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दुन‍िया परमाणु हथियारों के खतरे नहीं भूले, संधि में फिर से जान डालनी होगी : यूएन चीफ

वॉशिंगटन, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को देशों से अपील की कि वे परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी (एनपीटी) में फिर से जान डालने के लिए नए सिरे से कोशिश करें।

उन्होंने कहा कि कई वर्षों में दुनियाभर के देशों ने ऐसे कई नियम और समझौते बनाए हैं, ताकि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल, उनका फैलाव और परीक्षण रोका जा सके और आखिरकार उन्हें पूरी तरह खत्म किया जा सके। इन सब कोशिशों की नींव एनपीटी ही है। गुटेरेस न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हो रहे एनपीटी के 11वें समीक्षा सम्मेलन में बोल रहे थे, जो 27 अप्रैल से 22 मई तक चलेगा।

गुटेरेस ने चेतावनी दी कि यह संधि धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है। देशों ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। भरोसा और विश्वसनीयता कम हो रही है और परमाणु हथियारों के फैलाव के खतरे बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा क‍ि यह सम्मेलन सही समय पर मौका देता है कि हम सब मिलकर इंसानियत को परमाणु विनाश के बड़े खतरे से बचाएं।

गुटेरेस ने कहा कि ऐसा लग रहा है, जैसे दुनिया परमाणु हथियारों के खतरे को भूलती जा रही है और फिर से इन हथियारों की धमकी दी जा रही है। कई दशकों में पहली बार परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ रही है और उनके परीक्षण की बातें फिर से होने लगी हैं।

उन्होंने कहा, “हमें इस संधि में फिर से जान डालनी होगी,” और देशों से अपने वादों पर कायम रहने को कहा।

उन्होंने कहा, “अब समय है कि हम निरस्त्रीकरण और प्रसार-रोध के लिए फिर से प्रतिबद्ध हों। यही शांति का असली रास्ता है। हमें परमाणु परीक्षण के खिलाफ नियमों को मजबूत करना होगा, निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना होगा और परमाणु युद्ध को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।”

गुटेरेस ने यह भी कहा कि तेजी से बदलती तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग नए खतरे पैदा कर रही हैं, और इस संधि को इन नई तकनीकों और परमाणु हथियारों के बीच के संबंध को भी समझना होगा।

उन्होंने कहा क‍ि अगर आप सब साथ दें, तो यह संधि आज के बदलते समय में भी परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया के लिए मजबूत आधार बनी रह सकती है। बहुत देर होने से पहले हमें परमाणु हथियारों के खतरे को फिर से समझना होगा, एकजुट होकर भरोसा वापस लाना होगा और इंसानियत पर मंडरा रहे इस खतरे को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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यूरोपीय संघ के सदस्यों की रूस में प्रवेश रोक सूची का व‍िस्‍तार, ईयू के नए प्रतिबंधों के जवाब उठाया कदम

मॉस्को, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। रूसी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया क‍ि रूस में प्रवेश से रोक वाले यूरोपीय संघ (ईयू) से जुड़े लोगों की उस लिस्ट को काफी बढ़ा दिया गया है। यह कदम यूरोपीय संघ के 20वें प्रतिबंध पैकेज के जवाब में उठाया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि ये फैसले गैरकानूनी हैं, और इस प्रतिबंधित सूची में यूरोपीय संस्थानों, यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और ब्रसेल्स की रूस-विरोधी नीतियों का समर्थन करने वाले कई यूरोपीय देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

यूरोपीय संघ लगातार रूस पर दबाव बना रहा है और एकतरफा प्रतिबंधों को बढ़ाता जा रहा है। यह नया प्रतिबंध पैकेज 23 अप्रैल को यूरोपीय संघ की काउंसिल ने मंजूर किया था।

रूस के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस तरह के कदम, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को नजरअंदाज करके उठाए जाते हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं।

मंत्रालय ने बताया कि जिन लोगों को बैन किया गया है, उनमें वे लोग शामिल हैं, जो यूक्रेन को सैन्य मदद देने के फैसलों में शामिल हैं, रूस की क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में लगे हैं, रूस पर प्रतिबंध लगाने में भूमिका निभा रहे हैं, दूसरे देशों के साथ रूस के रिश्ते खराब कर रहे हैं, रूस के हितों के खिलाफ समुद्री गतिविधियों में बाधा डाल रहे हैं, रूसी अधिकारियों के खिलाफ झूठे केस बना रहे हैं, रूस के नेतृत्व के खिलाफ “ट्रिब्यूनल” बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और रूसी सरकारी संपत्तियों को जब्त करने या उनसे होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं।

रूस ने यूरोपीय देशों के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और अकादमिक क्षेत्र के लोगों पर भी कार्रवाई की है, जो रूस के खिलाफ सख्त रुख रखते हैं। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की संसदों और यूरोपीय संसद के वे सदस्य भी इस लिस्ट में हैं, जिन्होंने रूस-विरोधी प्रस्तावों और कानूनों के पक्ष में वोट किया था।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ की ये नीतियां रूस की विदेश नीति पर कोई असर नहीं डाल पाएंगी। रूस का कहना है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता रहेगा, नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करेगा, और एक न्यायसंगत, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था बनाने में सक्रिय रूप से भाग लेता रहेगा।

इसके अलावा, यूरोपीय संघ ने रूस पर 20वें प्रतिबंध पैकेज के साथ ही यूक्रेन को 90 अरब यूरो का कर्ज देने का फैसला भी किया है।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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