हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन, 39 मेडल के साथ चौथा स्थान हासिल किया, बॉक्सिंग बनी सबसे बड़ी ताकत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया है। दरअसल पहली नजर में यह आंकड़ा 2022 के मुकाबले कम लग सकता है, लेकिन इस बार खेलों की संख्या और भारतीय दल दोनों छोटे थे। वहीं इसके बावजूद भारत का मेडल कन्वर्जन रेट बेहतर रहा, जो टीम के मजबूत प्रदर्शन की कहानी बताता है।
दरअसल भारत ने इस बार ग्लासगो में 123 खिलाड़ियों का दल भेजा था, जबकि बर्मिंघम 2022 में 210 खिलाड़ी शामिल थे। सबसे खास बात यह रही कि 123 खिलाड़ियों में से 38 खिलाड़ी मेडल जीतने में सफल रहे। यानी लगभग 31 प्रतिशत खिलाड़ियों ने पदक हासिल किया, जो पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। इस बार कई ऐसे खेल कार्यक्रम शामिल नहीं थे, जिनमें भारत परंपरागत रूप से ज्यादा मेडल जीतता रहा है। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने कई नए रिकॉर्ड बनाए और उम्मीद से ज्यादा गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
बॉक्सिंग बनी भारत की सबसे बड़ी ताकत
वहीं इस बार भारत के लिए सबसे सफल खेल बॉक्सिंग रहा है। दरअसल भारतीय मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पहली बार भारत ने एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में सात बॉक्सिंग गोल्ड जीते। इससे साफ हो गया कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारतीय बॉक्सिंग टीम मजबूत दावेदार रहेगी। इसके अलावा वेटलिफ्टिंग से 8, एथलेटिक्स से 10, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 पदक मिला। जूडो में भी भारत ने नया इतिहास बनाया, जहां अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने गोल्ड जीतकर इस खेल में देश की नई पहचान बनाई। पैरा एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सीमित खिलाड़ियों के बावजूद कई पदक जीते। कुल मिलाकर भारत के 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए, जिससे साफ है कि इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।
एथलेटिक्स में गोल्ड की कमी
हालांकि एथलेटिक्स में भारत को सबसे ज्यादा निराशा गोल्ड मेडल नहीं मिलने से हुई। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक जरूर जीते, लेकिन कोई भी खिलाड़ी स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सका। नीरज चोपड़ा सिल्वर तक सीमित रहे, जबकि यशवीर सिंह, गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर और अन्य खिलाड़ियों ने पदक जीतकर भारत की झोली भरी। वेटलिफ्टिंग में भी भारत ने 8 पदक जीते, लेकिन केवल मीराबाई चानू गोल्ड जीत सकीं। दूसरी ओर लॉन बॉल्स, जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग और साइक्लिंग जैसे खेलों में भारत को पदक नहीं मिला। इसके बावजूद कई युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से भविष्य की उम्मीदें बढ़ाई हैं।
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