Raghav Chadha Join BJP LIVE: 63 विधायकों ने छोड़ी 'आप'...? | Kejriwal | AAP | CM Mann | BJP | Punjab
Raghav Chadha Join BJP LIVE: 63 विधायकों ने छोड़ी 'आप'...? | Kejriwal | AAP | CM Mann | BJP | Punjab राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा है, जिसमें राघव चड्ढा और संदीप पाठक भी शामिल हैं. राज्यसभा चेयरमैन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस बदलाव से अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. #RaghavChadha #BJP #BreakingNews #RBharat #PunjabPolitics #BhagwantMann #ArvindKejriwal #AAP #SandeepPathak #SwatiMaliwal #HarbhajanSingh #operationlotus #PunjabGovernment #PoliticalCrisis #RajyaSabha #DelhiPolitics #KejriwalExposed #ModiKiGuarantee ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
कमलनाथ ने MP में कई पोषण आहार प्लांट बंद होने पर सरकार को घेरा, कहा ‘बीजेपी छीन रही है महिलाओं की आजीविका’
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में महिला संचालित पोषण आहार प्लांटों की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ‘नारी वंदन’ का ढोल पीटने वाली बीजेपी सरकार असलियत में महिलाओं की आजीविका छीन रही है। उन्होंने कहा कि हालत यह है कि जो महिलाएं अभी तक प्लांट का संचालन करती थीं, अब वह मज़दूरी कर अपना पेट पालने को मजबूर हैं।
कांग्रेस नेता ने प्रदेश में कुपोषण की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जहां पहले से ही कुपोषण राष्ट्रीय औसत से अधिक है, वहां पोषण आहार प्लांटों का बंद होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत सभी प्लांटों को फिर से चालू कराए और पोषण योजनाओं को मजबूत करे।
कमलनाथ ने बीजेपी सरकार को घेरा
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कमलनाथ ने कहा है कि “महिला वंदन का ढोल पीट रही भाजपा के शासन में प्रदेश के पोषण आहार प्लांट बंद पड़े हैं। इन प्लांटों पर करीब 300 करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है और प्राइवेट सप्लायर ने आपूर्ति रोक दी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को यह कर्ज चुकाना था, लेकिन प्रस्ताव कैबिनेट तक पहुंचा ही नहीं, जिससे समस्या और गहराती गई।” उन्होंने यह भी कहा कि जो महिलाएं पहले इन प्लांटों का संचालन कर आत्मनिर्भर बनी थीं, वे अब रोजगार के अभाव में मजदूरी करने को मजबूर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार के महिलाओं के सशक्तिकरण के दावों पर सवाल खड़े करती है।
सभी पोषण आहार प्लांट शुरु कराने की मांग
कमलनाथ ने प्रदेश में कुपोषण की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि एमपी में पहले से ही कुपोषण राष्ट्रीय औसत से अधिक है, वहां पोषण आहार प्लांटों का बंद होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की है कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर सभी प्लांटों को फिर से चालू कराए और पोषण योजनाओं को मजबूत करे।
दरअसल लगभग नौ साल पहले महिला स्व-सहायता समूहों को पोषण आहार तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था। इसका मकसद था कि ग्रामीण महिलाएं न सिर्फ बच्चों और किशोरियों के पोषण में योगदान दें, बल्कि खुद भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। सात जिलों में स्थापित इन प्लांटों ने शुरू में महिलाओं को रोजगार और सम्मान दोनों दिए। लेकिन अब कई प्लांट महीनों से बंद पड़े हैं। कारण है पुराने तय रेट पर काम करना, बढ़ती उत्पादन लागत और समय पर अनुदान न मिलना। नतीजा ये हुआ कि प्लांटों पर कर्ज लगातार बढ़ता गया और सप्लायरों ने भुगतान न होने के कारण कच्चा माल देना बंद कर दिया है जिस कारण पोषण आहार प्लांट बंद हो गए हैं।
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