भारत की आर्थिक ग्रोथ में मैन्युफैक्चरिंग हब निभा रहे अहम भूमिका
नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत को 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मैन्युफैक्चरिंग हब अहम भूमिका निभाएंगे। इस दौरान देश की जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी कम से कम 25 प्रतिशत हो जाएगी, जो कि फिलहाल 16-17 प्रतिशत के बीच है। यह जानकारी केंद्र सरकार की एक आधिकारिक फैक्ट-शीट में मंगलवार को दी गई।
केंद्र ने कहा कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग रणनीति में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों के विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। ये केंद्र फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, नियामक सहायता, साझा सुविधाओं और कनेक्टिविटी को संयोजित करने वाले क्षेत्रीय इकोसिस्टम हैं। इन केंद्रों को व्यापक उत्पादन को बढ़ावा देने, लेन-देन लागत को कम करने और दीर्घकालिक मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे घरेलू और वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में भारत की स्थिति मजबूत होती है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, सरकार की मैन्युफैक्चरिंग नीति इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आधारित एकीकृत हब विकास की ओर मुड़ गई है, ताकि बड़े पैमाने पर उत्पादन, विश्वसनीयता और दीर्घकालिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा सके।
भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी दृष्टिकोण में संरचनात्मक परिवर्तन आया है, जिसमें परियोजना-स्तरीय कार्यान्वयन से हटकर प्रणाली-स्तरीय नियोजन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस प्रकार का प्रणाली-स्तरीय नियोजन बाधाओं को कम करके, रसद दक्षता में सुधार करके और समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करके विनिर्माण हब की प्रभावशीलता को सीधे बढ़ाता है।
बयान में आगे कहा गया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार का पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2014-15 में 2 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
वैश्विक निवेश रुझान भारत को एक पसंदीदा मैन्युफैक्चरिंग गंतव्य के रूप में तेजी से मान्यता दे रहे हैं। वर्तमान में देश विश्व स्तर पर तीसरा सबसे अधिक मांग वाला मैन्युफैक्चरिंग केंद्र है। साथ ही, उत्पादन की संरचना में भी बदलाव आ रहा है, जिसमें मध्यम और उच्च प्रौद्योगिकी गतिविधियां कुल विनिर्माण मूल्यवर्धन का 46.3 प्रतिशत हिस्सा हैं, जो अधिक परिष्कृत औद्योगिक संरचनाओं की ओर क्रमिक बदलाव का संकेत देती हैं।
7.47 करोड़ उद्यमों वाले लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन का 35.4 प्रतिशत हिस्सा हैं और देश भर में मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों का आधार हैं। यह श्रम-प्रधान क्षेत्र अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2026-27 के केंद्रीय बजट में विकास की गति को तेज करने के लिए तीन केमिकल पार्क, सात पीएम मित्रा पार्क, एमएसएमई क्लस्टर और 10,000 करोड़ रुपए की बायोफार्मा शक्ति पहल का प्रस्ताव किया गया है।
वहीं, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी), चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक कॉरिडोर (सीबीआईसी), अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (एकेआईसी) और विशाखापत्तनम चेन्नई औद्योगिक कॉरिडोर (वीसीआईसी) जैसे औद्योगिक कॉरिडोर, कनेक्टिविटी में सुधार और विभिन्न क्षेत्रों में एकीकृत योजना को सुगम बनाकर मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों और क्लस्टरों को सहयोग प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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नासिक TCS कांड में सनसनीखेज खुलासा, आरोपी निदा खान ने पीड़िता को मलेशिया भेजने का किया था प्लान
Nashik TCS case: नासिक में सामने आए टीसीएस से जुड़े मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. जांच में अब कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है. जांच के अनुसार, आरोपियों ने एक पीड़िता का नाम और धर्म बदलने की कोशिश की. उसे मलेशिया में नौकरी का लालच दिया गया और वहां इमरान नाम के व्यक्ति के लिए काम करने को कहा गया. पीड़िता पर ‘हानिया’ नाम रखने का दबाव भी बनाया गया और उसके दस्तावेज अपने पास रख लिए गए.
निदा खान पर आरोप
आरोप है कि निदा खान ने पीड़िता को धर्म बदलने के लिए मजबूर किया. उसे बुर्का और इस्लामी किताबें दी गईं. पुलिस ने ये सभी चीजें जब्त कर ली हैं. साथ ही पीड़िता के मोबाइल में धार्मिक ऐप्स इंस्टॉल किए गए थे और उसे यूट्यूब व इंस्टाग्राम के जरिए धार्मिक सामग्री भेजी जाती थी.
यौन शोषण के भी आरोप
इस मामले में दानिश शेख पहले ही गिरफ्तार हो चुका है. उस पर शादी का झूठा वादा कर पीड़िता का यौन शोषण करने का आरोप है, जबकि वह पहले से शादीशुदा था. एक अन्य आरोपी तौसीफ बिलाल अत्तार पर भी धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है.
कोर्ट में सुनवाई और जमानत पर फैसला
आपको बता दें कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस की कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत 2 मई को फैसला सुनाएगी. फिलहाल उसे गिरफ्तारी से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.
#WATCH | Nashik, Maharashtra | On Nashik TCS row, Advocate Ajay Mishra says, "Today's hearing was limited to Nida only. The court has personally examined the role of Danish and Nida... The investigation has only revealed that there is a team in Malegaon that prepared documents… pic.twitter.com/9bEh98YHn1
— ANI (@ANI) April 27, 2026
पुलिस की जांच और कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 8 आरोपियों में से 7 को गिरफ्तार किया जा चुका है. पीड़िता अनुसूचित जाति से है, इसलिए मामले में एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया है. पुलिस का कहना है कि निदा खान की तलाश जारी है और उसे पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं.
कंपनी का बयान
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस ने कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाती है. मामले में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. यह मामला अब लगातार गंभीर होता जा रहा है और पुलिस जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं.
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