‘तुम सब मरोगे’… उज्जैन यूनिवर्सिटी में धमकी से हड़कंप, दीवार पर लिखा मैसेज और संदिग्ध सामान मिला!
उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला में सामने आई यह घटना सिर्फ शरारत नहीं लगती, बल्कि यह डर फैलाने की एक सोची-समझी कोशिश नजर आ रही है। इस धमकी भरे संदेश के साथ मिली संदिग्ध सामग्री ने छात्रों और स्टाफ को गहरे डर में डाल दिया है।
धमकी भरा संदेश कैसे मिला
सोमवार सुबह जब चौकीदार नियमित काम के लिए पहुंचा, तब उसने मुख्य द्वार के पास कुछ असामान्य चीजें देखीं। वहां एक मटकी, लाल कपड़ा और कुंकू रखा हुआ था, जो किसी तंत्र क्रिया जैसा लग रहा था।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि दीवार पर लाल रंग से “तुम सब मरोगे” लिखा हुआ था। यह धमकी भरा संदेश साफ तौर पर डर पैदा करने के लिए लिखा गया था। कृषि अध्ययनशाला में इस धमकी भरे संदेश के सामने आते ही पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, तुरंत हटाया गया सामान
जैसे ही घटना की जानकारी मिली, विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। दीवार पर लिखे धमकी भरे संदेश को तुरंत मिटा दिया गया और पुताई करवा दी गई। वहीं, मटकी और अन्य संदिग्ध सामान को भी हटा दिया गया। हालांकि, इस पूरी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों और स्टाफ में डर का माहौल
इस घटना के बाद कृषि अध्ययनशाला में पढ़ने वाले करीब 1100 छात्रों और स्टाफ के बीच डर का माहौल बन गया है। कई छात्रों ने कहा कि इस तरह का धमकी भरा संदेश देखकर वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। कुछ छात्रों ने तो कक्षाओं में आने को लेकर भी चिंता जताई है। कृषि अध्ययनशाला में अचानक बने इस डर के माहौल ने पढ़ाई के माहौल को भी प्रभावित किया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जिस जगह यह घटना हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि आखिर यह हरकत किसने की। विश्वविद्यालय जैसे बड़े संस्थान में सुरक्षा की इस कमी ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कृषि अध्ययनशाला में हुई इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
अदाणी समूह भारत की एआई ग्रोथ के समर्थन के लिए 100 अरब डॉलर करेगा निवेश : जीत अदाणी
विशाखापत्तनम, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी समूह के निदेशक जीत अदाणी ने मंगलवार को कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में आगे रखने के लिए देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना काफी जरूरी है और हम 100 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता के साथ एक ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं, जो कि भारत की एआई ग्रोथ स्टोरी को सपोर्ट करेगा।
गूगल एआई डेटा सेंटर के आधारशिला कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान जीत अदाणी ने कहा कि हम एक एकीकृत प्लेटफॉर्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें ऊर्जा का उत्पादन, ट्रांसमिशन, डिजिटल नेटवर्क और डेटा सेंटर्स शामिल हैं।
उन्होंने संबोधन में कहा, हमारी भूमिका एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जिस पर एआई निर्भर हो सकता है। एआई का भविष्य इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी से तय होगा।
जीत अदाणी ने आगे कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए एआई का किफायती होना जरूरी है और यह सस्ती ऊर्जा से ही संभव हो पाएगा।
विशाखापत्तनम में बनने वाले एआई डेटा सेंटर में गूगल 15 अरब डॉलर निवेश करेगा। यह पूरे भारत में अब तक आया सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है।
जीत अदाणी ने आगे कहा कि ऊर्जा दक्षता और व्यापक उपयोग ही यह निर्धारित करेंगे कि एआई कितनी जल्दी प्रायोगिक चरण से व्यापक उपयोग की ओर बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे कंप्यूटिंग की लागत कम होती है, वैसे-वैसे एआई की लागत भी कम होती जाती है। जब एआई अधिक सुलभ हो जाएगा, तो उसकी पहुंच बढ़ेगी। इनोवेशन में तेजी आएगी।”
जीत अदाणी के मुताबिक, भारत एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है जो एक दिन दुनिया की डिजिटल इंटेलिजेंस को शक्ति प्रदान कर सकता है, और अदाणी समूह और गूगल क्लाउड द्वारा निर्मित 15 अरब डॉलर का विशाल एआई डेटा सेंटर परिसर - जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा है - एक महत्वपूर्ण पहल है।
अदाणीकॉनेक्स जैसे अग्रणी साझेदारों के साथ विकसित, यह अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसर गूगल के सर्च, वर्कस्पेस और यूट्यूब जैसे उत्पादों को शक्ति प्रदान करेगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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