अदाणी समूह भारत की एआई ग्रोथ के समर्थन के लिए 100 अरब डॉलर करेगा निवेश : जीत अदाणी
विशाखापत्तनम, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी समूह के निदेशक जीत अदाणी ने मंगलवार को कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में आगे रखने के लिए देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना काफी जरूरी है और हम 100 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता के साथ एक ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं, जो कि भारत की एआई ग्रोथ स्टोरी को सपोर्ट करेगा।
गूगल एआई डेटा सेंटर के आधारशिला कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान जीत अदाणी ने कहा कि हम एक एकीकृत प्लेटफॉर्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें ऊर्जा का उत्पादन, ट्रांसमिशन, डिजिटल नेटवर्क और डेटा सेंटर्स शामिल हैं।
उन्होंने संबोधन में कहा, हमारी भूमिका एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जिस पर एआई निर्भर हो सकता है। एआई का भविष्य इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी से तय होगा।
जीत अदाणी ने आगे कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए एआई का किफायती होना जरूरी है और यह सस्ती ऊर्जा से ही संभव हो पाएगा।
विशाखापत्तनम में बनने वाले एआई डेटा सेंटर में गूगल 15 अरब डॉलर निवेश करेगा। यह पूरे भारत में अब तक आया सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है।
जीत अदाणी ने आगे कहा कि ऊर्जा दक्षता और व्यापक उपयोग ही यह निर्धारित करेंगे कि एआई कितनी जल्दी प्रायोगिक चरण से व्यापक उपयोग की ओर बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे कंप्यूटिंग की लागत कम होती है, वैसे-वैसे एआई की लागत भी कम होती जाती है। जब एआई अधिक सुलभ हो जाएगा, तो उसकी पहुंच बढ़ेगी। इनोवेशन में तेजी आएगी।”
जीत अदाणी के मुताबिक, भारत एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है जो एक दिन दुनिया की डिजिटल इंटेलिजेंस को शक्ति प्रदान कर सकता है, और अदाणी समूह और गूगल क्लाउड द्वारा निर्मित 15 अरब डॉलर का विशाल एआई डेटा सेंटर परिसर - जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा है - एक महत्वपूर्ण पहल है।
अदाणीकॉनेक्स जैसे अग्रणी साझेदारों के साथ विकसित, यह अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसर गूगल के सर्च, वर्कस्पेस और यूट्यूब जैसे उत्पादों को शक्ति प्रदान करेगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारतीय पहलवानों को ‘ग्लैडिएटर’ बनाएंगे नए कोच शाको:कहा - सिर्फ उठक-बैठक और जिम से काम नहीं चलेगा, हार का डर मिटाना होगा
‘क्या आप ग्लैडिएटर को जानते हैं? वह योद्धा कभी हारने के बारे में नहीं सोचता, वह हमेशा जीतने के लिए मैदान में उतरता है। मैं भारतीय पहलवानों को ठीक ऐसा ही चैम्पियन बनाना चाहता हूं।’ यह कहना है भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम के नए कोच शाको बेंटिनिडिस का। जॉर्जिया के रहने वाले शाको वही कोच हैं, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन में बजरंग पूनिया को टोक्यो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जिताया था। अब भारतीय कुश्ती महासंघ ने उन्हें पूरी राष्ट्रीय टीम को निखारने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। शाको के साथ जापान, रूस और अमेरिका के विशेषज्ञ भी भारतीय कुश्ती के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनने जा रहे हैं। शाको भारतीय पहलवानों के कभी न खत्म होने वाले स्टैमिना (दमखम) के बहुत बड़े फैन हैं, लेकिन उन्हें एक बात खटकती है-‘विनिंग मेंटालिटी’ यानी जीतने की जिद का न होना। शाको का मानना है कि भारतीय पहलवान विदेशों में ट्रेनिंग करने के बजाय देश में ही एक-दूसरे के साथ ज्यादा अभ्यास करते हैं। वे कहते हैं, ‘जब हमारा कोई पहलवान किसी रूसी या अमेरिकी से भिड़ता है, तो उसके दिमाग में चलता है कि ‘अरे, यह तो बहुत बड़े देश का पहलवान है।’ मैं उनका यह डर और हीन भावना खत्म करना चाहता हूं। आपके पास 200 प्रतिशत ताकत हो सकती है, लेकिन अगर चैम्पियन वाली मानसिकता नहीं है, तो उसका कोई फायदा नहीं। मेरी प्राथमिकता भारतीय पहलवानों को विदेशी कैंप्स में भेजना है, ताकि वे रूस और अमेरिका के पहलवानों के साथ प्रैक्टिस करें और समझें कि वे किसी दूसरे ग्रह से नहीं आए हैं।’ शाको भारत के पारंपरिक ट्रेनिंग के तरीके में भी बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं। सोनीपत के साई सेंटर का अपना पुराना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने अनुशासनहीनता पर भी नाराजगी जताई। कोचिंग के तरीके पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘भारत में ज्यादातर पहलवान सिर्फ उठक-बैठक और जिम... उठक-बैठक और जिम में ही लगे रहते हैं। कुश्ती में सिर्फ ताकत नहीं, तकनीक चाहिए होती है। अगर आप कोई दांव नहीं सीख पा रहे हैं, तो उसे 10-20 बार नहीं, बल्कि मैट पर 200 बार प्रैक्टिस करें।’ बजरंग पूनिया ने भी जिम छोड़ मैट पर अपनी तकनीक और स्पीड सुधारी थी। 65 किग्रा में सुजीत को मान रहे ओलिंपिक का दावेदार शाको 65 किग्रा भार वर्ग के नए स्टार और हाल ही में एशियाई चैम्पियन बने युवा पहलवान सुजीत कलकल से काफी प्रभावित हैं। सुजीत की तारीफ करते हुए शाको कहते हैं, ‘वह एक अद्भुत पहलवान है। उसे बस थोड़ी सी रणनीतिक सलाह की जरूरत है। अगर वह अपनी ताकत में सिर्फ 10 प्रतिशत का भी इजाफा कर ले, तो वह लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में दुनिया के किसी भी पहलवान के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा।’
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















