2030 तक शीत्सांग में वन कवरेज दर 12.61% से ज्यादा होगी
बीजिंग, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश में पारिस्थितिकी सुरक्षा और बहाली को मजबूत करने और राष्ट्रीय पारिस्थितिकी सुरक्षा बैरियर को और मजबूत करने के लिए, चीनी राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग ने हाल ही में शीत्सांग पारिस्थितिकी सुरक्षा बैरियर संरक्षण और निर्माण योजना (संशोधित) जारी की है।
इसमें कहा गया है कि 2030 तक, शीत्सांग की वन कवरेज दर 12.61 फीसदी से ज्यादा होनी चाहिए, घास के मैदानों में पेड़-पौधों की कवरेज 50 प्रतिशत से ज्यादा होनी चाहिए, मिट्टी और जल संरक्षण की दर बढ़कर 92.22 प्रतिशत होनी चाहिए , नेचर रिजर्व का हिस्सा इस इलाके के जमीन के एक-तिहाई से ज्यादा होना चाहिए और पारिस्थितिकी पर्यावरण की गुणवत्ता में लगातार सुधार होना चाहिए।
इसके अलावा, पारिस्थितिकी सुरक्षा बैरियर व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा, और उत्तर-पश्चिमी शीत्सांग में छियांगथांग पठार के पारिस्थितिकी संरक्षण और बहाली जैसे प्रोजेक्ट्स को लागू किया जाएगा, नेचर रिजर्व के सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा, और अल्पाइन पारिस्थितिकी तंत्र और माउंटेन क्रायोस्फीयर वाले नेशनल पार्क बनाने को सही तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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मेहराज मलिक पर लगा PSA रद्द, हाईकोर्ट से बड़ी राहत
आम आदमी पार्टी के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष और डोडा से विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ लगाए गए PSA को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है, जिसके बाद कठुआ जेल में बंद मेहराज मलिक के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। 8 सितंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर सरकार ने मेहराज मलिक के खिलाफ PSA लगाकर उन्हें डिटेन कर लिया था।
FIR और आरोपों का आधार
मेहराज मलिक के खिलाफ अलग-अलग मामलों में 16 FIR दर्ज थीं। इसके साथ ही 11 डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) भी उनके खिलाफ दर्ज थीं। मेहराज मलिक पर सरकारी कर्मचारियों को धमकाने, unlawful assembly करने, धमकी देने, hate speech देने और धारा 144 का उल्लंघन करने जैसे आरोप लगाए गए थे। प्रशासन का कहना था कि वह public order को disturb कर सकते हैं, जिसके बाद डोडा के जिला प्रशासन ने उन पर PSA लगा दिया था। इसके बाद पुलिस उन्हें डिटेन कर कठुआ जेल ले गई थी। मेहराज मलिक जम्मू-कश्मीर के पहले ऐसे विधायक थे, जिन पर PSA लगाया गया था।
कोर्ट में सुनवाई और आगे की प्रक्रिया
मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने सीनियर एडवोकेट राहुल पंत की निगरानी में वकीलों की एक टीम को उनका केस लड़ने के लिए नियुक्त किया था। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में उनके वकीलों ने habeas corpus याचिका दायर की थी। करीब 8 महीने तक चले इस मामले में मेहराज और सरकार के वकीलों ने अपनी दलीलें पेश कीं और 24 फरवरी को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज आए फैसले में कोर्ट ने मेहराज मलिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए PSA को क्वैश कर दिया। PSA क्वैश होने के बाद अब उनकी डिटेंशन खत्म हो गई है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें किसी भी समय कठुआ जेल से रिहाई मिल सकती है।
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