आरबीआई ने शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों को मजबूत बनाने के लिए लॉन्च किया 'मिशन सक्षम'
नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों यानी सहकारी बैंकिंग (यूसीबी) सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए मिशन सक्षम (सहकारी बैंक क्षमता निर्माण) की शुरुआत की है। यह पूरे देश में लागू होने वाला एक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य को-ऑपरेटिव बैंकों की कार्यक्षमता और प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
केंद्रीय बैंक ने एक नोट में बताया कि आरबीआई द्वारा शुरू किए गए इस मिशन के तहत करीब 1.40 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें बैंक के बोर्ड मेंबर्स, सीनियर मैनेजमेंट, रिस्क, कंप्लायंस और ऑडिट विभाग के प्रमुखों के साथ-साथ आईटी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा।
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफलाइन (इन-पर्सन) और ऑनलाइन (ई-लर्निंग) दोनों माध्यमों से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।
सक्षम का मतलब है—काबिल और सक्षम बनाना। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि अलग-अलग राज्यों के कर्मचारियों को समझने में आसानी हो।
इस मिशन को तैयार करने में यूसीबी सेक्टर की अंब्रेला संस्था और राष्ट्रीय/राज्य सहकारी संघों से भी सलाह ली गई है।
आरबीआई का मानना है कि इस पहल से सहकारी बैंकों की मैनेजमेंट क्षमता और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार होगा। साथ ही, नियमों के पालन की संस्कृति मजबूत होगी और बैंकों की संस्थागत मजबूती भी बढ़ेगी।
नोट में कहा है कि यह मिशन एक ऐसा सिस्टम तैयार करने की दिशा में काम करेगा, जहां लगातार सीखने और सुधार की प्रक्रिया बनी रहे।
मिशन सक्षम के जरिए आरबीआई का लक्ष्य सिर्फ ट्रेनिंग देना ही नहीं, बल्कि एक स्थायी और मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे पूरे यूसीबी सेक्टर की स्थिरता और विकास को गति मिले।
केंद्रीय बैंक का कहना है कि यह पहल सहकारी बैंकों के भविष्य को और सुरक्षित और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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यूरोप दौरे से पंजाब को नई रफ्तार, निवेश, खेती और युवाओं के लिए खुले नए अवसर
भगवंत सिंह मान के हालिया नीदरलैंड और फिनलैंड दौरे ने पंजाब के विकास को नई दिशा देने की मजबूत नींव रखी है. मुख्यमंत्री ने इस दौरे को “परिवर्तनकारी” बताते हुए कहा कि इससे कृषि, उद्योग और युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा हुए हैं. यह यात्रा केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने का अहम प्रयास रही.
1300 करोड़ का निवेश और उद्योग को बढ़ावा
दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि ज़ायका कंपनी द्वारा 1300 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा रही. इस निवेश से पंजाब में उच्च गुणवत्ता वाली खेती और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी. इसके अलावा LT Foods ने भी राजपुरा में निवेश करने की सहमति जताई, जिससे निर्यात और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेशी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी दिलचस्पी दिखाई है, जो राज्य को एक निवेश हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
आधुनिक खेती और फसल विविधीकरण पर जोर
नीदरलैंड के विश्व प्रसिद्ध केउकेनहॉफ और बागवानी केंद्रों के दौरे के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां पॉलीहाउस तकनीक से एक वर्ग मीटर में 100 किलो टमाटर उत्पादन संभव है, जबकि पारंपरिक खेती में यह मात्र 6 किलो होता है.
इस तकनीक को पंजाब में अपनाने से फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. साथ ही, गुलाब और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के निर्यात की संभावनाएं भी तलाश की गईं.
नवाचार, स्टार्टअप और रिसर्च के नए रास्ते
दौरे के दौरान NXP Semiconductors जैसी कंपनियों ने पंजाब में अनुसंधान और विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने में रुचि दिखाई. मोहाली में एक इनोवेशन हब और बागवानी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना भी सामने आई है.
यह पहल राज्य को टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे युवाओं के लिए नए करियर विकल्प तैयार होंगे.
शिक्षा और कौशल विकास में अंतरराष्ट्रीय सहयोग
फिनलैंड दौरे के दौरान वहां की उन्नत शिक्षा प्रणाली का अध्ययन किया गया. University of Helsinki जैसे संस्थानों से शैक्षणिक सहयोग पर चर्चा हुई. शिक्षक प्रशिक्षण, बाल-केंद्रित शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में साझेदारी के नए रास्ते खुले हैं.
पंजाब सरकार पहले ही कई शिक्षकों को फिनलैंड में प्रशिक्षण के लिए भेज चुकी है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
खेल और वैश्विक पहचान को बढ़ावा
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने डच हॉकी खिलाड़ी Floris Jan Bovelander से मुलाकात की और पंजाब में हॉकी को बढ़ावा देने पर चर्चा की. उन्होंने पंजाब आने का निमंत्रण भी स्वीकार किया, जिससे राज्य में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी.
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