यूपी में युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, अब बनें जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर
उत्तर प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए एक बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अब युवा अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं. इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है.
बिना ब्याज के 5 लाख तक का लोन
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पात्र युवाओं को अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा. इतना ही नहीं, सरकार परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान करेगी. इससे व्यवसाय शुरू करने की शुरुआती लागत का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा.
यह पहल खासतौर पर उन युवाओं के लिए फायदेमंद है जो आर्थिक तंगी के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पा रहे थे.
1800 युवाओं को मिलेगा रोजगार
जिला प्रशासन ने इस योजना के तहत 1800 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है. जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग द्वारा संचालित इस अभियान में छोटे उद्योग, स्वरोजगार और सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों को प्राथमिकता दी जा रही है. इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी.
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रखी गई है. उम्मीदवार MSME Uttar Pradesh Portal पर जाकर आवेदन फॉर्म भर सकते हैं. समय पर आवेदन करना जरूरी है क्योंकि सीमित संख्या में ही लाभार्थियों का चयन किया जाएगा.
पात्रता की शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें तय की गई हैं...
- आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए
- आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 (इंटरमीडिएट को प्राथमिकता)
- किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण या प्रमाण पत्र
इसके अलावा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना या अन्य सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
उपायुक्त उद्योग दिनेश कुमार चौरसिया के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है. यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान युवाओं के सपनों को पंख देने का एक मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है. ब्याज मुक्त ऋण और सरकारी अनुदान के साथ अब व्यवसाय शुरू करना पहले से कहीं आसान हो गया है. अगर आपके पास कोई बिजनेस आइडिया है, तो यह सही समय है उसे हकीकत में बदलने का. सरकार ने कहा कि यह कदम देश की लंबी अवधि की आर्थिक और रणनीतिक योजना के तहत उठाया गया है.
आरबीआई ने शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों को मजबूत बनाने के लिए लॉन्च किया 'मिशन सक्षम'
नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों यानी सहकारी बैंकिंग (यूसीबी) सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए मिशन सक्षम (सहकारी बैंक क्षमता निर्माण) की शुरुआत की है। यह पूरे देश में लागू होने वाला एक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य को-ऑपरेटिव बैंकों की कार्यक्षमता और प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
केंद्रीय बैंक ने एक नोट में बताया कि आरबीआई द्वारा शुरू किए गए इस मिशन के तहत करीब 1.40 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें बैंक के बोर्ड मेंबर्स, सीनियर मैनेजमेंट, रिस्क, कंप्लायंस और ऑडिट विभाग के प्रमुखों के साथ-साथ आईटी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा।
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफलाइन (इन-पर्सन) और ऑनलाइन (ई-लर्निंग) दोनों माध्यमों से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।
सक्षम का मतलब है—काबिल और सक्षम बनाना। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि अलग-अलग राज्यों के कर्मचारियों को समझने में आसानी हो।
इस मिशन को तैयार करने में यूसीबी सेक्टर की अंब्रेला संस्था और राष्ट्रीय/राज्य सहकारी संघों से भी सलाह ली गई है।
आरबीआई का मानना है कि इस पहल से सहकारी बैंकों की मैनेजमेंट क्षमता और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार होगा। साथ ही, नियमों के पालन की संस्कृति मजबूत होगी और बैंकों की संस्थागत मजबूती भी बढ़ेगी।
नोट में कहा है कि यह मिशन एक ऐसा सिस्टम तैयार करने की दिशा में काम करेगा, जहां लगातार सीखने और सुधार की प्रक्रिया बनी रहे।
मिशन सक्षम के जरिए आरबीआई का लक्ष्य सिर्फ ट्रेनिंग देना ही नहीं, बल्कि एक स्थायी और मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे पूरे यूसीबी सेक्टर की स्थिरता और विकास को गति मिले।
केंद्रीय बैंक का कहना है कि यह पहल सहकारी बैंकों के भविष्य को और सुरक्षित और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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