पुतिन-अराघची मुलाकात: रूस ने ईरान को दिया खुला समर्थन, क्या पश्चिम एशिया में थमेगा तनाव?
सेंट पीटर्सबर्ग: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस और ईरान की करीबी एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कहा कि उनका देश ईरान के हितों का पूरा समर्थन करेगा और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। यह बयान उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में हुई अहम बैठक के दौरान दिया।
तीन देशों के दौरे पर अराघची
अराघची इन दिनों तीन देशों के दौरे पर हैं और रूस उनकी दूसरी मंजिल है। पाकिस्तान और ओमान के बाद उनका मॉस्को पहुंचना इस बात का संकेत है कि ईरान क्षेत्रीय हालात को लेकर सक्रिय कूटनीति में जुटा है।
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— RussiaNews ???????? (@mog_russEN) April 27, 2026
Vladimir Putin receives Abbas Araghchi in an official meeting in Moscow.
Putin affirmed during the meeting that the Iranian people are fighting bravely in defense of their sovereignty, expressing hope that Iran will overcome this difficult phase and that peace will return… pic.twitter.com/E7etlvwkK2
पुतिन का बड़ा बयान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुतिन ने कहा कि उन्हें इस्लामी नेतृत्व की ओर से संदेश मिला है और रूस, ईरान समेत क्षेत्रीय देशों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा मुश्किल हालात के बावजूद ईरान इस दौर से उबर जाएगा और क्षेत्र में जल्द स्थिरता लौटेगी।
पुतिन ने यह भी दोहराया कि रूस, क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए ईरान के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने दोनों देशों के पुराने रिश्तों को “मजबूत और भरोसेमंद” बताया।
अराघची का जवाब
रूस पहुंचने के बाद अराघची ने कहा कि ईरान और रूस के बीच हमेशा से रणनीतिक संवाद बना रहा है। हालिया परिस्थितियों में भले ही कुछ समय का अंतराल आया, लेकिन अब बातचीत फिर तेज हो गई है।
उन्होंने साफ किया कि इस दौरे का मकसद मौजूदा हालात पर चर्चा करना और दोनों देशों के रुख को और बेहतर तरीके से समन्वित करना है।
क्यों अहम है यह बैठक?
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। रूस और ईरान पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक-दूसरे के करीब रहे हैं, ऐसे में यह बैठक क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
आगे क्या?
अराघची अपनी यात्रा के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
'अमेरिका की रोज बेइज्जती कर रहा ईरान', जर्मनी ने क्यों कहा- अब नहीं बचा कोई रास्ता
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को कहा कि अमेरिका इस जंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं ढूंढ पा रहा है और ईरानी नेतृत्व, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिका को लगातार अपमानित किया जा रहा है।
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